बॉलीवुड की हकीकतः प्रोड्यूसर-डायरेक्टर-एक्टर और मार्केटिंग टीम मिलकर रचती हैं विवाद

‘फ़ैशन’, ‘तनु वेड़स मनु’,'क़्वीन' जैसी फ़िल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाकर तीन बार नेशनल अवार्ड का तमग़ा अपने नाम कर चुकीं कंगना ने साबित कर दिया कि वह अभिनय के मामले में अव्वल दर्जे की कलाकार हैं...

शिखा धारीवाल | News18Hindi
Updated: July 27, 2019, 12:46 PM IST
बॉलीवुड की हकीकतः प्रोड्यूसर-डायरेक्टर-एक्टर और मार्केटिंग टीम मिलकर रचती हैं विवाद
कंगना बेहद शानदार कलाकार हैं.
शिखा धारीवाल | News18Hindi
Updated: July 27, 2019, 12:46 PM IST
(न्यूज 18 हिन्दी आपके लिए बॉलीवुड के गलियारे से एक साप्ताहिक कॉलम शुरू कर रहा है. इसमें मुंबई से शिखा धारीवाल हर सप्ताह अपको बॉलीवुड की कुछ ऐसी कहानियों से रूबरू कराएंगी, जो अक्सर छिपा ली जाती हैं.)

इस कड़ी की शुरुआत हम आजकल फिल्मों से पहले अचानक खड़े होने वाले विवादों की पोल-खोल कर रहे हैं. अक्सर आप फ़िल्मों की रिलीज़ के वक़्त सितारों से जुड़ी कोंट्रोवरसी पढ़ते और सुनते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई बार फ़िल्म की रिलीज़ के वक़्त कोंट्रोवरसी हो जाती है और कई दफ़ा तो फ़िल्म से जुड़े सितारे, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर मार्केटिंग टीम के साथ मिलकर कई तरह की कोंट्रोवरसी ख़ुद रचते हैं.

ऐसी कई अंदर की कहानियां है मेरे पास, जब फ़िल्म की टीम ने ख़ुद ही कोंट्रोवरसी के सहारे पब्लिसिटी कर बिज़नेस भुनाने की कोशिश की है. चलिए पीछे क्यूं जाया जाए फ़िलहाल में चल रहे कंगना रनौत और मीडिया झगड़े पर ही बात करते है बीते पंद्रह दिनों का सबसे बड़ी कोंट्रोवरसी रही कंगना रनौत और मीडिया के बीच तनातनी.

मीडिया संग कंगना की तनातनी

‘फ़ैशन’, ‘तनु वेड़स मनु’,'क़्वीन' जैसी फ़िल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाकर तीन बार नेशनल अवार्ड का तमग़ा अपने नाम कर चुकीं कंगना ने साबित कर दिया कि वह अभिनय के मामले में अव्वल दर्जे की कलाकार हैं. लेकिन कंगना और उनके नाम के साथ जुड़े तमाम विवादों को देखकर लगता है शायद उनकी कुंडली में कोंट्रोवरसी नाम का ग्रह की महादशा हमेशा चलती है और ख़ास तौर पर जब इनकी फ़िल्म रिलीज़ होती है तो इनकी कोंट्रोवरसी महादशा और एक्टिव हो जाती है.

kangana

सिमरन के पहले ऋतिक विवाद
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अगर आप ग़ौर करे तो कंगना रनौत की फ़िल्म ‘सिमरन’ के वक़्त ऋतिक और कंगना की लव स्टोरी मीडिया के सामने आयी थी और कंगना ने इस मामले को लेकर बेबाक़ी से बात की थी हालांकि किसी भी मुद्दे पर बात रखना ग़लत नही लेकिन कंगना ने सिर्फ़ मीडिया के उन बड़े चुनिंदा संपादकों के इंटरव्यू में ही ऋतिक और अपने रिश्ते पर बात की, जिन्हें वह आज ऋतिक एंड माफ़ियां गैंग का नाम दे रही हैं.

मणिकर्णिका के पहले टुकड़े-टुकड़े गैंग
ख़ैर बात यही तक नही थी कंगना रनौत की फ़िल्म मणिकर्णिका रिलीज़ होने वाली थी तो कंगना ने देशभक्ति की बात करते हुए आलिया भट्ट, रणबीर कपूर, एक बार फिर से करन जौहर और ऋतिक रोशन पर निशाना साधा था, साथ ही अभिनेत्री शबाना आज़मी और जावेद अख़्तर को टुकड़े गैंग क़रार दे दिया. हालांकि ‘मणिकर्णिका’ रिलीज़ हुई और कंगना का काम एक कलाकार के तौर पर बेहतरीन रहा. किसी भी कोंट्रोवरसी की वजह से उनके अभिनय पर सवाल नही उठाया जा सकता और एक दर्शक के तौर पर फ़िल्म मुझे बहुत पसंद आयी.



