'धूम' फेम रिमी सेन बोलीं- घर के हालात से कम उम्र में नोट छापने की मशीन बन गई

रिमी सेन ने बताया कि उन्होंने ‘बुधिया सिंह- बॉर्न टू विन’नाम की एक फिल्म बनाई थी, जिसे नेशनल अवार्ड भी मिला था. (Photo: Instagram@subhamitra03)

रिमी सेन ने बताया कि उन्होंने ‘बुधिया सिंह- बॉर्न टू विन’नाम की एक फिल्म बनाई थी, जिसे नेशनल अवार्ड भी मिला था. (Photo: Instagram@subhamitra03)

एक लेटेस्ट इंटरव्यू में रिमी सेन (Rimi Sen) ने बताया कि, जब वे बहुत छोटी थी उस दौरान उनके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी. इसके कारण उन्हें कम उम्र में ही फिल्मों में काम करना पड़ा. जिम्मेदारियों के कारण वे अपनी परिवार के लिए नोट छापने की मशीन की तरह थीं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 31, 2021, 5:24 PM IST
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मुंबई. बॉलीवुड को ‘धूम’ (Dhoom), ‘हंगामा’, (Hungama), ‘गोलमाल: फन अनलिमिटेड’ (Golmaal: Fun Unlimited) जैसी हिट फिल्में देने वाली एक्ट्रेस रिमी सेन (Rimi Sen) सालों से फिल्मों से दूर हैं. वे लगभग एक दशक से फिल्मों से दूर हैं. वे इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर खबरों में बनी हुई हैं.

हाल ही में उन्होंने अपने करियर के बारे में कई बातें बताई हैं. एक लेटेस्ट इंटरव्यू में रिमी सेन ने बताया कि, जब वे बहुत छोटी थी उस दौरान उनके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी. इसके कारण उन्हें कम उम्र में ही फिल्मों में काम करना पड़ा. जिम्मेदारियों के कारण वे अपनी परिवार के लिए नोट छापने की मशीन की तरह थीं. उन्होंने आगे बताया कि, 'मैं करियर बनाने के लिए सोच-समझकर फिल्मों में नहीं आई हैं. परिवार के स्थितियों के कारण वे काम करने के लिए मजबूर थीं. बच्चों के खेलने की छोटी उम्र में वे परिवार के लिए नोट छापने की मशीन बन गई थीं. अब तक की लाइफ में बहुत स्ट्रगल किए हैं. स्ट्रगल से मैंने अपना ऐसा मुकाम बनाया है कि अपनी आगे की जिंदगी खुशी से जी सकती हूं.'

रिमी सेन को रिएलिटी शो बिग बॉस के 2015 में आए सीजन-9 में देखा गया था. खबरों के अनुसार, शो के मेकर्स ने बिग बॉस के घर में 50 दिन रहने के लिए रिमी को 2 करोड़ रुपए दिए थे. इसके बारे में उन्होंने बताया कि बिग बॉस के पैसों से उन्हें बहुत आर्थिक मदद मिली. यह मेरे लिए एक बड़ा अमाउंट था.

रिमी ने फिल्मों में वापसी करने के बारे में भी बात की. उन्होंने बताया कि, ‘मैं फिल्मों से 10 साल से दूर हूं, लेकिन मुझे यह बताने में खुशी है कि मुझे पैपराजी को पोज देकर फोटो खिंचवाना पसंद नहीं है. इसके बजाय मुझे कैमरे के पीछे काम करना पसंद है. मैंने ‘बुधिया सिंह- बॉर्न टू विन’ नाम की एक फिल्म बनाई थी, जिसे नेशनल अवार्ड भी मिला था. इसके साथ ही साथ मैं और भी प्रोजेक्ट्स कर रही हूं. जैसे ही प्रोजेक्ट फाइनल हो जाएंगे, मैं उनके बारे में अनाउंसमेंट करूंगी.’
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