संजय दत्त को खाल उधड़ने तक पीटता था ये शख्स, पट्टी खुलवाकर फिर पीटा जाता था

संजय दत्त की जिंदगी में इतने पन्ने हैं कि पढ़ते-पढ़ते आदमी थक जाएगा. उनकी जिंदगी किसी काल्पनिक उपन्यास की सी लगती है.

News18Hindi
Updated: July 29, 2019, 10:55 AM IST
संजय दत्त को खाल उधड़ने तक पीटता था ये शख्स, पट्टी खुलवाकर फिर पीटा जाता था
संजय दत्त की बचपन में हुई थी बेतहाशा पिटाई.
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Updated: July 29, 2019, 10:55 AM IST
सुनील दत्त के घर पर दोस्त आए हुए थे. सब लोग अपने में मगन थे. पार्टी चल रही थी. तभी अचानक सुनील की नजर एक लड़के पर पड़ी. वह लड़का लोगों द्वारा फेंकी गई सिगरेट के टुकड़ों से धुआं खींचने की कोशिश कर रहा था. उस लड़के का नाम है, संजय दत्त. जो आज अपना 60वां जन्मदिन मना रहे हैं.

इस घटना ने दत्त साहब पर ऐसा प्रभाव डाला कि उन्होंने संजय को घर से दूर भेजने की ठान ली. उन्होंने संजय को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के सनवार स्थित लॉरेंस बोर्डिंग स्कूल में भेज दिया. उन्हें लगा था कि शायद घर से दूर रहकर संजय सुधर जाएगा. लेकिन हुआ इसका एकदम उलट.

बोर्डिंग स्कूल में आने से पहले ही संजय दत्त इतने खुराफाती हो चुके थे कि यहां आने के बाद वह और ज्यादा निरंकुश हो गए. लेकिन बोर्डिंग स्कूल के नियम-कानून संजय से भी सख्त थे. इस दरमियान संजय दत्त के साथ जो हुआ उसे यासिर उस्मान ने अपनी किताब ''संजय दत्त'' में 'शोषण' कहा.

स्कूल में अक्सर ऐसा होता था जब संजय दत्त को उनकी करामातों के चलते कड़ी सजा मिलती थी. संजय दत्त के साथ इस बोर्डिंग स्कूल में पढ़ने वाले बताते हैं कि उन्हें बेतहाशा पीटा जाता था. लेकिन संजू इससे बाज नहीं आते थे. अगली बार वह और ज्यादा खौफनाक हरकत करते थे.



टीचर ने खीज कर संजय दत्त की पिटाई का डोज बढ़ा दिया
टीवी शो Rendezvous विद सिमी ग्रेवाल में भी संजय की पिटाई के बारे में चर्चा हो चुकी है. संजय दत्त के दोस्तों ने कई बार बताया है कि बोर्डिंग स्कूल में उन्हें ऐसे पीटा जाता था कि उनकी खाल उधड़ जाती थी. कई बार तो ऐसा हुआ कि बोर्डिंग स्कूल के एक अध्यापक ने संजय दत्त की पट्टियां खुलवाईं और उनकी पुरानी चोटों पर फिर से पीटा.
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यासिर उस्मान अपनी किताब में लिखते हैं कि बोर्ड‌िंग स्कूल के कुछ अध्यापक ऐसे थे जिनका मानना था कि संजय दत्त एक सेलिब्रेटी के लड़के हैं, अगर इन्हें सजा नहीं दी जाएगी तो दूसरे लड़कों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा. इस चक्कर में कई बार संजय दत्त की आम बच्चों से ज्यादा पिटाई की जाती.

sanjay dutt

हालांकि संजय दत्त की जिंदगी इस तरह की सैकड़ों कहानियां से भरी पड़ी हैं. उनकी जिंदगी पर बनी फिल्म में भी हमने उनके बदहवासी तक नशा करने और फिर उससे मुक्ति पा लेने के बारे में देखा. युवावस्था में मां को खोने के बाद वह इस स्तर तक नशे के आदी हो चुके थे कि जब उनकी पहली फिल्म रिलीज हुई तो वह यह समझने की हालत तक में नहीं थे कि उनके साथ क्या हो रहा है.

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इन्हीं सब की परिणिति हुई कि उन्हें मुंबई बम धमाके मामले में पांच साल की कैद भी काटनी पड़ी. लेकिन यह बात भी उतनी ही सच कि संजय दत्त हर बार विजेता की तरह लड़े और जीतकर आए. अब जब वह अपनी जिंदगी के 60वें पड़ाव पर पहुंच रहे हैं तो एक आदर्श पिता के तौर पर फिल्म ‌इंडस्ट्री में अपना योगदान दे रहे हैं.
First published: July 29, 2019, 9:52 AM IST
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