शिखा धारीवाल का कॉलमः बॉलीवुड में एक रात की 'समझौता डील'

एक्ट्रेस ने कहा कि बॉलीवुड में दिक्कत यह है कि अगर आप सम्मान देकर सर-सर बुलाकर काम मांगते हैं तो प्रोड्यूसर और डायरेक्टर को लगता है कि इसके पास काम नहीं, इसे काम की ज़रूरत है तो इसका फ़ायदा उठाया जा सकता है और अगर कट-टू-कट बात करके काम मांगो तो यहां काम मिलता ही नहीं.

शिखा धारीवाल | News18Hindi
Updated: August 10, 2019, 4:48 PM IST
शिखा धारीवाल का कॉलमः बॉलीवुड में एक रात की 'समझौता डील'
शिखा धारीवाल का कॉलमः बॉलीवुड में एक रात की 'समझौता डील'
शिखा धारीवाल | News18Hindi
Updated: August 10, 2019, 4:48 PM IST
बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री (Film Industry) में सबसे मशहूर सुपरस्टार्स में से एक हैं. वहीं उनकी पत्नी जया बच्चन, बेटा अभिषेक बच्चन और बहू ऐश्वर्या राय बच्चन, सभी फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़े हैं, लेकिन इसके बावजूद अमिताभ ने अपनी बेटी श्वेता नंदा को कभी एक्टिंग करियर में उतरने की सलाह नहीं दी. वहीं ऋषि कपूर भी दूसरा बड़ा उदाहरण हैं. कपूर ख़ानदान की कई पीढियां फ़िल्म इंडस्ट्री की सफल और मशहूर लिस्ट में रही हैं.

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जहां एक तरफ़ ऋषि कपूर का बेटा रणबीर कपूर फ़िल्म इंडस्ट्री की लाईम लाइट में हैं तो वहीं बेटी रिद्धिमा ने शादी कर घर बसा लिया. यहां तक कि कहानी सोनाक्षी सिन्हा की भी कुछ ऐसी ही थी सोनाक्षी, अभिनेत्री बनना चाहती थीं, लेकिन पिता शत्रुघन सिन्हा, सोनाक्षी के फ़िल्म इंडस्ट्री में आने के ख़िलाफ़ थे हालांकि सलमान खान और सलीम खान के बहुत समझाने के बाद शत्रुघन सिन्हा ने सोनाक्षी को फ़िल्मों में काम करने की इजाज़त दे दी.

फ़िल्म इंडस्ट्री में ऐसे कई और उदाहरण हैं कि ख़ुद फ़िल्म इंडस्ट्री का हिस्सा होने के बावजूद स्टार्स अपनी बेटियों को फ़िल्म इंडस्ट्री में आने की सलाह नहीं देते, अब आप सोचिए जब ख़ुद बड़े बड़े स्टार्स कहीं ना कहीं अपनी बेटियों को इंडस्ट्री से दूर रखना चाहते हैं, ऐसे में एक मध्यमवर्गीय परिवार अपनी बेटी को फ़िल्म इंडस्ट्री में करियर बनाने के लिए आसानी से कैसे तैयार हो सकता है?

जब बात बच्चों की आती है तो स्टार्स से लेकर आम परिवार तक अपने बच्चों को ख़ास तौर से लड़कियों को अगर फ़िल्म इंडस्ट्री में आने की इजाज़त नहीं देते हैं. क्योंकि इसके पीछे भी कई कहानियां और वजह हैं... तो चलिए इस हफ़्ते आपको फ़िल्म इंडस्ट्री की ऐसी ही कुछ कहानियां बताती हूं जिसे सुनकर आप भी चौंक जाएंगे.

पूजा जल्द ही एक फ़िल्म में नज़र आएंगी.


