36 साल की उम्र में ‘वीनस ऑफ हिंदी सिनेमा’ मधुबाला ने दुनिया को कहा था अलविदा

मधुबाला के दिल में एक छेद था और इस बात का पता उन्हें 'मुगल ए आजम' की शूटिंग के दौरान लग गया था.

मधुबाला (Madhubala) हिंदी सिनेमा (Indian cinema) का ऐसा नाम है, जिसका जिक्र आते ही आंखों के आगे हसीन-जहीन चेहरा घूम जाता है. ऐसी खूबसूरती जिसे एक बार देख लिया जाए तो जेहन से निकालना मुश्किल है.

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    नई दिल्ली. हिंदी फिल्मों की सबसे हसीन अदाकारा मधुबाला को उनकी खूबसूरती के चलते ‘वीनस आफ हिंदी सिनेमा’ (Venus of Indian cinema) कहा गया. फिल्मी दुनिया में मधुबाला (Madhubala) का सफर बहुत छोटा रहा और उन्होंने मात्र 36 साल की उम्र में 23 फरवरी 1969 को दम तोड़ दिया. मधुबाला हिंदी सिनेमा का ऐसा नाम है, जिसका जिक्र आते ही आंखों के आगे हसीन-जहीन चेहरा घूम जाता है. ऐसी खूबसूरती जिसे एक बार देख लिया जाए तो जेहन से निकालना मुश्किल है. उनका जन्म 14 फरवरी, 1933 को दिल्ली में अताउल्लाह खान और आयशा बेगम के घर में हुआ था. वह 11 भाई-बहनों में पांचवें नंबर पर थीं. उनकी खूबसूरती का डंका दुनिया भर में बजता था.

    घर की जिम्मेदारी उठाने के लिए उन्होंने कम उम्र से ही काम करना शुरू कर दिया था. 1942 में 'बसंत' फिल्म से उन्होंने अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत की थी. 9 साल की उम्र में उन्हें 'बेबी मुमताज' का नाम दिया गया. दिलचस्प बात यह है कि उनकी दोस्ती उस दौर की दूसरी प्रसिद्ध बाल कलाकार 'बेबी महजबीं' से हो गई. 'बेबी मेहजबीं' और कोई नहीं बल्कि मीना कुमारी ही थीं. मधुबाला की खूबसूरती ऐसी थी कि 9 साल की उम्र में उन्हें फिल्म 'बसंत' में नायिका की बेटी की भूमिका मिल गई. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और काम करती रहीं. हालांकि उनका जीवन कभी भी आसान नहीं रहा.

    मधुबाला ने 'नील कमल' से बतौर लीड एक्ट्रेस हिंदी फिल्मों में डेब्यू किया. मधुबाला का फिल्मी करियर जितना सफल रहा था, उतनी ही परेशानियां उन्हें अपनी निजी जिंदगी में झेलनी पड़ी थी.

    मधुबाला का नाम डायरेक्टर कमल अमरोही और दिलीप कुमार से जुड़ा था. मधुबाला ने 1949 में कमल अमरोही की फिल्म 'महल' में काम किया था, जो उनके करियर का टर्निंग प्वॉइंट साबित हुआ था. इसी दौरान उनके बीच प्यार की शुरुआत हो गई, लेकिन कमल पहले से शादीशुदा थे और कुछ समय बाद मधुबाला और कमल का रिश्ता टूट गया. इसके बाद 1951 में फिल्म 'तराना' के सेट पर मधुबाला और दिलीप कुमार की मुलाकात हुई. दोनों बहुचर्चित फिल्म 'मुगल-ए-आजम' में साथ नजर आए थे. हालांकि उनका रिश्ता भी आगे नहीं बढ़ पाया. साल 1956 में मधुबाला की मुलाकात किशोर कुमार से हुई. 1960 में दोनों की शादी हो गई.

    मधुबाला के दिल में एक छेद था और इस बात का पता उन्हें 1950 के दशक के मध्य में फिल्म 'मुगल ए आजम' की शूटिंग के दौरान लग गया था, लेकिन अपने बड़े परिवार की जिम्मेदारियों के तले दबे होने के कारण और अपने करियर की बुलंदी पर होने की वजह से मधुबाला ने इस गंभीर बीमारी को गंभीरता से नहीं लिया। ऐसे में धीरे धीरे ये बीमार और बड़ी हो गई. दिलीप कुमार और किशोर कुमार तक, हर किसी से प्यार में मधुबाला को निराशा मिली तो वहीं खुद मधुबाला के दिल तक ने उन्हें धोखा दे दिया. बीमारी के वक्त मधुबाला, किशोर कुमार के साथ थीं. बताया जाता है कि ऐसे वक्त में भी पति किशोर कुमार ने उन्हें अपने साथ नहीं रखा और अलग रहने के लिए भेज दिया था. किशोर कुमार, मधुबाला का हालचाल भी दो- चार महीनों में एक बार लिया करते थे.

    अपने बुरे वक्त में भी पति से दूर होने के कारण मधुबाला दुखी रहने लगी थीं. एक ओर जहां मानसिक रूप से वह टूट रहीं थीं, तो वहीं दूसरी ओर शारीरिक रूप से भी बेहद कमजोर हो गई थीं. आखिरकार 23 फरवरी 1969 को 36 बरस की उम्र में मधुबाला ने दम तोड़ दिया.

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