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शाहरुख खान-महिमा चौधरी की 'परदेस' के 25 साल हुए पूरे: सुभाष घई ने बताया कैसे चुने थे फिल्म के किरदार

शाहरुख खान-महिमा चौधरी की 'परदेस' के 25 साल हुए पूरे: सुभाष घई ने बताया कैसे चुने थे फिल्म के किरदार

परदेस के 25 वर्ष पूरे (File)

परदेस के 25 वर्ष पूरे (File)

Pardes completes 25 years: साल 1997 में रिलीज हुई सुभाष घई की फिल्म 'परदेस' (Pardesh) शाहरुख खान, महिमा चौधरी और अमरीश पुरी और अपूर्व अग्निहोत्री लीड रोल में थे. यह फिल्म आज के दिन 8 अगस्त को रिलीज हुई थी. आज इस फिल्म के रिलीज हुए पूरे 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं.

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बॉक्स ऑफिस पर कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जिनका करिश्मा साल दर साल बीत जाने के बाद भी ज्यों का त्यों बना रहता है. ऐसी ही बॉक्स ऑफिस पर धमाल करने वाली फिल्म रही है ‘परदेस’, जिसे आज 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं. सुभाष घई के निर्देशन में बनी फिल्म ‘परदेस’ की टीम आज सिल्वर जुबली मना रही है, जिसके चर्चे देश के अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, कू ऐप पर तेजी से शेयर हो रहे हैं.

इसके लिए फिल्म के निर्देशक सुभाष घई ने अपने कू हैंडल के माध्यम से एक बहुत ही खूबसूरत इंटरव्यू साझा किया है, जिसमें उन्हें अपने किरदारों को चुने जाने का सारा निचोड़ पेश किया है. ‘परदेस’,’राम लखन’, ‘हीरो’, ‘कर्ज़’, ‘ताल’, ‘अपना सपना मनी मनी’, ‘कर्मा’ और ‘ओम शांति ओम’ जैसी खूबसूरत फिल्म्स देने वाले सुभाष घई ने इंटरव्यू के दौरान फिल्म में किरदारों को कास्ट करने के अपने वास्तविक अनुभव साझा किए.

सबसे पसंदीदा फिल्म में से एक है ‘परदेस
निर्देशक ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘8 अगस्त 1997 को रिलीज़ हुई मेरी फिल्म #PARDES में मेरे सितारों को कास्ट करने के अपने वास्तविक अनुभव को आपके साथ साझा कर रहा हूं. फिल्म की सिल्वर जुबली का जश्न मना रहे हैं, क्योंकि यह अपने 25वें वर्ष में अभी भी युवाओं और परिवारों के लिए सबसे पसंदीदा फिल्म में से एक है.’

जानिए क्या कहा डायरेक्टर ने
सुभाष घई कहते हैं कि एक राइटर और डायरेक्टर होने के नाते मेरा सबसे पहला फोकस कैरेक्टराइज़ेशन पर होता है. ये कैरेक्टर्स ही कहानी को खूबसूरती से बयान करते हैं. अच्छी कहानी लिखना काफी मुश्किल है. उससे भी मुश्किल है स्क्रीनप्ले लिखना और उससे भी ज्यादा मुश्किल है किरदारों को कलर देना. मुझे खुशी है कि आज भी फिल्म को उसी शिद्दत के साथ पसंद किया जाता है.

कहानी लिखने का एक उसूल होता है कि पहले किरदार और उसकी कहानी लिखी जाए, इसके बाद स्टार्स को उसमें फिट करके देखा जाए. मैंने कभी भी स्टार को देखकर किरदार नहीं लिखा. पहले मैं खुद से जज करता हूं कि किसी किरदार विशेष में स्टार फिट होता है या न्यू कमर, उसके बाद ही उसे फाइनल करता हूं.

Tags: Mahima Chaudhary, Shahrukh khan

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