'अनारकली...' से 'दास देव' तक है बलिया के इस शख्स के गानों की धूम

बॉलीवुड फिल्मों में गाने लिखने बलिया से मुंबई पहुंचे डॉ. सागर ने दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी से की है साहिर लुधियानवी के गानों पर पीएचडी. सुधीर मिश्रा की फिल्म दास देव में भी लिखे हैं गाने

Himani Diwan | News18Hindi
Updated: February 10, 2018, 3:46 PM IST
'अनारकली...' से 'दास देव' तक है बलिया के इस शख्स के गानों की धूम
फिल्ममेकर सुधीर मिश्रा के साथ गीतकार डॉ. सागर
Himani Diwan | News18Hindi
Updated: February 10, 2018, 3:46 PM IST
देवदास के फैंस को अब दास देव का इंतजार है. साथ ही इस बात की बेचैनी भी है कि देवदास को उलट कर जितनी आसानी से शब्द उलटे किए गए हैं, क्या फिल्म में भी सब-कुछ उलटा करना उतना ही मनोरंजक साबित होगा! यह फिल्म शरतचंद्र चटर्जी के मशहूर बांग्ला उपन्यास 'देवदास' की कहानी से एकदम उलट विषय पर आधारित है. इसमें ऋचा चड्ढा पारो के किरदार में नजर आएंगी. वहीं, अदिति राव हैदरी 'चांदनी' और राहुल भट्ट 'देव' की भमिका निभाएंगे. पहले फिल्म जहां 16 फरवरी को रिलीज होनी थी, अब इसकी रिलीज तारीख आगे बढ़ाकर 9 मार्च कर दी गई है. हाल ही में फिल्म का म्यूजिक लॉन्च किया गया.

बताया जा रहा है कि फिल्म में सात गाने हैं. इन्हें पांच अलग-अलग म्यूजिक डायरेक्टर्स ने कंपोज किया है. वहीं इन गानों को लिखने के लिए भी युवा गीतकारों को मौका दिया गया है. इनमें से एक हैं डॉ. सागर. अनारकली ऑफ आरा का फेमस गाना- मोरा पिया मतलब का यार लिखने वाले डॉ. सागर न सिर्फ रिबन और बॉलीवुड डायरीज जैसी फिल्मों के गाने लिख चुके हैं, बल्कि उन्होंने दास देव के लिए भी एक बेहद खूबसूरत गाना लिखा है.

दिलचस्प बात ये है कि जिस तरह उन्हें ये गाना लिखने की सिच्युएशन दी गई, उसके बाद एक दिन में गाना लिखना ही बड़ी बात है. सागर बताते हैं , ' दो साल पहले एक फिल्मी पार्टी के दौरान उनकी मुलाकात फिल्ममेकर सुधीर मिश्रा से हुई थी. उस वक्त वो किसी को गीतकार शैलेंद्र के राजकपूर से मिलने की कहानी सुना रहे थे. इसे सुनकर सुधीर मिश्रा उनके पास आए और कहा कि ऑफिस आकर मिलो. सागर उनसे मिलने ऑफिस पहुंचे, तो सुधीर ने बताया कि वो एक फिल्म बना रहे हैं दास देव. इस फिल्म के लिए गाना लिखवाना है. इस मुलाकात के बाद सुधीर मिश्रा ने सागर को गाना लिखने के लिए एक सिच्युएशन ईमेल की.

इस सिच्युएशन के साथ-साथ उन्हें दो रेफरेंस सॉन्ग भी भेजे गए थे. इनमें से एक गाना था अमेरिकी सिंगर जिम मॉरीसन का This is the end और लियोनार्डो कोहेन का Everybody knows.

इस ईमेल के बाद सुधीर मिश्रा ने सागर को फोन पर एक और बात कही. उन्होंने कहा,' मेरा बस चलता, तो मैं जिम मॉरिसन का गाना हु-ब-हू इस फिल्म में इस्तेमाल करना चाहता था, लेकिन ऐसा हो नहीं सकता इसलिए आप रेफरेंस में इसे मजबूती से रखें.

मोरा पिया मतलब का यार
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बस इसके बाद सागर को एक दिन लगा गाना तैयार करने में. फिर विपिन पटवा ने गाने का म्यूजिक तैयार किया और इसे मिली आतिफ असलम की आवाज. गाने का टाइटल है धड़कन. गीत के बोल हैं- ख्वाबों की दुनिया मुकम्मल कहां है/ जीने की ख्वाहिश में मरना यहां है/ मंजिल यहीं है/ यही कारवां है. इसी गाने का अंतरा है- पुरानी किताबों के पन्ने सभी गवाही यहां देने आ जाएंगे/ ख्यालों में यादों के आकार उजाले सभी दाग दिल के मिटा जाएंगे.

दिल्ली के जेएनयू से साहिर लुधियानवी के गीतों पर रिसर्च करने वाले डॉ. सागर मूल रूप से बलिया के एक छोटे से गांव से हैं. पिछले छह साल से मुंबई में हैं और पोएट्री को फिल्मों के जरिये गानों में बदलकर प्रमोट करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. दास देव से पहले डॉ. सागर रिबन, बॉलीवुड डायरीज, अनारकली ऑफ आरा और लाली की शादी में लड्डू जैसी फिल्मों के लिए गाने लिख चुके हैं.

 

 

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