• Home
  • »
  • News
  • »
  • entertainment
  • »
  • संजय दत्त के खून में है राजनीति, पहले भी सांसद बनने की कोशिश कर चुके हैं ‘संजू’ बाबा

संजय दत्त के खून में है राजनीति, पहले भी सांसद बनने की कोशिश कर चुके हैं ‘संजू’ बाबा

बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त जल्द 'कलंक' फिल्म में नजर आने वाले हैं.

बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त जल्द 'कलंक' फिल्म में नजर आने वाले हैं.

अटकलें लगाई जा रही है कि सपा–बसपा गठबंधन इस बार गाज़ियाबाद लोकसभा सीट से संजय दत्त को टिकट दे सकती है.

  • Share this:

    संजय दत्त के पिता सुनील दत्त एक जाने माने समाजसेवी, सांसद और खेलमंत्री रहे. उनकी बहन प्रिया दत्त मुंबई से लोकसभा सांसद चुनी गईं और राजनीति में दत्त परिवार की छवि स्ट्रॉन्ग होती गई. हालांकि संजय दत्त का नाम मुंबई बम धमाकों और अंडरवर्ल्ड के साथ जुड़ जाने की वजह से उनका राजनीतिक करियर पहले से ही खटाई में पड़ा हुआ माना जा रहा था. लेकिन संजू बाबा ने 2009 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के टिकट से चुनाव लड़ने का मन बना लिया था. संजय दत्त को पार्टी का टिकट मिलना लगभग तय था. लेकिन उस दौरान सुप्रीम कोर्ट की उनपर सख्ती के चलते उन्होंने अपना फैसला बदल लिया.


    संजू बाबा को जेल हुई और बॉलीवुड के साथ-साथ राजनीति में भी उनका काल समाप्त माना जा रहा था. लेकिन अब पॉलिटिक्स में संजय दत्त की री एंट्री हो सकती है. उन्होंने सज़ा पूरी काटी, उनके उपर एक बायोपिक आई जिसमें एक तरह से उन्होंने अपनी गलतियों को स्वीकार किया और अपनी छवि सुधारने की कोशिश की और अब वो जमकर चैरिटी भी कर रहे हैं. 5 साल में लोगों की भावनाएं संजय दत्त के पक्ष में झुकी हैं. मुंबई के लोगों के बीच में उनकी छवि विवादित हो सकती है. लेकिन देश के दूसरे कोनों में, जहां उनकी फिल्मों से ही लोग उन्हें जानते हैं, संजय अब एक सुधर चुके इंसान हैं.



     अटकल लगाई जा रही है कि सपा – बसपा गठबंधन इस बार गाज़ियाबाद लोकसभा सीट से संजय दत्त को टिकट दे सकती है. समाजवादी पार्टी ने 2009 में भी संजय को अपना कैंडिडेट घोषित किया था और इस बार भी वो संजय पर दांव खेलना चाहती है. संजय अगर मैदान में उतरते हैं तो वर्तमान सरकार में मंत्री जनरल वी के सिंह से संजय का मुकाबला होगा.


     संजय दत्त अपनी फिल्म संजू में साफ कर चुके हैं कि वो पॉलिटिक्स में जाने की चाहत नहीं रखते. वो कई बार कह चुके हैं कि भले ही वो एक पॉलिटिकल फैमिली से आते हैं लेकिन पॉलिटिक्स में उनकी कोई रुचि नहीं है. पर क्या संजय दत्त के पास इससे बाहर कोई विकल्प है ?


     जेल से वापसी करने के बाद से संजय की बायोपिक को छोड़कर उनकी अन्य फिल्मों ने अच्छा बिज़नेस नहीं किया है. वो सलमान, शाहरुख, अक्षय और आमिर से काफी पीछे रह गए हैं और उनकी उम्र के बाकी दोनों हीरो – सनी देओल और गोविंदा इस वक्त हिट फिल्मों के लिए तरस रहे हैं. ऐसे में संजय दत्त को भी विकल्प तलाशना होगा. उनकी बड़ी रिलीज़ कलंक जल्द दर्शकों के सामने होगी लेकिन अगर ये फिल्म हिट होती है तो इसका श्रेय सिर्फ संजय को नहीं मिलेगा. ऐसे में या तो उन्हें निर्माता बनना होगा या फिर उन्हें बड़े भाई और पिता के रोल स्वीकार करने होंगे.



     कुल मिलाकर संजय के लिए राजनीति एक अच्छा विकल्प हो सकता है. उनके पास बायोपिक का भावुक सपोर्ट है, उत्तर भारत में उनकी फिल्मों के फैन्स बहुत हैं और समाजवादी पार्टी भी उन्हें पसंद करती है. ऐसे में संजू, सासंद हो बन जाएंगे, इतना मुश्किल नहीं लगता.


    यह भी पढ़ें:


    Lok Sabha Election 2019: पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव में शामिल होंगी ये एक्ट्रेस? दिया राहुल गांधी का साथ


    एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज