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  • BOLLYWOOD SHARMAN JOSHI SAYS HOPEFULLY GRAHAM STAINES WILL GET TO PEOPLE UNDERSTAND THE IMPORTANCE OF TOLERANCE

शरमन जोशी ने फिर उठाया सहिष्‍णुता का मामला, बोले- लोग शायद अब समझेंगे

शरमन जोशी.

अनीश डेनियल द्वारा निर्देशित यह फिल्म 1999 में ओडिशा में ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टुअर्ट स्टेन्स और उनके दो नाबालिग बेटों की नृशंस हत्या पर आधारित है.

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    मुंबई. अभिनेता शरमन जोशी (Sharman Joshi) को लगता है कि उनकी आने वाली फिल्म ‘ग्राहम स्टेन्स, एक अनकही सच्चाई: द लीस्ट ऑफ दीज’ इस मायने में एक अहम फिल्म साबित होगी कि यह धार्मिक कट्टरपंथ के विषय को दिखाती है जो इस समय समाज में काफी हद तक व्याप्त है.

    अनीश डेनियल द्वारा निर्देशित यह फिल्म 1999 में ओडिशा में ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टुअर्ट स्टेन्स और उनके दो नाबालिग बेटों की नृशंस हत्या पर आधारित है.

    शरमन जोशी (41) ने कहा कि फिल्म किसी भी तरह की कट्टरता पर सवाल खड़े करती है और लोगों को सहिष्णुता का मतलब समझाती है.

    उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘सच्ची कहानी पर आधारित होने की वजह से यह एक खास फिल्म है. फिल्म के माध्यम से हम उम्मीद कर रहे हैं कि यह दर्शकों को संदेश देगी कि किसी भी तरह की कट्टरता का विरोध होना चाहिए.’’

    जोशी ने कहा, ‘‘आप किसी भी धर्म, पंथ या दर्शन को मानते हों, उसे पूरी आजादी मिलनी चाहिए. फिल्म का उद्देश्य हम सभी को सहिष्णुता का मतलब समझाना है.’’

    ग्राहम स्टेन्स 1965 से ओडिशा में एक ईसाई मिशनरी संगठन के लिए काम करते थे जो कुष्ठ रोग पीड़ितों की मदद करता था.



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    वर्क फ्रंट की बात करें तो शरमन आने वाले दिनों में 'मुंबई सागा' में दिखाई देंगे. इसमें जॉन अब्राहम, काजल अग्रवाल, इमरान हाशमी, जैकी श्रॉफ, सुनील शेट्टी, गुलशन ग्रोवर समेत कई अन्य कलाकार होंगे. जबकि उन्हें आखिरी बार आर बाल्कि की फिल्म 'मिशन मंगल' में देखा गया था.
    Published by:Janardan Pandey
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