B'day Special: 90s में चलता था फाल्गुनी पाठक के गाने का जादू, गरबा क्वीन के नाम से हैं मशहूर

फाल्गुनी पाठक (Instagram @FalguniPathak)

फाल्गुनी पाठक (Instagram @FalguniPathak)

90 के दशक में जब पॉप कल्चर (Pop Songs) देश में तेजी से उभर रहा था, फाल्गुनी पाठक (falguni pathak) की मिठास भरी गायकी ने इसे एक और खूबसूरत आयाम दिया. आज भी लोग फाल्गुनी के गानों के दीवाने हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 12, 2021, 9:16 AM IST
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नई दिल्ली. 90 के दशक में पॉप म्यूजिक में एक लड़की ने एंट्री ली ना था फाल्गुनी पाठक. टॉम बॉय लुक और भारत में पॉप सॉन्ग कल्चर को घर-घर तक पहुंचाने का श्रेय फाल्गुनी को ही जाता है. फाल्गुनी पाठक (Falguni Pathak) की कहानी शुरू होती है गुजरात के एक ऐसे परिवार से जिसमें चार बेटियां थीं. चौथी बेटी के घर में एक और नया मेहमान आने वाला था. हर किसी को उम्मीद थी कि इस बार बेटा पैदा होगा, लेकिन घर आईं फाल्गुनी पाठक. 12 मार्च 1964 में फाल्गुनी पाठक का जन्म हुआ था.

फाल्गुनी को सबसे बड़ी पहचान उनकी पहली एलबम से ही मिल गई. 1998 में इस एलबम के गाने 'चूड़ी जो खनकी हाथों में...याद पिया की आने लगी भीगी भीगी रातों में' के जरिए रातोंरात फाल्गुनी स्टार सिंगर बन गईं. फाल्गुनी को बचपन से ही गाने का शौक था. बड़ी बहन ने भी संगीत की विधिवत तालीम ली थी. फाल्गुनी पाठक भी शौकिया गाती गुनगुनाती थीं. 9 साल की थीं जब उन्होंने पहली बार स्टेज शो में हिस्सा लिया. एक ऑरकेस्ट्रा में उन्होंने फिल्म ‘कुर्बानी’ का बड़ा सुपरहिट गाना गाया- लैला ओ लैला. अगले ही साल उन्हें एक गुजराती फिल्म में भी गाने का मौका मिला. बड़ी बात ये है कि वो गाना उन्होंने मशहूर प्लेबैक सिंगर अलका यागनिक के साथ गाया था. इसके बाद फाल्गुनी पाठक का ऑरकेस्ट्रा में गायकी का सिलसिला चल निकला.

फाल्गुनी पाठक की मिठास भरी गायकी का ही कमाल था कि कई नए चेहरों को उनके एल्बम के बाद फिल्मों में ब्रेक मिला. ऐसा ही एक नाम आयशा टाकिया का भी है. आयशा मॉडलिंग जरूर करती थीं लेकिन पहली बार उन्हें ढंग से फाल्गुनी पाठक के एल्बम में ही नोटिस किया गया. ये साल था 2000 और उस साल फाल्गुनी की एल्बम आई थी- मेरी चुनर उड़ उड़ जाए. 2004 तक यानी इंडीपॉप में एंट्री के बाद करीब 6 साल तक फाल्गुनी पाठक की जमकर धूम रही. एल्बम से लेकर स्टेज शो तक वो लगातार व्यस्त रहीं.




पॉप सिंगिंग में अकेले कई वर्षों तक राज करने वाली फाल्गुनी ने दर्शकों का भी खूब मनोरंजन किया. आज भी उनके गानों पर लोग झूम उठते हैं. पिछले करीब एक दशक से फाल्गुनी पाठक अलग अलग टीवी कार्यक्रमों में तो नजर आती हैं लेकिन अब एल्बम गायकी से वो लगभग दूर हैं. हां, स्टेज शो करने में वो आज भी बेहद व्यस्त कलाकारों में से हैं.
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