सोनू सूद की याचिका पर SC में सुनवाई आज, बॉम्बे HC ने अवैध निर्माण का पाया था दोषी

एक्टर सोनू सूद.

एक्टर सोनू सूद.

सोनू सूद (Sonu Sood) को जुहू स्थित रेसिडेंशियल बिल्डिंग में कथित अवैध निर्माण करने को लेकर नोटिस दिया गया था. इस नोटिस के खिलाफ सोनू सूद बॉम्बे हाई कोर्ट गए थे, लेकिन उन्हें वहां से राहत नहीं मिली थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 5, 2021, 12:52 PM IST
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नई दिल्ली. सोनू सूद (Sonu Sood) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज यानी शुक्रवार को सुनवाई करेगी. सोनू सूद ने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी. बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले में उन्हें अवैध निर्माण का दोषी पाया गया था. बीएमसी ने सोनू सूद को जुहू स्थित रेसिडेंशियल बिल्डिंग में कथित अवैध निर्माण करने को लेकर नोटिस दिया गया था. इस नोटिस के खिलाफ सोनू सूद बॉम्बे हाई कोर्ट गए थे, लेकिन उन्हें वहां से राहत नहीं मिली, जिसके बाद वो सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) गए थे.

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबडे, एएस बोपन्ना और वी रामासुब्रमण्यम की बेंच में सोनू सूद की याचिका पर सुनवाई होगी. सोनू सूद की तरफ से वकील वीनीत रहेंगे. इस याचिका में कहा गया कि हमने पहले ही इंटरनल रेनोवेशन के काम को रोक दिया है, जिसके लिए महाराष्ट्र क्षेत्रीय और नगर नियोजन अधिनियम, 1966 की धारा 43 के प्रावधानों के अनुसार कोई अनुमति की आवश्यकता नहीं है. इसके साथ ही जो रेनोवेशन बिल्डिंग में किया गया है उसे बीएमसी द्वारा गिराए जाने पर रोक की भी मांग की है.

दरअसल बीएमसी ने नोटिस में सोनू सूद पर आरोप लगाया था कि उन्होने छह मंजिला शक्ति सागर रिहायशी इमारत के नक्शे मे चेंजेस कर उसे होटल बना दिया है. इस मामले में सोनू सूद अपनी सफाई दे चुके थे.

अभिनेता ने यह स्पष्ट किया था कि उन्होंने बदलाव को लेकर बीएमसी से इजाजत ली थी. खुद पर लगे आरोपों पर सोनू सूद ने कहा था कि उन्होंने जुहू स्थित अपने आवासीय इमारत को लेकर कोई भी अनियमितता नहीं बरती. उन्होने कानून का पालन किया. महामारी के समय में इस इमारत को कोरोना वॉरियर्स के रहने के लिए इस्तेमाल किया गया था.
सोनू सूद के बॉम्बे हाई कोर्ट जाने पर बीएमसी ने कोर्ट में अपना हलफनामा दायर किया. इस हलफनामे में बीएमसी ने कहा था कि याचिकाकर्ता सोनू सूद आदतन अपराधी हैं. वह गलत तरीके से पैसा कमा रहे थे. आरोप है कि उन्होंने लाइसेंस विभाग से परमिशन लिए बिना गिराई गई इमारत के हिस्से का फिर से निर्माण करवा लिया और होटल की तरह यूज किया.
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