एक टीवी अभिनेत्री हैं पूजा बिष्ट, जो काफ़ी पहले एमटीवी के एक शो में पर्दे पर नज़र आई थीं. उसके बाद टीवी एक्टर शरद मल्होत्रा के साथ रिश्ते को लेकर काफ़ी सुर्ख़ियो में रहीं. अब जल्द पूजा एक फ़िल्म में नज़र आएंगी. हाल ही में इनसे मेरी मुलाक़ात हुई... तो कास्टिंग को लेकर बात हो रही थी और पूजा बता रही थीं कि उन्हें कई बार फ़िल्म साइन करने के बाद कास्टिंग डायरेक्टर ने कहा कि अब उन्हें फ़िल्म की शूटिंग के साथ-साथ डायरेक्टर और प्रोड्यूसर के साथ समझौता भी करना है.
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पूजा, चर्चा करते हुए कहती हैं कि मैंने शुरुआत में कुछ नहीं कहा क्योंकि मामला मेरे करियर से जुड़ा था और मेरे लिए यह बड़ा चांस था, लेकिन मैंने बहुत सोचा और फिर मुझे लगा कि अगर आज समझौता कर लिया तो ज़िंदगी भर सिर्फ़ समझौता ही करूंगी और ऐसा भी नहीं था कि छोटे बजट की छोटे डायरेक्टर की फ़िल्म थी जो इस तरह की शर्तें बताई जा रही थीं. यह फ़िल्म एक बड़े डायरेक्टर और प्रोड्यूसर की थी. हालांकि समझौता नहीं किया तो मुझे फ़िल्म से बाहर कर दिया गया और ऐसा एक बार नहीं बल्कि बहुत बार हुआ. उन्होंने कहा कि कई बार मुझे फ़िल्म का रोल मेरे टेलेंट पर मिला, लेकिन एक रात का समझौता नहीं करने के चक्कर में मुझे उन फ़िल्मों से बाहर भी तुरंत कर दिया गया.

पूजा का कहना था कि कई बार मुझे फ़िल्म का रोल मेरे टेलेंट पर मिला, लेकिन एक रात का समझौता नहीं करने के चक्कर में मुझे उन फ़िल्मों से बाहर भी तुरंत कर दिया गया.


हालांकि पूजा की बात सुनते हुए मैं ख़ुद भी हैरान थी, क्योंकि इस तरह की अंदर की कहानियां कम ही बाहर आती हैं. मैंने सकुचाते हुए पूछा कि अच्छा तो फिर यह प्रोड्यूसर और डायरेक्टर ऐसी शर्तें क्यों रखते हैं? इस पर पूजा कहती हैं कि असल में फ़िल्म इंडस्ट्री के प्रोड्यूसर हीरोइन को घुमाने उनसे अफ़ेयर करने में स्टेटस समझते हैं. कई तो ऐसे लोग है जो फ़िल्म इंडस्ट्री में अपना स्टेट्स दिखाने आते हैं तो उनके लिए फ़िल्म और टेलेंट से ज़्यादा ज़रूरी अफ़ेयर और एक रात का समझौता है और ऐसा करने वालों की लिस्ट में बॉलीवुड के बड़े बड़े नाम शामिल हैं. इनकी यह सब समझौता वाली हीरोइन के साथ शर्तें ये ख़ुद डिस्कस नहीं करते बल्कि कास्टिंग डायरेक्टर करता है.

आजकल बॉलीवुड में कास्टिंग डायरेक्टर फ़िल्म की कास्टिंग के साथ-साथ समझौता डील कराने और लड़कियों को डायरेक्टर और प्रोड्यूसर के पास भेजने का भी काम करता है. पूजा ने कहा उन्हें कोई मलाल नहीं कि इस तरह कितनी फ़िल्में उनके हाथ से चली गईं क्योंकि वह समझौता डील पर एक बार साइन कर इसकी दलदल में नही फंसना चाहती थीं.

हालांकि आज कास्टिंग काउच पर कई इंडस्ट्री के बड़े जानकार कहते हैं कि पहले कास्टिंग काउच हुआ करती थी, लेकिन अब इंडस्ट्री में बदलाव आया है और अब कास्टिंग काउच जैसा कुछ नहीं होता है. लेकिन पूजा बिष्ट की कहानी मेरे दिमाग़ में घूम रही थी इसलिए मैंने सोचा कि कास्टिंग काउच के मुद्दे पर फ़िल्म इंडस्ट्री की अभिनेत्रियों से चर्चा की जाए ताकि पता तो चले कि सिर्फ़ इक्का दुक्का केस हैं या फिर वाक़ई 'समझौता' नाम की डील धड़ल्ले से चल रही है.

शर्लिंन ने तपाक से कहा कि हां समझौता डील ही नहीं बल्कि बॉलीवुड में बहुत कुछ होता है.


इस बात को लेकर अभिनेत्री शर्लिंन चोपड़ा से चर्चा शुरू हुई तो शर्लिंन ने तपाक से कहा कि हां समझौता डील ही नहीं बल्कि बॉलीवुड में बहुत कुछ होता है. उन्होंने बताया कि शुरुआत में मुझसे भी कई प्रोड्यूसर और डायरेक्टर डिनर पर चलने की बात करते थे. तब मैं सोचती थी कि डिनर पर ही क्यों जाना है लंच पर भी तो जा सकते हैं. लेकिन इस डिनर पर चलने का असली मतलब मुझे तब पता चला जब मुझे डिनर पर बुलाकर अपनी हवस मिटाने की बात की और तब मुझे समझ आया कि बॉलीवुड में डिनर पर बुलाने का मतलब हवस से है.

उन्होंने कहा कि बॉलीवुड में दिक्कत यह है कि अगर आप सम्मान देकर सर-सर बुलाकर काम मांगते हैं तो प्रोड्यूसर और डायरेक्टर को लगता है कि इसके पास काम नहीं, इसे काम की ज़रूरत है तो इसका फ़ायदा उठाया जा सकता है और अगर कट-टू-कट बात करके काम मांगो तो यहां काम मिलता ही नहीं.

शर्लिंन 2016 का एक क़िस्सा शेयर करते हुए बताती हैं कि मैंने कुछ दिन पहले राम गोपाल वर्मा को Whatsapp मेसेज कर काम मांगा था मैंने उन्हें लिखा था कि आपके साथ काम करना चाहती हूं किसी फ़िल्म में मौक़ा दें, लेकिन आप यक़ीन नहीं मानेंगी कि उन्होंने जबाब में मुझे एक वीडियो का यूट्यूब लिंक भेजा और बोला मैं ऐसी फ़िल्म बना रहा हूं और आप काम करना.

शर्लिंन 2016 का एक क़िस्सा शेयर करते हुए बताती हैं कि मैंने कुछ दिन पहले राम गोपाल वर्मा को Whatsapp मेसेज कर काम मांगा था


लेकिन जब मैंने लिंक खोलकर देखा तो यह एक पोर्न फ़िल्म का लिंक था तब मुझे बहुत अटपटा लगा मैंने उनसे पूछा कि ये तो अडल्ट फ़िल्म है तो उन्होंने जबाब कहा कि हां मैं बना रहा हूं. ये फ़िल्म और तुम सिर्फ़ स्क्रिप्ट पढ़ो और अपना फ़ीडबैक बताओ, मैंने उनकी भेजी स्क्रिप्ट पढ़ी तो मैंने वापस मैसेज किया कि इसमें सिर्फ़ सेक्स सीन है कहानी तो कुछ है ही नहीं तो उन्होंने कहा कि तुम स्क्रिप्ट पर ज़्यादा ध्यान मत दो, मैं डायरेक्टर हूं यह मेरा काम है.

