केंद्र के नियमन में OTT प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई करने का कोई प्रावधान नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट.

सुप्रीम कोर्ट.

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार को कहा कि सोशल मीडिया पर केन्द्र के नियमन महज दिशा निर्देश हैं, इनमें ऑनलाइन स्ट्रीमिंग (OTT) प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कोई प्रावधान नहीं हैं.

  • Share this:
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार को कहा कि सोशल मीडिया के नियमन के लिए जारी केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों में अनुचित कंटेंट दिखाने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का कोई प्रावधान नहीं है. कोर्ट ने वेब सीरीज ‘तांडव (Tandav)’ को ले कर दर्ज कराए गए मुकदमों पर अमेजन प्राइम वीडियो की इंडिया हेड अपर्णा पुरोहित को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दे दी है.

जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस आर एस रेड्डी की पीठ ने वेब सीरीज ‘तांडव’ को ले कर दर्ज मुकदमों पर अग्रिम जमानत का अनुरोध करने वाली पुरोहित की याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस भी जारी किया. कोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया पर केन्द्र के नियमन महज दिशा निर्देश हैं, इनमें डिजिटल प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कोई प्रावधान नहीं हैं.

Youtube Video




केंद्र की ओर से पेश सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार उचित कदमों पर विचार करेगी, डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए सभी तरह के नियमों को अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा. शीर्ष अदालत ने पुरोहित को अपनी याचिका में केंद्र को भी पक्षकार बनाने को कहा.
‘तांडव’, नौ एपिसोड वाली एक वेब सीरीज है, जिसमें बालीवुड एक्टर सैफ अली खान, डिंपल कपाड़िया और मोहम्म्द जीशान अय्यूब ने अभिनय किया है. पुरोहित पर उत्तर प्रदेश पुलिस का अनुचित चित्रण करना और हिंदू देवी-देवताओं के बारे में अपमानजनक फिल्मांकन करने के आरोप हैं.

वेब सीरीज ‘तांडव’ से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा था कि कुछ ओवर-द-टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म कई बार 'अश्लील कंटेंट' दिखाते हैं और ऐसे कार्यक्रमों को स्क्रीन करने के लिए एक मैकेनिज्म (तंत्र) होना चाहिए. शीर्ष अदालत ने कहा, 'कुछ ओटीटी प्लेटफार्म अपने प्लेटफार्म पर अश्लील सामग्री दिखा रहे हैं, एक संतुलन कायम करना होगा'.

सुनवाई के दौरान, जस्टिस अशोक भूषण और आर सुभाष रेड्डी की पीठ ने केंद्र को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिशानिर्देशों का मसौदा तैयार कर पेश करने के लिए कहा. अपर्णा पुरोहित की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने उनके खिलाफ मामले को 'चौंकाने वाला' बताते हुए कहा कि, वह न तो प्रोड्यूसर हैं और न ही वेब सीरीज की एक्टर हैं, लेकिन फिर भी देश भर में लगभग 10 स्थानों पर उन पर नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज