एक नहीं दो बार दाऊद इब्राहिम से मिले थे ऋषि कपूर, दूसरी बार नीतू कपूर भी थीं साथ

एक नहीं दो बार दाऊद इब्राहिम से मिले थे ऋषि कपूर, दूसरी बार नीतू कपूर भी थीं साथ
ऋषि कपूर ने अपनी आत्मकथा खुल्लमखुल्ला में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से दो बार अपनी मुलाकात का जिक्र किया है

अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim) की मौत की खबरों को लेकर अभी किसी तरह की पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन उसे लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. उनमें ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) के साथ उसकी मुलाकात को भी एक बड़ी बात कही जा रही है.

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मुंबई. अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim) को लेकर कहा जा रहा है कि उसकी मौत हो गई है. वह कराची के एक अस्पताल में भर्ती था. कोरोना काल में उसकी लंबी बीमारी से चल रही लड़ाई समाप्त हो गई. लेकिन अभी इस बात की कोई पुख्ता जानकारी नहीं हुई है. हालांकि इधर भारत में उससे जुड़ी कई कहानियां उभरकर सामने आने लगी हैं. इन्हीं में से एक कहानी के बारे में विरल बयानी ने आकर्षण खींचा है. उन्होंने अपने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में ऋषि कपूर और दाऊद के मुलकात की कहानी लिखी है. हालांकि इसका स्रोत ऋषि की आत्मकथा खुल्लमखुल्ला ही है.

अपनी आत्मकथा 'खुल्लमखुल्ला' में ऋषि कपूर ने बताया है कि कैसे उनकी और दाऊद की मुलाकात हुई थी. उन्होंने खुलासा किया था कि 1988 में जब वो और उनके एक करीबी दोस्त, आर डी बर्मन व आशा भोंसले के एक कार्यक्रम में शामिल होने दुबई गए थे, तभी उनकी मुलाकात दाऊद से हुई. किताब में बताया गया कि जब वो दुबई एयरपोर्ट पर थे तभी एक शख्स उनके पास फोन लेकर आया और उनके हाथ में थमाते हुए बोला कि दाऊद उनसे बात करेंगे. इस सब से ऋषि कपूर हैरान रह गए.





 






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When I was in school I remember there were lot of stories on gangster #DawoodIbrahim and people were very proud to announce that they met him and Bollywood had his nexus that we all have heard of. Now every six month there is news that he died and now the trending news is that he died of covid and his wife too has it. These are all unverified news. Late #RishiKapoor as we know was one coolio gangsta himself and he did not get scared of anyone including Dawood and had the guts to say no to him. Rishi, in his book #KhullamKhulla by @meenaiyerofficial , wrote of the two times he met Dawood. The first was in 1988, much before Dawood was on the run from Indian authorities. Rishi was in Dubai with his friend for an "Asha Bhosle-RD Burman night" and was spotted by Dawood's regular man at the airport, one of many who would be posted at and around airports to track "VIP movement". Dawood's hired guy then walked up to Rishi and offered him a phone saying, "Dawood sa'ab baat karenge (Dawood sa'ab would like to speak to you)." Dawood then invited Rishi to his house. Rishi and his friend were then picked up in a "gleaming Rolls Royce" and were driven around in circles so that they wouldn't be able to recognise the direction to Dawood's house. At his home, Dawood received Rishi Kapoor and his friend, and offered them tea and biscuits because he did not drink or serve alcohol. There, Dawood spoke of his exploits to Rishi and added that he had no regrets about them. Dawood also spoke of a murder he orchestrated in the Mumbai court, an incident which became the basis of a scene in the 1985 Sunny Deol-starrer Arjun. Before Rishi left the house, Dawood told him, "If you need anything at all, any money, anything, just feel free to ask me." However, the actor declined. The second time Rishi met Dawood was also in Dubai. This was the year 1989 and Rishi was shopping for shoes with his wife Neetu at a Lebanese store, where Dawood was also present, along with "eight or ten bodyguards" and "a mobile phone in his hand." This time too, Dawood offered to buy Rishi something but the actor said no again.


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उन्होंने फोन लिया तो लाइन पर सच में दाऊद था, जिसने ऋषि कपूर का स्वागत किया और कहा कि उन्हें किसी भी तरह की जरूरत हो तो वो बता सकते हैं. बाद में दाऊद ने ऋषि को अपने घर भी बुलाया. इस निमंत्रण पर ऋषि दाऊद के यहां पहुंचे थे. वहां पहुंचने पर उनका खुद दाऊद ने गर्मजोशी से स्वागत किया. ऋषि के मुताबिक दाऊद उस दौरान सफेद इटैलियन ड्रेस में था. उसने उनसे माफी मांगने के अंदाज में कहा कि मैंने चाय पर आपको इसलिए बुलाया है, क्योंकि मैं शराब नहीं पीता.

चाय पीते हुए उन्होंने करीब चार घंटे तक बातचीत की. इस दौरान दाऊद ने ऋषि को बताया कि उसे उनकी फिल्म ‘तवायफ’ बहुत पसंद आई थी, क्योंकि उसमें ऋषि के किरदार का नाम दाऊद था.

दाऊद ने इस दौरान ऋषि कपूर के सामने खुलासा किया कि उसने बस छोटी-मोटी चोरियां की हैं, लेकिन कभी किसी को जान से नहीं मारा. हां किसी को मरवाया जरूर है. ऋषि ने अपनी किताब में ये साफ किया कि ये मुलाकात 1993 में हुए बम ब्लास्ट के पहले हुई थी, जब वो दाऊद को भगोड़ा नहीं समझते थे.

दूसरी मुलकात में किया सामान खरीदवाने का ऑफर
दूसरी बार ऋषि कपूर की मुलाकात दाऊद से कैसे हुई. उसके बारे में भी उन्होंने "खुल्लमखुल्ला" में जिक्र किया. ये 1989 का बरस था. ऋषि अपनी बीवी नीतू के साथ दुबई में शॉपिंग कर रहे थे. एक लेबनीज स्टोर में वो जूते खरीदने गए. जहां दाऊद भी मौजूद था. उसके साथ आठ बॉडीगार्ड्स थे. हाथ में मोबाइल फोन था. इस बार भी दाऊद ने ऋषि को कुछ भी खरीदकर देने का ऑफर किया, लेकिन उन्होंने फिर मना कर दिया. उसके बाद दाऊद ने ऋषि को एक मोबाइल नंबर दिया, लेकिन ऋषि उसे अपना मोबाइल नंबर नहीं दे सके, क्योंकि तब तक भारत में मोबाइल फोन नहीं आए थे.

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ऋषि ने आत्मकथा में लिखा, "वो मेरे लिए हमेशा बेहतर रहा और हमेशा बहुत गर्मजोशी दिखाई लेकिन साथ ही ये लिखा कि मैं दाऊद को लेकर काफी कंफ्यूजन में उसके भारत के प्रति दृष्टिकोण को लेकर था. इसके बाद सबकुछ बदलने लगा था. मुझे नहीं मालूम कि उसे कितने देश से भागने दिया था. इसके बाद मेरी ना तो कभी उससे मुलाकात हुई और ना बात."

इस आत्मकथा के प्रकाशित होने के बाद ऋषि कपूर से दाऊद की मुलाकात के अंश पर विवाद भी हुआ. उनसे पूछा गया कि जब वो दाऊद से मिले थे तो इतने दिनों तक चुप क्यों थे. उन्होंने इस बारे में पुलिस या एजेंसियों को क्यों नहीं बताया.
First published: June 7, 2020, 6:33 AM IST
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