अब मैंने रामगोपाल वर्मा से मेसेज पर ही पूछा कि अच्छा यह अडल्ट फ़िल्म बॉलीवुड में रिलीज़ होगी या हॉलीवुड? तो उन्होंने कहा नहीं ये फ़िल्म सिर्फ़ अडल्ट मार्केट में रिलीज़ होगी. तब मैंने उनसे पूछा कि जब यह फ़िल्म बॉलीवुड में रिलीज़ ही नहीं होगी तो मेरा क्या फ़ायदा है?

इस पर राम गोपाल वर्मा ने कहा कि सनी लियोनी को अडल्ट मार्केट से देखो कितना फ़ायदा मिला है. तो मैंने कहा कि सर मैं कोई सेक्स एक्सपर्ट नहीं हूं, अगर आप मुझे अच्छा रोल और कहानी दें तो मैं ज़रूर करूंगी, लेकिन शायद मैं आपके इस प्रोजेक्ट में फ़िट नहीं हूं. तब राम गोपाल का एक और मैसेज था कि तुमने प्लेबॉय शूट किया तुमको तो आना चाहिए. तब मैंने कहा सर प्लेबॉय एक ब्रांड शूट था प्लेबॉय सेक्स स्टोरी की कहानी या फ़िल्म नहीं थी उसके बाद उन्होंने मुझे सेक्स ज्ञान और डेफ़िनेशन समझाते हुए कई मेसेज किए, लेकिन मैं समझ गई कि इनसे दूर रहना ही बेहतर है.

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शर्लिन, चर्चा को आगे बढ़ाते हुए कहती हैं कि उस वक़्त मैं हिल गई थी कि रंगीला, सत्या, कंपनी जैसी फ़िल्म बनाने वाले मेरे फ़ेवरेट डायरेक्टर मुझे ऐसे रोल देकर सेक्स की परिभाषा समझा रहे हैं. मेरी ख़्वाहिश थी कि उनकी किसी फ़िल्म में करूं, लेकिन मुझे उनका ऑफ़र हिला गया. हालांकि मैंने उस फ़िल्म के बारे में बाद में पता किया तो पता चला कि उनकी उस अडल्ट फ़िल्म का नाम God Sex And Truth था जिसके लिए उन्होंने किसी अडल्ट स्टार को साईन किया था.

शर्लिन, चर्चा को आगे बढ़ाते हुए कहती हैं कि उस वक़्त मैं हिल गई थी कि रंगीला, सत्या, कंपनी जैसी फ़िल्म बनाने वाले मेरे फ़ेवरेट डायरेक्टर मुझे ऐसे रोल देकर सेक्स की परिभाषा समझा रहे हैं.


शर्लिंन चोपड़ा और पूजा बिष्ट जैसी और भी कास्टिंग काउच से जुड़ी कई कहानियां हैं... ऐसे में सोचने वाली बात यह है कि कहीं बदलता दौर और मॉडर्न ट्रेंड हद से ज़्यादा ही तो नहीं हावी हो गया कि पिछले कई सालों में फ़िल्मों के साथ साथ एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री इतनी बदलती चली गई कि यहां फ़ैशन, ट्रेंड और स्टेट्स के चक्कर में लोग महिलाओं के सम्मान की अहमियत ही भूलते जा रहे है.

हालांकि पिछले दिनों में बॉलीवुड में #Metoo की आंधी ज़रूर आई जिसमें ऐसे कई क़िस्से कहानियां बाहर आईं. सोशल मीडिया पर भी जमकर शोर-शराबा हुआ, लेकिन बदलाव कुछ ख़ास नज़र नहीं आया. उम्मीद है कि आने वाले वक़्त में फ़िल्म इंडस्ट्री के लोग बदलते ट्रेंड, फ़ैशन और सिनेमा के साथ साथ अपनी मानसिकता को भी बदल इस समझौता डील से बाहर निकलेंगे.

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First published: August 10, 2019, 7:07 AM IST
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