ऋषि कपूर की तरह बाप क्यों नहीं बनना चाहते रणबीर कपूर

ऋषि कपूर की तरह बाप क्यों नहीं बनना चाहते रणबीर कपूर
ऋषि कपूर, रणबीर कपूर (फाइल)

रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) कहते हैं, ‘जब भी मेरी शादी होगी और मेरे बच्चे होंगे, तब मैं रिश्ते के इस समीकरण को बदलना चाहूंगा. मैं नहीं चाहता कि मेरा अपने बच्चों से रिश्ता इतना औपचारिक हो, जितना मेरा अपने पिता से रहा.’

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 30, 2020, 1:32 PM IST
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नई दिल्ली. बॉलीवुड के चहेते और सदबहार अभिनेता ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) अब हमारे बीच नहीं हैं. कैंसर से पीड़ित इस बेहतरीन अभिनेता का गुरुवार को मुंबई में निधन हो गया. 1970-80 के दशक में रोमांटिक भूमिकाएं निभाने वाले ऋषि ने अपने करियर के उत्तरार्द्ध में रऊफ लाला जैसे निगेटिव रोल भी किए और इससे प्रशंसकों के दिलों में उनके लिए प्यार और बढ़ गया. ऋषि अपने शानदार फिल्मी सफर के लिए लोगों के दिलों में हमेशा रहेंगे. लेकिन दिलचस्प बात यह है कि इस सबके बावजूद रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) अपने पिता की तरह नहीं बनना चाहते.

ऋषि कपूर ने अपनी आत्मथा लिखी है, खुल्लमखुला- ऋषि कपूर दिल से (Khullam Khulla: Rishi Kapoor Dil Se). इस किताब में रणबीर कपूर के हवाले से लिखा गया है, ‘जब भी मेरी शादी होगी और मेरे बच्चे होंगे, तब मैं रिश्ते के इस समीकरण को बदलना चाहूंगा. मैं नहीं चाहता कि मेरा अपने बच्चों से रिश्ता इतना औपचारिक हो, जितना मेरा अपने पिता से रहा. मैं उनसे अधिक मित्रतापूर्ण और अधिक घनिष्ठ होना चाहूंगा.’

रणबीर कपूर ने इसकी वजह भी बताई है कि वे अपने पिता की तरह क्यों नहीं होना चाहते. वे लिखते है, ‘मैं अपनी मां के अधिक करीब हूं. मुझे लगता है कि मेरे पिता ने अपने पिता को पिता रूप में आदर्श माना और इससे हमारा रिश्ता प्रभावित रहा. मैं उनके साथ एक विशेष लक्ष्मण रेखा को कभी पार नहीं कर पाया. मुझे इस रिश्ते में कोई कमी या खालीपन भी कभी नहीं लगा. हां, यह जरूर लगा कि काश हमारे बीच और अधिक मित्रता और घनिष्ठता होती या मैं उनके साथ कुछ और अधिक समय बिता पाता. कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है कि काश मैं भी कभी यूं ही फज्ञेन उठाता और उनसे पूछ पाता कि कैसे हैं. पर हमारे बीच ऐसा नहीं है. हमारे बीच फोन पर बात नहीं होती. हां, वे मुझे संदेश अवश्य देते हैं. वे मेरे काम के आर्थिक बोझ को भी संभालते हैं.’



यह एक पक्ष है कि रणबीर अपने पिता के बारे में क्या सोचते हैं. वे बार-बार यह भी जताते हैं कि उनसे कितना प्यार करते हैं. वे लिखते हैं, ‘साथ ही यह भी कहना चाहता हूं कि मैं अपने पिता से बेहद प्यार करता हूं और उनका अत्यधिक आदर करता हूं और वे मेरी प्रेरणा हैं. मैं कभी उनको अपने कारण से लज्जित नहीं होने दूंगा.’
रनबीर ने पिता को बताया अंतर्मुखी
ऋषि कपूर अपनी बेबाक राय के लिए मशहूर रहे हैं. वे हर मसले पर अपनी राय रखते थे. बिना हिचकिचाहट. लेकिन रणबीर मानते हैं कि उनके पिता अंतर्मुखी थी. रनबीर लिखते हैं, ‘मैं जानता हूं कि मेरे पिता बिंदास और बेबाक लगते हैं, पर वास्तव में वे अपने तक सीमित रहने वाले अंतर्मुखी इंसान हैं. उन्हें अपने अंतरतम को दूसरों के सामने लाने में संकोच होता है. शायद ऐसा इसलिए है क्योंकि वे एक अभिनेता हैं. इस नाते वे बहुत सी भावनाएं अपने हृदय में सुरक्षित रखते हैं.’

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