जब 'घायल' ने भर दी थी राजकुमार की ज़िंदगी में ताकत!

राजकुमार संतोषी की फाइल फोटो

अपने करियर के शुरुआती दिनों में राजकुमार ने विधु विनोद चोपड़ा के साथ काम किया. जिसके बाद उन्होंने गोविन्द निहलानी का साथ पकड़ा और उन्हें अपना गुरु मान लिया.

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फिल्म जगत का जाना माना नाम राजकुमार संतोषी भारत के बेहतरीन फिल्मकारों में गिना जाता है. यूं तो राजकुमार ने अपने जीवन में कई परेशानियों और संघर्षों का सामना किया है लेकिन ऐसी हर मुश्किल से निकल कर उन्होंने साबित किया कि वे क्यों सभी से बेहतर हैं.

राजकुमार संतोषी न सिर्फ एक बेहतरीन फिल्मकार हैं बल्कि एक बेहतर लेखक भी हैं. सनी देओल की 'घायल' से राजकुमार ने अपनी लेखनी का लोहा मनवा लिया था. राजकुमार का जन्म चेन्नई में हुआ था लेकिन जब वो महज़ 5 साल के थे तब ही उनका परिवार मुंबई में शिफ्ट हो गया था. राजकुमार की एजुकेशन की अगर बात करें तो जानकारी के अनुसार उन्होंने 10वीं क्लास तक की ही पढ़ाई की है. क्योंकि 11वीं की पढाई उन्होंने बीच में ही छोड़ दी थी. राजकुमार के पिता, प्यारेलाल संतोषी बॉलीवुड के जाने माने डायरेक्टर हुआ करते थे. सिर्फ बॉलीवुड में ही नहीं बल्कि उन्होंने साउथ की फिल्मों में भी अपनी पहचान बना रखी थी.

राजकुमार संतोषी भले ही अज बेहद सफल इंसान हों लेकिन उनकी ज़िंदगी में ये दौर एक बुरे दौर के बाद ही आया. कई मुश्किलें और संघर्षों का सामना कर आज उन्होने ये मुकाम हासिल किया. चेन्नई से जब वो मुंबई आकर बसे उसके बाद तो जैसे मुश्किलों का पहाड़ ही टूट पड़ा था. मुंबई में आकर उनके पिता को ज्यादा काम नहीं मिला. राजकुमार अपने परिवार के साथ ठाणे में एक किराए के मकान में रहने लगे. चूंकि राजकुमार भी डायरेक्शन की दुनियां में जाना चाहते थे इसलिए उन्होंने बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ दी और अपने पिता के साथ काम में लग गए.

लेकिन अचानक साल 1978 में राजकुमार के पिता की मृत्यु हो गई. जिसके बाद घर की सारी ज़िम्मेदारी राजकुमार के कांधों पर आ गई. इस दौरान उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हुआ करती थी.

अपने करियर के शुरुआती दिनों में राजकुमार ने विधु विनोद चोपड़ा के साथ काम किया. जिसके बाद उन्होंने गोविन्द निहलानी का साथ पकड़ा और उन्हें अपना गुरु मान लिया. और उनके साथ 5 फिल्मों में काम किया.

साल 1990 राजकुमार के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया. इस साल उन्होंने अपनी पहली फिल्म बनाई 'घायल'. सनी देओल की इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धमाका मचा दिया. हालांकि इसी वक्त उनके सामने आमिर की 'दिल' भी आई थी लेकिन दर्शकों से 'घायल' को काफी प्यार मिला. इस फिल्म के लिए राजकुमार को बेस्ट डायरेक्टर का फिल्म फेयर अवॉर्ड मिला. इनकी अगली फिल्म 'दामिनी' के लिए भी एक बार फिर इन्हें बेस्ट डायरेक्टर का फिल्म फेयर अवॉर्ड मिला.

इसके बाद तो राजकुमार ने जैसे सफलता की गाड़ी पकड ली और 'दाज़ अपना अपना', 'इना गेट', 'पुकार', ' लीजेंड ऑफ़ भगत सिंह' और अजब प्रेम की गजब कहानी जैसी फिल्मों को बनाया.

राजकुमार की पर्सनल लाइफ भी काफी पेचीदा रही. मीनाक्षी शेषाद्री के साथ कई फिल्मों में काम कर चुके राजकुमार उन्हें दिल ही दिल में चाहने लगे थे. राजकुमार ने एक बार तय कर लिया कि वो उन्हीं से शादी करेंगे और इसके लिए उन्होंने मीनाक्षी के सामने शादी का प्रपोसल भी रख दिया. लेकिन जैसे ही मीनाक्षी ने राजकुमार के दिल की बात सुनी तो उन्होने शादी से इनकार कर दिया.

कास्टिंग काउच जैसे आरोपों से घिर चुके राजकुमार विवादों से अक्सर घिरते ही रहे. फिल्म चाइना गेट के दौरान 90 के दशक की अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने राजकुमार पर कास्टिंग काउच का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके विरोध करने पर ही फिल्म से उनका रोल काटा गया है. इस आरोप से राजकुमार को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा.

बेशक राजकुमार की ज़िंदगी में बड़े उतार चढ़ाव आए लेकिन उन्होंने किसी भी संघर्ष से हार नहीं मानी और आज उनकी सफलता की कहानी हर किसी की जुबान पर मौजूद है.

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