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रितम श्रीवास्तव ने इस वजह से बनाई वेब सीरीज 'बीहड़ का बागी', बताई कुछ रोचक बातें

सत्य घटनाओं से प्रेरित यह 5 एपिसोड का ड्रामा 'बीहड़ का बागी' एक 'बागी' के जीवन को दर्शाया गया है.
सत्य घटनाओं से प्रेरित यह 5 एपिसोड का ड्रामा 'बीहड़ का बागी' एक 'बागी' के जीवन को दर्शाया गया है.

फिल्म डायरेक्टर रितम श्रीवास्तव (Ritam Srivastav) की ये दूसरी वेब सीरीज है. इससे पहले उनकी पहली वेब सीरीज 'रक्तांचल' रीलीज हुई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 2, 2020, 8:52 PM IST
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नई दिल्ली. वेब सीरीज 'बीहड़ का बागी (Beehad Ka Baghi)' एमएक्स प्लेयर पर रिलीज हो चुकी है और इसे लेकर काफी अच्छे रिव्यू सामने आ रहे हैं. फिल्म डायरेक्टर रितम श्रीवास्तव (Ritam Srivastav) की ये दूसरी वेब सीरीज है. इससे पहले उनकी पहली वेब सीरीज 'रक्तांचल' रीलीज हुई थी. 'रक्तांचल' को भी दर्शकों का भरपूर प्यार मिला था. बता दें, रितम पिछले 10 सालों से बॉलीवुड में सक्रिय हैं. उन्होंने प्रकाश झा के साथ 'राजनीति', 'आरक्षण', 'सत्याग्रह' और 'चक्रव्यू' जैसी कई फिल्मों में बतौर एक असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम किया है.

'बिहड' में एक नहीं, कई कहानियां हैं
News18 Hindi से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि वो कहानियों और किस्सों को अपने हिसाब से बताना चाहते थे, इसलिए उन्होंने 'बीहड़ का बागी' को डायरेक्ट किया. रितम उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं और एक फिल्म निर्देशक बनने से पहले उन्होंने काफी मेहनत की है. उन्होंने बताया कि 'बिहड' में इतनी कहानियां कि आप जब सुनना शुरू करेंगे तो आप सोच में पड़ जाएंगे. आपको लगेगा कि किस स्टोरी पर फिल्म बनाई जाए. रितम के अनुसार अगर 'बीहड़ का बागी' का रेस्पॉन्स काफी अच्छा रहा तो इस पर और भी सीजन लेकर आएंगे.

बताई शूटिंग के दौरान की रोटक कहानियां
रितम बताते हैं कि चित्रकूट और बुंदेलखंड के जिस गांव में वह इस वेब सीरीज की शूटिंग कर रहे हैं, वहां के लोग बहुत सपोर्टिव थे. उन्होंने बताया कि एक दिन जब वह शूट कर रहे थे तो एक छोटा सा बच्चा सेट पर आया और कहने लगा कि मां ने आप सभी लोगों के लिए छाछ भेजवाया है, आप लोग सुबह से काम कर रहे हैं, इतना मेहनत करे हैं.. ये सारी चीजें रितम के दिव को छू गई. इसी तरह फिल्म में एक जगह चुनावी रैली को दिखाया गया, जहां एक महिला चुनाव में खड़ी है.. तो गांव एक बंदा हर बार उनसे आकर कहता था कि मैडम चुनाव आप ही जीतोगे. दरअसल, उस बंदे को ऐसा लग रहा था कि वो सच का चुनाव में खड़ी हैं, क्योंकि शूटिंग के दौरान वह हमेशा भाषण देती नजर आ रही थीं.





वेब सीरीज में अश्लीलता पर कही ये बातें
वहीं, रितम ने कहा कि वेब सीरीज में आजादी जरूर मिली है. यहां हम खुलकर अपनी पूरी बातों बताने की आजादी मिली है, लेकिन हमें इस पर ध्यान देना चाहिए कि हम किसी तरह की कोई बॉर्डर को क्रॉस न करें. वैसे हर सीरीज में रेटिंग दर्शाया जाता उम्र के हिसाब से, जैसे- 13+, 18+. तो दर्शकों को इस चीज का खासा ध्यान रखने की भी जरूरत है. वैसे जहां तक बात सेंसर की है, तो यहां तो खुद दर्शक ही सेंसर की भूमिका निभा सकते हैं. यह राइट तो उनके पास है, उन्हें जो अच्छा न लग रहा हो, वे उसे देखें ही न.

कैसी है इस वेब सीरीज की कहानी
बता दें, सत्य घटनाओं से प्रेरित यह 5 एपिसोड का ड्रामा 'बीहड़ का बागी' एक 'बागी' के जीवन को प्रमुखता से दिखाता है, जो उसके परिवार के खिलाफ किए गए अत्याचार के खिलाफ विद्रोह कर देता है. 1998 की पृष्ठभूमि वाली यह कहानी है शिव कुमार की- उसके विद्रोह की और उसके बाद चित्रकूट और बुंदेलखंड में एक खूंखार डाकू के तौर पर उसके आतंक की. परिस्थितियों ने उसे एक डाकू के तौर पर अपराध की जिंदगी चुनने के लिए मजबूर कर दिया, लेकिन इसमें भी बहुत बड़ा फर्क था. एक आधुनिक रॉबिनहूड या दद्दा के तौर पर पहचाने जाने वाला, उसे गरीबों का मसीहा कहा जाता था. उसके साहस और दृढनिश्चय ने उसे एक शक्तिशाली इकोसिस्टम बनाने में मदद की जिसके आगे पुलिस, प्रशासन और यहाँ तक की सबसे शक्तिशाली राजनीतिक नेता भी उसके अधीन हो गए. यह वेब सीरीज सभी के लिए एमएक्स प्लेयर पर बिल्कुल मुफ्त है.
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