कॉर्पोरेट जॉब छोड़ एक्टिंग की दुनिया में करियर बनाने निकले सोहम पावसकर

कॉर्पोरेट जॉब छोड़ एक्टिंग की दुनिया में करियर बनाने निकले सोहम पावसकर
सोहम बताते हैं कि उन्होंने अपने स्कूल के समय में ही एक्टिंग शुरू कर दी थी. उन्होंने युवावस्‍था में कई नाटक में किरदार निभाए थे.

सोहम बताते हैं कि उन्होंने अपने स्कूल के समय में ही एक्टिंग शुरू कर दी थी. उन्होंने युवावस्‍था में कई नाटक में किरदार निभाए थे.

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मुंबई. अगर आप अपने कंफर्ट जोन से बाहर नहीं निकलते हैं तो कभी जिंदगी में आगे नहीं बढ़ सकते. हालांकि सभी सुरक्षित खेलना चाहते हैं और भविष्य में सुरक्षित रहना चाहते हैं, लेकिन इन्हीं में कुछ लोग होते हैं जो रिक्स लेते हैं. अभिनय की दुनिया में करियर बनाने निकले सोहम पावसकर उन्हीं में से एक हैं. वो अपने कॉर्पोरेट जगत की अच्छी-खासी नौकरी छोड़कर अब अभिनय के क्षेत्र में आ गए थे. हालांकि अब इस बात को नौ साल हो गए हैं. अब सोहम एक्टिंग की दुनिया में अपना नाम बना रहे हैं. इससे पहले वो सोशल मीडिया मार्केटिंग और आर्टिस्ट मैनेजमेंट करते थे. लेकिन उसमें उनके अंदर के खुद की प्रतिभा को दिखाने का अवसर नहीं मिलता था.

हालांकि सोहम बताते हैं कि उन्होंने अपने स्कूल के समय में ही एक्टिंग शुरू कर दी थी. उन्होंने युवावस्‍था में कई नाटक में किरदार निभाए थे. लेकिन बड़े होने के बाद उन्हें नौकरी के लिए आगे बढ़ना. हालांकि उनके एक्टिंग को लेकर ललक बनी रही. यहां तक जब वो अपनी जॉब कर रहे थे तब भी अगर उन्हें कभी किसी नाटक या ऐसी एक्टिविटी में भाग लेने का मौका लगता जिसमें वो अपनी एक्टिंग को दिखा सकते तो जरूर देखते. इसीलिए उन्हीं सब के दौरान उन्होंने विज्ञापनों में काम करने के लिए ऑडिशन देना शुरू कर दिया.

अब सोहम करीब नौ सालों से इसी क्षेत्र में सक्रिय हैं. अपने पुराने दिनों के बारे में सोहम कहते हैं, "मैं फिल्म इंडस्ट्री के आर्टिस्ट, एक्टर्स, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर्स के लिए सोशल मीडिया पर मजबूत करने के लिए रणनीति बनाता था. उस वक्त मेरा फिल्म इंडस्ट्री में बहुत ही अच्छा संपर्क बन गया. लेकिन उसी वक्त मेरे मन में फिल्मों में आने सपना और ज्यादा मजबूत होने लगा. इसी दौरान मुझे पहली फिल्म मिल गई. यह एक मराठी फिल्म थी- राजमुंद्रा." हालांकि फिल्म की शूटिंग फिलहाल कोरोना वायरस के चलते रुकी हुई है."



अपने काम के बारे में सोहम बताते हैं, "कैमरा के सामने आने पर शुरुआत में थोड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा. लेकिन जल्द ही मैंने इस पर काबू पा लिया. मुझे अपने सपनों को साकार करने की दिशा में काम करना था. हर आदमी को अपने सपने के लिए अगर नौकरी और सपने को चुनने की बारी आए तो थोड़ा संतुलन बनाने के बाद उसे सपनों की ओर बढ़ जाना चाहिए."
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