राजेश खट्टर-वंदना संजनानी बोले- 'कोरोना के दौर में हमने बहुत दुख सहा, सारी बचत खर्च हो गई'

वंदना सजनानी बोलीं- पिछले साल के लॉकडाउन से अब तक परिवार का कोई न कोई सदस्य अस्पताल में भर्ती ही हो रहा है. (rajesh_khattar/Instagram)

वंदना सजनानी बोलीं- पिछले साल के लॉकडाउन से अब तक परिवार का कोई न कोई सदस्य अस्पताल में भर्ती ही हो रहा है. (rajesh_khattar/Instagram)

एक्टर राजेश खट्टर (Rajesh Khattar) और पत्नी वंदना सजनानी (Vandana Sajnani) ने कहा है कि 2020 में केवल अस्पताल में भर्ती होने पर बहुत सारी बचत कम हो गई. काम बिलकुल नहीं हुआ, और जितनी बचत थी वो भी अस्पताल में भर्ती होने में और इस दो साल के लॉकडाउन में खर्च हो गई.

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मुंबई. देश कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) की गिरफ्त में है. देशभर में लोग अपने प्रियजनों के लिए उचित संसाधन की व्यवस्था करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और मेडिकल ट्रीटमेंट भी कई लोगों के लिए एक अतिरिक्त बोझ बनता जा रहा है. हाल ही में एक्टर ईशान खट्टर के पिता, एक्टर राजेश खट्टर (Rajesh Khattar) ने अपने संघर्ष और उनके परिवार के बुरे सपने के बारे में बात की.

एक वेबसाइट से बात करते हुए उनकी पत्नी वंदना सजनानी (Vandana Sajnani) ने खुलासा किया कि उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में अपनी लाइफ की लगभग सारी सेविंग्स परिवार के इलाज के लिए खर्च कर दी है. उन्होंने पिछले साल के अपने प्रसव के बाद के डिप्रेशन के बारे में भी बात की.

उन्होंने द क्विंट को बताया कि, 'पिछली बार मैं अस्पताल में था, मुझे वास्तव में नहीं पता था कि वहां क्या हो रहा था. पिछले साल मई में मुझे पोस्टपोर्ट्म डिप्रेशन (प्रसवोत्तर अवसाद) हुआ था, जब लॉकडाउन अपने चरम पर था. वास्तव में, तब से अब तक परिवार का कोई न कोई सदस्य अस्पताल में भर्ती ही हो रहा है.

काम की कमी के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि, 'एक एक्टर के रूप में यहां हम बहुत सारी बचत की बात कर रहे हैं, ... पिछले पूरे साल केवल अस्पताल में भर्ती होने पर बहुत सारी बचत कम हो गई. उसने हिंदी में आगे कहा कि, 'काम बिलकुल नहीं हुआ, और जितनी बचत थी वो भी अस्पताल में भर्ती होने में और इस दो साल के लॉकडाउन में खर्च हो गई.
उन्होंने कहा कि उनका बेटा कुछ महीनों के लिए आईसीयू में भर्ती था और तब से उन्होंने केवल एक एड में काम किया है. उन्होंने आगे कहा कि, 'इस बार बहुत धक्का लगा है, हमने बहुत दुख सहा है. मेरे पति और ससुर दोनों अस्पताल में भर्ती थे.' दूसरी ओर राजेश ने कहा कि उसके पिता ने इसे नहीं किया है और उन्हें उनका अंतिम संस्कार करने के लिए अस्पताल से सीधे एम्बुलेंस में आना पड़ा.

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