सिंगर कुमार सानू ने स्वीकारा, नेपोटिज्म हर जगह है लेकिन बॉलीवुड में ज्यादा है

कुमार सानू ने वीडियो शेयर कर बॉलीवुड में छिड़ी नेपोटिज्म बहस पर अपनी बात कही है.
कुमार सानू ने वीडियो शेयर कर बॉलीवुड में छिड़ी नेपोटिज्म बहस पर अपनी बात कही है.

कुमार सानू (Kumar Sanu) ने नेपोटिज्म (Nepotism) की बहस पर कहा कि, ‘यह आप हैं जो हमें बनाते हैं. कौन किसको बनाएगा, कौन किसको फिल्म इंडस्ट्री से निकाल देगा यह फिल्म बनाने वाले या ऊपर के लोग तय नहीं कर सकते. यह आपके हाथ में है कि किसे रखना है और किसे गिराना.’

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सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की आत्महत्या के बाद से फिल्म इंडस्ट्री के अंदर से भेदभाव से लेकर भाई-भतीजावाद, बाहरी और फिल्म इंडस्ट्री का, फिल्म इंडस्ट्री के बड़े परिवार या किसी गॉडफादर से जुड़ा होने और बिना गॉडफादर के संघर्ष करने वाले जैसे सवाल उठाए जा रहे हैं. ऐसे सवाल अभिनव सिंह कश्यप, कंगना रनौत, कोएना मित्रा, अनुभव सिन्हा (Anubhav Sinha), निर्माता निखिल द्विवेदी, हेयर स्टाइलिस्ट सपना मोती भवनानी उठा चुके हैं. इस बहस में फेमस सिंगर कुमार सानू (Kumar Sanu) भी शामिल हो गए हैं. उन्होंने कहा है कि, ‘सुशांत सिंह राजपूत ने छोटी उम्र में बहुत कम समय में बहुत अच्छा-अच्छा काम किया, बॉलीवुड को अच्छी-अच्छी फिल्में दीं और फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अच्छी जगह बना ली.’

विश्वास नहीं हो रहा है कि सुशांत ने सुसाइड कर लिया
कुमार सानू ने कहा, 'मुझे अभी तक भरोसा ही नहीं हो रहा है कि सुशांत सिंह राजपूत ने सुसाइड कर लिया है. जहां तक मैंने सुना है कि वे बहुत पॉजिटिव इंसान और एक बेहतरीन ऐक्टर थे. बहुत कम समय में उन्होंने अच्छा-अच्छा काम किया और बॉलीवुड को कई हिट फिल्में दीं और अपनी अच्छी जगह बना ली. बिहार से आए ऐसे कई टैलेंटेड ऐक्टर्स बॉलीवुड में हैं, जिन्हें देश ने देखा है. शत्रुघन सिन्हा, मनोज बाजपेयी, शेखर सुमन, उदित नारायण और सुशांत सिंह राजपूत जैसे कलाकार बिहार ने दिए हैं. सुशांत उम्र में हमारे बच्चे के जैसे हैं और इतनी कम उम्र में उन्होंने बहुत अच्छा काम किया. उन्होंने बहुत अच्छी फिल्में कीं और हमारा मनोरंजन भी किया.'

भगवान सुशांत की आत्मा को शांति दे
कुमार सानू ने आगे कहा कि, 'मैं यही कहूंगा कि भगवान उनकी आत्मा को शांति दे. मन अभी भी कह रहा है कि काश, सुशांत सिंह राजपूत ने ऐसा कदम नहीं उठाया होता. उनकी मौत से एक अलग ही क्रांति दिखाई दे रही है. नेपोटिज्म हर जगह होती है लेकिन बॉलीवुड में ज्यादा होती है. यह आप हैं जो हमें बनाते हैं. कौन किसको बनाएगा, कौन किसको इंडस्ट्री से निकाल देगा यह फिल्म बनाने वाले या ऊपर के लोग तय नहीं कर सकते हैं. यह आपके हाथ में है कि किसे रखना है और किसे गिराना. आप ही हैं, जो सभी आर्टिस्टों को बनाते हैं.'



पहले करें यह काम, फिर करें स्ट्रगल
कुमार सानू ने आखिर में कहा, 'मुंबई में फिल्म इंडस्ट्री और म्यूजिक इंडस्ट्री में बाहर से आकर स्ट्रगल करने वालों को मैं एक ही सलाह दूंगा कि पहले आप कोई जॉब पकड़ लो फिर स्ट्रगल करो. मैंने भी ऐसा ही किया था और फिर स्ट्रगल किया. ऐसा करने से आपको रहने-खाने की दिक्कत नहीं होगी और किसी के सामने झुकना नहीं पड़ेगा. इससे आप अपने टैलेंट को भरपूर दिखा पाएंगे. मुझे उम्मीद है कि सुशांत सिंह राजपूत की वजह से आने वाली पीढ़ी को बराबर काम मिलेगा. मैं यही कहूंगा कि सुशांत सिंह राजपूत मर के भी अमर हो गया.'
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