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Sacred Games 2 Review: इस बार दिखा गायतोंडे का अलग रूप, गुरूजी की धमाकेदार एंट्री

सेक्रेड गेम्स 2 रिव्यू

सेक्रेड गेम्स 2 रिव्यू

सेक्रेड गेम्स 2 (Sacred Games 2) में कुछ ऐसा देखने को मिलेगा जो आपने सोचा भी नहीं होगा.

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    'सेक्रेड गेम्स' का सीजन 2 (Sacred Games 2) रिलीज हो गया है. ये सीजन पहले वाले से कहीं ज्यादा बड़े और बेहतरीन तरीके से बनाया गया है. गणेश गायतोंडे (Ganesh Gaitonde) के किरदार में इस बार इतना कुछ है, जिसके बारे में आपने सोचा भी नहीं होगा. जिसका सीधा मतलब है कि आप को इस बार और भी रोमांच से भरी कहानी देखने को मिलने वाली है. ये सीरीज इतनी शानदार तरीके से बनाई गई है कि इस सीजन के साथ ही भारतीय कहानीकारों को दुनिया भर में पहचान मिल सकती है.

    नए सह-निर्देशक नीरज घायवान के साथ अनुराग कश्यप एक बार फिर लौटे हैं खून के प्यासे गैंगस्टर्स, अधिक सतर्क पुलिस, नए खिलाड़ियों का पूरा झुंड, और भी नुकीले दातों वाली सरकार के साथ. वो जो चाहें पूरे कानून के साथ कर सकते हैं, लेकिन उन्हें गोपालमठ गणेश गायतोंडे के आदमी की जरूरत है अपनी योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए.

    सबकुछ पहले से बेहतरीन


    अब हम आपको ज्यादा स्पॉयलर्स नहीं देंगे, लेकिन ये जरूर बता देंगे कि सिर्फ एक ही झटके में निर्देशकों ने इस 'गेम' को हम सबसे से ज्यादा बड़ा बना दिया है.

    इस फिल्म की खास बात अनुराग कश्यप का ट्रेडमार्क स्टाइल भी है, जिसमें वो टाइम लैप्स को न्यूज क्लिप, गाने और खास प्रॉप के जरिए दिखाते हैं. वो आपको कहीं भटकने नहीं देते एक मिनट के लिए भी नहीं. इस सीजन में राजनीति का दिलचस्प एंगल भी दिखाया गया है, जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगा.

    हालांकि, कहीं-कहीं इसके साथ समझौता भी दिखता है. जैसे कि डायरेक्टर पूरी तरह इसे एक गैंगस्टर की कहानी बनाने पर तुला है. विक्रम चंद्रा कि किताब से ली गई कुछ बातें साफ नजर आती हैं. यही बात है जो इसे ऐसी कहानी बनाती है जो शायद ही भारतीय सिनेमा के इतिहास में पहले कभी कही गई है.

    गायतोंडे और सरताज की जुबानी पूरी कहानी


    सैफ अली खान का किरदार सरताज सिंह धीरे-धीरे और भी मजबूत हो रहा है. खास बात ये है कि इस किरदार में 'उदास लेकिन लवेबल' वाली पहचान बरकरार रखी गई है. वो इस केस को अपने तरीके से इंवेस्टिगेट करता है. एक तरह से गायतोंडे से ज्यादा इस बार सरताज सिंह इस कहानी को कह रहा है. अगर गायतोंडे एक क्रिमिनल की नजर से कहानी बता रहा है, तो वहीं सरताज पुलिस और सरकार का एंगल भी समझा रहा है. ये कॉम्बिनेशन इस सीरीज को और भी दिलचस्प बना देता है.

    गुरूजी की शानदार एंट्री


    जहां एक तरफ पहला सीजन सिर्फ गायतोंडे के दंगों की कहानी थी. वहीं, दूसरी तरफ दूसरा सीजन कई और बड़े कैरेक्टर्स को इंट्रोड्यूस करता है. जिसमें एक शानदार किरदार 'गुरूजी' का भी शामिल है. इस किरदार को अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने निभाया है.

    गायतोंडे की जिंदगी में कई औरतों का राज भी इस सीजन में खुल गया है. खास तौर पर जोजो (सुरवीन चावला) का राज. इस सीजन में डायरेक्टर ने अजीबो-गरीब मुंहफट्ट लुटेरी का एक मानवीय एंगल भी दिखाया है. हालांकि ये सिर्फ मर्दों की दुनिया ही बनी रहती है, जहां औरतें आती तो हैं, लेकिन परिस्थितियों की वजह से मात खा जाती है.

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