सहारा समूह ने की नेटफ्लिक्स की ‘बैड बॉय बिलिनेयर्स’ वेबसीरीज पर रोक लगाने की मांग

सहारा समूह (Sahara Group) ने गुरुवार को नेटफ्लिक्स (Netflix) की वेब सीरीज ‘बैड बॉय बिलिनेयर्स (Bad Boy Billionaires: India)’ पर रोग लगाने की मांग की. (Photo: Netflix India)
सहारा समूह (Sahara Group) ने गुरुवार को नेटफ्लिक्स (Netflix) की वेब सीरीज ‘बैड बॉय बिलिनेयर्स (Bad Boy Billionaires: India)’ पर रोग लगाने की मांग की. (Photo: Netflix India)

सहारा समूह (Sahara Group) ने गुरुवार को नेटफ्लिक्स (Netflix) की वेब सीरीज ‘बैड बॉय बिलिनेयर्स (Bad Boy Billionaires: India)’ पर रोग लगाने की मांग की है. साथ ही कंपनी से ‘हल्के शोध और आधारहीन’ सामग्री को कार्यक्रम से हटाने के लिए सुधारात्मक कार्रवाई करने के लिए कहा है.

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नई दिल्ली. सहारा समूह (Sahara Group) ने गुरुवार को नेटफ्लिक्स (Netflix) की वेब सीरीज ‘बैड बॉय बिलिनेयर्स (Bad Boy Billionaires: India)’ पर रोग लगाने की मांग की है. साथ ही ऑनलाइन मनोरंजन कंपनी से ‘हल्के शोध और आधारहीन’ सामग्री को कार्यक्रम से हटाने के लिए सुधारात्मक कार्रवाई करने के लिए कहा है. सहारा समूह का आरोप है कि नेटफ्लिक्स के इस कार्यक्रम का उद्देश्य उसकी छवि को नुकसान पहुंचाने का दिखाई देता है.

सहारा इंडिया परिवार के प्रवक्ता ने नेटफ्लिक्स की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘पूरी फिल्म झूठ का पुलिंदा है. इसमें तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है और यह नेटफ्लिक्स की सहारा समूह की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है.’ सहारा समूह ने कहा कि वेब सीरीज में गलत तरीके से दिखाया गया है कि कंपनी चिटफंड का कारोबार करती है. साथ ही फिल्म में गलत आरोप लगाया गया है कि समूह के जमाकर्ता वास्तविक नहीं है.

समूह ने एक बयान में कहा, ‘यह पूर्णतया गलत है, हम कभी भी एक चिटफंड कंपनी नहीं रहे. हम शुरुआत से ही 21 साल से भारतीय रिजर्व बैंक के नियम, फर्म और सोसायटी रजिस्ट्रार के नियमों के तहत काम कर रहे हैं. इसके बाद हमने कारपोरेट मामलों के मंत्रालय के तहत काम किया और अब हमारे कर्मचारियों ने आगे कदम बढ़ाया है और कंपनी कृषि मंत्रालय के नियमन के तहत सहकारी समिति चला रही है.’



बंद खातों से भी नहीं की गई है एक पैसे की जब्ती
सहारा समूह ने कहा है कि सहारा की किसी भी योजना में चाहे खाता जारी है अथवा बंद चल रहा है एक पैसे की भी जब्ती नहीं हुई है. ‘फिल्म में दिखाया गया है कि कंपनी के एजेंट गांवों में जाना बंद कर देते हैं और जब उनका खाते में योगदान बंद हो जाता है तो खाताधारक को पत्र मिलता है कि उनकी राशि को जब्त कर लिया गया है, यह सब सहारा समूह की छवि को धूमिल करने का प्रयास है.’

समूह ने इस वेब सीरीज को कमजोर शोध पर आधारित और वास्तविकता से परे बताते हुए फिल्म के दुनियाभर में प्रसारण पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है और नेटफ्लिक्स से सही सूचनाएं जुटाने को कहा है. सही सूचनाओं को शामिल करने के बाद ही इस वेब सीरीज को प्रसारित किया जाना चाहिए.
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