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राजेश खन्ना जब पहली बार विज्ञापन करने लड़खड़ाते हुए पहुंचे थे स्टेडियम, कह दी थी दिल की बात

राजेश खन्ना ने जीवन में पहली बार बीमारी की हालत में ऐड फिल्म में काम किया था.

राजेश खन्ना ने जीवन में पहली बार बीमारी की हालत में ऐड फिल्म में काम किया था.

एक तरह से यह ऐड राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) के सुपरस्टारडम को सलाम थी. कुछ सेकेंड के इस ऐड फिल्म में उनके पुराने जादू को जिंदा करने की कोशिश थी. विज्ञापन इस पंच लाइन पर खत्म होता है कि उनके फैंस उन्हें कभी नहीं छोड़ सकते.

  • News18Hindi
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    मुंबई: बॉलीवुड के सुपरस्टार राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) ऐसे कलाकार थे जो ठान लेते थे उसे किसी भी हालत में पूरा करके ही छोड़ते थे. जीवन के आखिरी पल तक उन्होंने जो कमिटमेंट किया उसे निभाया. राजेश के स्टारडम को लेकर एक दिलचस्प कहानी बताते हैं. ये उन दिनों की बात है जब काका बहुत बीमार थे. अपने आपको सबसे अलग-थलग कर लिया था. मगर उन्हीं दिनों मशहूर एडवरटाइजिंग एजेंसी लोव लिंटास (Lowe Lintas) की तरफ से उन्हें एक ऑफर मिला. हैवेल्स फैन के इस विज्ञापन का कॉन्सेप्ट खासा दिलचस्प था.

    राजेश खन्ना के अलावा  इस ऐड में कोई फिट नहीं बैठता

    राजेश ने इससे पहले कभी किसी ऐड फिल्म में काम नहीं किया था और खासतौर पर तब जब वो किसी से मिलना जुलना भी नहीं चाहते थे. उनके विज्ञापन में काम करने की उम्मीद ना के बराबर थी. इसके निर्देशन की जिम्मेदारी मशहूर ऐड फिल्म मेकर और फिल्म डायरेक्टर आर बाल्की को दी गई. बाल्की का मानना था कि राजेश खन्ना के अलावा इस कॉन्सेप्ट पर कोई दूसरा एक्टर फिट नहीं बैठ सकता. लोगों के काफी समझाने बुझाने पर राजेश खन्ना इस ऐड को करने के लिए तैयार हो गए.

    काका की सेहत बहुत खराब थी

    राजेश खन्ना के साथ ऐड फिल्म की स्टोरी बोर्ड पर चर्चा की गई. ये फिल्म एक ऐसे शख्स के बारे में थी जिसका एक दौर में पूरा जमाना दीवाना था और अंत में उन सुनहरे दिनों को याद करते हुए वो स्टार कहता है ‘मेरे फैन मुझे कभी नहीं छोड़ सकते’…फैन शब्द पर जोर दिया जाना था क्योंकि पंखे का विज्ञापन था. शूटिंग के लिए एक बड़े स्टेडियम की जरूरत थी. प्रोडक्शन टीम को ये स्टेडियम बैंगलोर में मिला. मुश्किल ये थी कि राजेश खन्ना की सेहत उन्हें ट्रैवेल करने की इजाजत नहीं दे रही थी. लेकिन अपनी सेहत की परवाह न करते हुए राजेश बैंगलोर जाने के लिए तैयार हो गए.

    राजेश खन्ना ने पहली बार ऐड फिल्म में काम किया था.

    कमिटमेंट पूरा करते थे राजेश खन्ना

    जब शूटिंग की डेट के लिए राजेश खन्ना को फोन किया गया तो इसी बीच काका के पैर में हेयरलाइन फ्रैक्चर आ गया था. सूजन इतनी अधिक थी कि जूते पहनना और खड़े होना मुश्किल था. जब राजेश खन्ना से पूछा गया कि आप कर पाओगे ? तो जवाब दिया कमिटमेंट किया है, मैं करूंगा. दो दिन पेनकिलर्स लेकर हॉस्पिटल में एडमिट रहे और दो दिन बाद हॉस्पिटल से सीधे बैंगलोर शूटिंग करने पहुंच गए.

    राजेश खन्ना के सुपरस्टारडम को सलाम था

    राजेश खन्ना शूटिंग के लिए अपने साथ एक हेयर स्टाइलिस्ट और एक हेल्पर बॉय को भी साथ ले गए थे. ऐड डायरेक्टर आर बाल्की ने तय किया राजेश की गर्दन हिलाने वाली अदा के साथ उनका फेमस गाना ‘ये शाम मस्तानी’ को कोरस में गाया जाएगा. राजेश को ये आइडिया पसंद आ गया. एक तरह से यह ऐड राजेश खन्ना के सुपरस्टारडम को सलाम थी. कुछ सेकेंड के इस ऐड फिल्म में उनके पुराने जादू को जिंदा करने की कोशिश थी. विज्ञापन इस पंच लाइन पर खत्म होता है कि उनके फैंस उन्हें कभी नहीं छोड़ सकते. इस बात पर राजेश खन्ना को यकीन भी था. राजेश ऐड की शूटिंग वक्त इतने उत्साहित थे जैसे ये उनकी पहली फिल्म हो.

    काका अपने वैनिटी वैन में शूटिंग के लिए तैयार हुए. सफेद रंग की शर्ट पर ब्लैक बो लगाकर काले रंग का टक्सीडो पहना. चलना मुश्किल हो रहा था तो स्टेडियम के अंदर व्हील चेयर पर पहुंचे. सारे दर्द भूलकर टेक देते रहे और जब पैकअप हुआ तो पूरी टीम ने ताली बजाकर उनका स्वागत किया.  राजेश खन्ना के जिंदगी से जुड़ी इस घटना को पत्रकार लेखक यासिर उस्मान ने अपनी किताब ‘राजेश खन्ना: कुछ तो लोग कहेंगे’ में बताया है.

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