सोनू सूद ने वापस ली अवैध निर्माण पर हाईकोर्ट के खिलाफ दायर याचिका, SC ने दी राहत

एक्टर सोनू सूद को सुप्रीम कोर्ट ने दी राहत.

एक्टर सोनू सूद को सुप्रीम कोर्ट ने दी राहत.

सोनू सूद (Sonu Sood) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से शुक्रवार को राहत मिल गई. इसके बाद उन्होंने अपनी वह याचिका वापस ले ली, जिसमें उन्होंने मुंबई के जुहू में अपने आवास में कथित अवैध निर्माण से संबंधित अपना मामला खारिज किए जाने के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 5, 2021, 6:27 PM IST
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नई दिल्ली. बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद (Sonu Sood) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से शुक्रवार को राहत मिल गई. इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपनी वह याचिका वापस ले ली, जिसमें उन्होंने मुंबई के जुहू क्षेत्र में अपने आवास में कथित अवैध निर्माण से संबंधित अपना मामला खारिज किए जाने के बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) के आदेश को चुनौती दी थी. शीर्ष अदालत ने याचिका वापस लेने की अनुमति देते हुए मौखिक रूप से कहा कि नियमितीकरण के आवेदन पर निकाय अधिकारियों द्वारा कोई फैसला किए जाने तक सूद के खिलाफ कोई दंडात्मक कदम नहीं उठाया जाए.

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यन की पीठ को सूद की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने सूचित किया कि वह शीर्ष अदालत से अपनी याचिका वापस लेंगे.

हाईकोर्ट ने सूद के जुहू स्थित आवासीय भवन में कथित अवैध निर्माण पर बृहन्मुंबई महानगरपालिका द्वारा भेजे गए नोटिस के खिलाफ दायर एक्टर की याचिका खारिज कर दी थी. रोहतगी ने कहा कि उन्होंने एक्टर को याचिका वापस लेने की सलाह दी है और इसकी जगह वह यह छूट चाहेंगे कि नगर निकाय नियमितीकरण के उनके आवेदन पर निर्णय करे.

नियमितीकरण आवेदन पर फैसले से पहले सूद पर दंडात्मक कार्रवाई नहीं
पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुई सुनवाई में कहा, ‘श्री रोहतगी यह अच्छी सलाह है. यह पूरी तरह सही सलाह है, जो प्राय: नहीं होती है. अधिकारी आवेदन पर कानून के अनुसार निर्णय करें.’ शीर्ष अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि नियमितीकरण के आवेदन पर निकाय अधिकारियों द्वारा कोई फैसला किए जाने तक सोनू सूद के खिलाफ कोई दंडात्मक कदम नहीं उठाया जा सकता.



सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सोनू सूद ने खुशी जताई है. उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक लंबी पोस्ट लिखी है. उन्होंने लिखा है- ‘न्याय की जीत हुई है. सुप्रीम कोर्ट ने मुझे सुधारात्मक उपाय करने का समय दिया है. मैंने लीगल तरीके से ही सारा काम कराया था, लेकिन उसे गलत तरीके से पेश करने की कोशिश की गई. मुझे हमेशा से न्यायपालिका में भरोसा था और कानून का मैंने हमेशा पालन किया है. सभी तरह की परमिशन लेने के बाद मैं हमेशा कानून के दायरे में ही अपने बिजनेस करता हूं.’
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