जजमेंटल है क्या से पहले आदित्य पंचोली फिर मीडिया रिपोर्टर
‘मणिकर्णिका’के बाद फ़िल्म ‘जजमेंटल है क्या’की रिलीज़ की तैयारी शुरू हुई और इस बार भी फ़िल्म इंडस्ट्री के लोग और मीडिया को उम्मीद थी कि कोई बड़ी कोंट्रोवरसी हो सकती है और इस दौरान आदित्य पंचोली ने आरोप लगाया था कि कंगना रनौत उन पर कोई गम्भीर आरोप लगाकर उन्हें फंसा सकती हैं और आदित्य पंचोली ने इस बात को लेकर कंगना के वक़ील रिज़वान सिद्दीक़ी का स्टिंग भी किया और कंगना और रंगोली के ख़िलाफ़ वर्सोवा पुलिस स्टेशन में शिकायत की थी हालांकि यह आदित्य पंचोली का वर्जन था इसमें कंगना की तरफ़ से कोई टिप्पणी नही आयी, कंगना के वक़ील ने आदित्य पंचोली के आरोपो को ना सिर्फ़ झूठा कहा बल्कि आदित्य के स्टिंग ऑपरेशन को भी एडिटीड बताया ,अब इस केस में कंगना और आदित्य का क़ानूनी दांव-पेच जारी है.

क़रीब पंद्रह दिन पहले ‘जजमेंटल है क्या’ के एक गाने के लांच के दौरान कंगना रनौत और एक पत्रकार का झगड़ा हुआ और इस बातचीत में कंगना और पत्रकार के बीच खूब कहा सुनी हुई. कंगना का आरोप था कि पत्रकार उनके ख़िलाफ़ लगातार लिखता है और पर्सनल लाइफ़ में दोस्ती रखता है जबकि कंगना के इन सभी आरोपो को उस पत्रकार ने नकार दिया. हालांकि जिस तरह यह मामला हुआ उसके बाद वहाँ मोजुद मीडिया के पत्रकारों ने कंगना की कवरेज को बायकॉट करने की बात कही.



लेकिन इसके ठीक अगले दिन सुबह कंगना रनौत ने अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि पत्रकार उनके इवेंट्स में खाना -खाने आते हैं और पत्रकार देशद्रोही हैं. कंगना ख़ुद चाहती है कि पत्रकार उन्हें बैन कर दे और उनकी ख़बरें छाप अपने घर का चूल्हा ना जलाए. कंगना के इस बयान के बाद मुंबई की मीडिया ने कंगना को कवर नही करने का फ़ैसला लिया, लेकिन महज़ 24 घंटो में कंगना रनौत ने पत्रकारों को नोटिस भेज बायकॉट वापस लेने की बात कही.

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फ़िल्म के प्रमोशन के लिए कंगना ने लगाया एड़ी-चोटी
फ़िल्म के प्रमोशन के लिए कंगना ने एड़ी-चोटी का ज़ोर लगा दिया, मुंबई में जब पत्रकारों ने कंगना को कवरेज नही दिया तो देश की राजधानी दिल्ली फ़िल्म का प्रमोशन करने पहुंची, दिल्ली में कंगना ने अपने डेढ़ दशक की मीडिया से दोस्ती को भुनाने की कोशिश की लेकिन इसके बावजूद कंगना की फ़िल्म जजमेंटल को प्रोड्यूसर एकता कपूर के मनमाफ़िक़ प्रमोशन नही मिला.



कंगना ने दी थी सफाई, सबसे नहीं है नाराजगी
हलाकि प्रमोशन के दौरान कंगना ने यह भी ज़ाहिर किया कि मीडिया के साथ हुए तनाव में उनके ग़ुस्सा करने का ढंग ठीक नही था और उनकी नाराज़गी पूरी मीडिया से नही बल्कि सिर्फ़ अंग्रेज़ी के मीडिया के कुछ गिने-चुने लोगों से थी और अब देखने वाली बात होगी कि आने वाले वक़्त में कंगना और मीडिया के रिश्ते में टशनबाजी कब खत्म होती है.



पीएम मोदी को लिखी चिट्ठियां बालीवुड में भी चर्चा में रहीं
कंगना और मीडिया विवाद के अलावा इससे हफ़्ते प्रधानमंत्री को लिखी गयी दो चिट्ठियां भी काफ़ी चर्चा में रही. कंगना रनौत, प्रसून जोशी, मधुर भंडारकर, विवेक अग्निहोत्री जैसी दिग्गज फ़िल्मी हस्तियां कहती है कि प्रधानमंत्री को लिखी गयी चर्चित चिट्ठी को लिखने की साफ़ वजह है हिंदू धर्म की बदनामी तो वही चिट्ठी लिख शिकायत करने वाला पक्ष जिसमें अनुराग कश्यप, श्याम बेनेगल जैसे फ़िल्मेकर कहते है कि बढ़ती हुई मॉब लिंचिंग को रोकना ज़रूरी है.

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वैसे इन चिट्ठियों से बालीवुड दो दलों में बंटा हुआ नज़र आता है एक पक्ष चिट्ठी लिखकर कहता है कि इस लोकतंत्र में वह सरकार से बार-बार सवाल पूछने का हक़ रखता है.दूसरा पक्ष ये शिकायती चिट्ठी लिखने वालों को कहता है कि ये लोकतंत्र का सम्मान नही है बल्कि दुरूपयोग है .द ताशकंद फ़ाइल्स बनाने वाले फ़िल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री कहते है कि शिकायती पक्ष उस वक़्त अपनी आवाज़ क्यू नही उठाता जब दलितों पर नक्सली हमले होते है और जयश्रीराम का नाम लेने वालों को नुक़सान पहुंचाया जाता है .यह शिकायती पक्ष सिर्फ़ अपनी ज़रूरत के हिसाब से ग़लत आंकड़े पेश कर कैसे इस तरह की चिट्ठी लिख अपने ही देश के क़ानून और सरकार पर सवाल उठा सकता है.
First published: July 27, 2019, 6:06 AM IST
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