बॉलीवुड इंसाइडः बड़ी फ़िल्मों में काम करने के बावजूद स्टारडम की तलाश में हैं ये सितारे

श्रेयस तलपड़े से स्टारडम पर हुई बातचीत.

श्रेयस तलपड़े से स्टारडम पर हुई बातचीत.

शिखा धारीवाल के कॉलम में आज पढ़िए उन अभिनेताओं की दास्तान जो बॉलीवुड की बड़ी फिल्मों में दमदार अभिनय करने के बावजूद आज भी अपने दरवाजे पर फैंस की भीड़ देखने को तरस रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 10, 2019, 2:06 PM IST
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मुंबई. नए एक्टर्स को अक्सर ऐसा लगता है कि बॉलीवुड में एंट्री करते ही रातों-रात सक्सेस मिल जाएगी और उनकी पहली फ़िल्म रिलीज़ होते ही उनके घर के बाहर फ़ैंस की भीड़ होगी. जबकि हक़ीक़त ये है कि फ़िल्म इंडस्ट्री में सालों से काम करने और कई फ़िल्मों में दमदार रोल तो निभाने के बावजूद कई स्टार्स आज भी स्टारडम तलाश रहे हैं. अभिनेता कुणाल खेमु (Kunal Khemu), तुषार कपूर, उदय चोपड़ा, जैकी भगनानी, सूरज पंचोली, विवेक ओबरॉय, जुगल हंसराज, आफ़ताब शिवदसानी, अरशद वारसी, संजय कपूर, चंद्रचूढ़ सिंह, राहुल रॉय और श्रेयस तलपडे़ (Shreyas Talpade) से लेकर कई ऐसे एक्टर्स हैं जिन्हें फ़िल्म इंडस्ट्री में ब्रेक तो अच्छी फ़िल्मों में मिला लेकिन ये एक्टर्स ऑडियंस पर इमप्रेशन ज़माने में नाकामयाब रहे.



हाल ही में मेरी श्रेयस तलपडे़ से बातचीत हुई तो उनसे मार्केटिंग और पीआर स्ट्रेटेजी से लेकर डायरेक्शन और फ़िल्मों पर भी चर्चा हुई. बातचीत में मैंने उनसे पूछा कि स्ट्रगल के वक़्त लगता होगा स्टार बन जाऊं और काम मिल जाए, लेकिन ऐसी कोई बात जो पीछे छूट गई? इस पर श्रेयस ने हंसते हुए कहा कि यार सच कहूं तो आज भी पीछे मुड़कर देखता हूं तो यही सोचता हूं कि काश स्टारडम मिल जाए. मुझे ‘इक़बाल’ जैसी फ़िल्म मिली और एक्टिंग भी लोगों को ख़ूब पसंद आई और उसके बाद मुझे शाहरुख़ के साथ ‘ओम् शांति ओम्’ जैसी फ़िल्म में काम करने का मौक़ा मिला. रोहित शेट्टी की ‘गोलमाल’ सीरीज़ का हिस्सा रहा, लेकिन इसके बावजूद मुझे स्टारडम नही मिली.



sooraj pancholi
सूरज की फिल्म सेटेलाइट शंकर रिलीज हुई.






श्रेयस ने चर्चा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि जब मैं हर रविवार को अमिताभ बच्चन के घर के बाहर आज भी फ़ैंस की लंबी क़तारें और भीड़ देखता हूं तो सोचता हूं काश मुझे भी ऐसी स्टारडम मिल जाए. शाहरुख़ के घर ईद और उनके बर्थडे पर फ़ैंस की भीड़ देखकर दुआ करता हूं कि ऐसी स्टारडम मिलनी चाहिए. मुझे लाइफ़ में फ़िलहाल सिर्फ़ स्टारडम की कमी खलती है.
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श्रेयस की बात मैंने सुनी और महसूस भी कर रही थी. इसलिए मैंने उनसे पूछा कि क्या आपको नहीं लगता कि आजकल स्टारडम मेंटेंन करने के लिए पब्लिसिटी और सोशल मीडिया की मार्केटिंग भी ज़रूरी है? आप तो इस रेस में काफ़ी पीछे हैं? मेरी इस बात पर श्रेयस ने मज़ाक़ करते हुए कहा अरे सिर्फ़ पीछे नहीं बल्कि मैं मार्केटिंग के मामले में फिसड्डी रह गया. सच कहूं तो आजकल स्टार्स और स्टारडम के लिए मार्केटिंग बहुत ज़रूरी है. बस कोशिश कर रहा हूं कि इस कमी को दूर करूं.



shreyas talpde
श्रेयस अमिताभ और शाहरुख जैसी स्टारडम चाहते हैं.




श्रेयस तलपडे़ ने बहुत ही सादगी से इतनी बड़ी बात कह दी. लेकिन इस चर्चा के बाद मैं उन तमाम एक्टर्स का दर्द और कॉम्प्लेक्स महसूस कर सकी जो फ़िल्म इंडस्ट्री में करियर तो चुन चुके हैं, लेकिन फ़िल्मों में काम करने के बावजूद भी दर्शकों का प्यार पाने में नाकामयाब रहे. हालांकि कई एक्टर्स इस लिस्ट में ऐसे भी है जिन्हें अपने फ़िल्मी परिवार या फिर अच्छी सिफ़ारिश के चलते डायरेक्टर -प्रोड्यूसर फ़िल्मों में काम तो देते रहते हैं. लेकिन दर्शकों का दिल जितने में ये बतौर सोलो हीरो नाकामयाब रहते हैं.



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