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'इश्क में नाकाम' प्रेमियों पर बनीं ये 5 फिल्में हमेशा दिलों पर करेंगी राज

News18Hindi
Updated: September 12, 2019, 6:05 AM IST
'इश्क में नाकाम' प्रेमियों पर बनीं ये 5 फिल्में हमेशा दिलों पर करेंगी राज
सनी देओल और शाहरुख़ खान

साल 1993 में आई यश चोपड़ा (Yash Chopra) की 'डर' नाकाम प्रेमियों की उस कहानी को बयां करती है जिसका डर सबसे ज्यादा होता है.

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साल 2016 में आई फिल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' का एक डायलॉग है, 'एक तरफा प्यार की ताकत ही कुछ और होती है, औरों के रिश्तों की तरह ये दो लोगों के बीच नहीं बंटती, सिर्फ मेरा हक इसपे.' यह डायलॉग कई लोगों की जिंदगी का फलसफा है. लेकिन साल 1993 में आई 'डर' एक तरफा प्यार के अंधेरे पक्ष को उजागर करती है. असल में एक तरफा इश्क के फायदे और नुकसान दोनों पर बॉलीवुड में कुछ बेहतरीन फिल्में बनी हैं. असल में जिंदगी में कई लोग रील लाइफ की कल्पना करते हैं. इसलिए हर उस शख्स को जो इस तरह की मनोस्थिति से गुजर रहा हो, उसे इन फिल्मों को जरूर देखना चाहिए.

एक तरफा इश्क का सबसे बड़ा 'डर'
साल 1993 में आई यश चोपड़ा (Yash Chopra) की 'डर' नाकाम प्रेमियों की उस कहानी को बयां करती है, जिसका डर सबसे ज्यादा होता है. राहुल, किरण के लिए इस कदर पागल होता है कि उसके पति की हत्या की तैयारी कर लेता है. ऐसी एक तरफा प्यार की हर कहानी का अंत हमेशा बेहद दुखद होता है. अंत में राहुल को किरण के पति सुनील के हाथों मार दिया जाता है. फिल्म में राहुल का किरदार शाहरुख खान (Shahrukh Khan), किरण का जुही चावला और सुनील का किरदार सनी देओल (Sunny Deol) ने निभाया था.

फिल्म 'डर' के एक सीन में शाहरुख़ खान और सनी देओल.


एक तरफा मुहब्बत की सबसे परीक्षा 'हम दिल दे चुके सनम'
साल 1999 में संजय लीला भंसाली ने सलमान खान (Salman Khan), एश्वर्या राय बच्चन (Aishwarya Ray Bachchan) और अजय देवगन (Ajay Devgan) के साथ 'हम दिल दे चुके सनम' बनाई थी. दोनों एक दूसरे से बेइंतहा मुहब्बत करते हैं. लेकिन अचानक से ऐश्वर्या के द्वारा निभाए जाने वाले किरदार नंदिनी की शादी अजय देवगन के किरदार वनराज से हो जाती है. जबकि नंदनी का प्यार सलमान खान का किरदार समीर दूर हो जाता है.

Salman khan
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान.

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वनराज नंदिनी से पहली नजर से प्यार करता है. शादी के बाद उसका प्यार और बढ़ जाता है. लेकिन किसी भी एक तरफा प्यार का सबसे बड़ा इम्तहान तब होता है जब उसे पता चले कि उसकी पत्नी किसी दूसरे शख्स से प्यार करती है. यह फिल्म एक तरफा प्यार की ताकत को एक कदम और आगे ले जाती है. वनराज अपनी पत्नी को उसके प्रेमी से मिलाने के लिए लेकर जाता है. अंत में उसकी आंखों में आंसू होते हैं, लेकिन वो पीछे नहीं हटता.

एक तरफा प्यार में खुद को तबाह कर देने की दास्तां 'देवदास'
एक तरफा प्यार का एक और जो बड़ा रूप देखने को मिलता है, उस पर संजय लीला भंसाली ने ही 2002 में देवदास बनाई. देवदास हिन्दी सिनेमा में पहले भी बन चुकी है. लेकिन इस फिल्म को ज्यादा लोगों ने देखा. इस फिल्म में मुख्य किरदार देव बाबू यानी शाहरुख खान, पारो यानी ऐश्वर्या राय और चंद्रमुखी यानी माधुरी दीक्षित निभा रहे थे.

शाहरुख खान ने कबूला, रेलवे स्टेशन पर कई लड़कियों से की है मोहब्बत
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इस फिल्म में देव, पारो से बहुत प्यार करता है, लेकिन उसकी शादी नहीं हो पाती. वह एक तरफा प्यार में जब कुछ नहीं कर पाता तो खुद को तबाह करने का मन बना लेता है. आखिरकार देव पारो के दरवाजे पर जाकर दम तोड़ दिया.

एक तरफा प्यार का सबसे काला रूप 'आश‌िक बनाया आपने'
एक तरफा प्यार ने अक्सर‌ रिश्तों की मधुरता को एक काले खेल में तब्दील कर देता है. कई बार दो ऐसे दोस्त जो एक दूसरे के लिए जान देने को तैयार होते हैं, एक तरफा प्यार के चक्कर वही एक दूसरे के खिलाफ पूरी ताकत लगाकर बेहद गंंदा खेल खेलते हैं. साल 2005 में आदित्य दत्त की फिल्म 'आश‌िक बनाया आपने' इस काले पक्ष को उजागर करती है. फिल्म में सोनू सूद जो करन के किरदार निभा रहे थे वे तनुश्री दत्ता के किरदार स्नेहा से बहुत प्यार करते हैं, लेकिन एक तरफा. वे कभी नहीं बताते, लेकिन जब स्नेहा इमरान हाशमी के किरदार विकी से प्यार करने लगती हैं तो करन अपने दोस्त विकी के खिलाफ साजिश रचकर उससे सबकुछ छीन लेता है.

imran hashmi
इमरान हाशमी शूटिंग के दौरान थकने के बाद थोड़ा आराम करते हैं.


एक तरफा प्यार में समर्पण की मिसाल है 'राझणा'
साल 2016 में आनंद एल राय ने सोनम कपूर, अभय देओल और धानुष के साथ मिलकर एक फिल्म बनाई. भारत के यूपी के वाराणसी शहर की पृष्ठभूमि और हिन्दू व मु‌स्लिम दो अलग धर्मों से आने वाले दो किरदारों की इस कहानी में कुंदन बचपन से ही जोया से प्यार करता है. लेकिन एक तरफा. जोया जसजीत सिंह नाम के जेएनयू के छात्र व यूनियन में चुनाव में सक्रिय से प्यार करती है. कहानी कुछ यूं मोड़ लेती है कि कुंदन की एक गलती की वजह से जसजीत ‌सिंह की मौत हो जाती है.

सोनम कपूर ने इस फिल्म में शानदार अभिनय किया था.


इसके बाद एक तरफा मुहब्बत एक नये स्तर पर जाती है. कुंदन अपना सबकुछ पहले ही जोया पर हार चुका होता है. आखिर में जोया के कहने के पर सबकुछ जानते हुए अपनी जान दे देता है.

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इस तरह की बॉलीवुड की कई फिल्में बनी हैं जो एक तरफा प्यार के कई आयामों को दिखाती हैं. लेकिन आज भी ये फिल्में बेहद प्रासंगिक है.

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First published: September 12, 2019, 6:05 AM IST
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