प्रतीक बब्बर बोले, अपने काम से एहसास कराऊंगा कि मैं स्मिता पाटिल का बेटा हूं

नशे की गिरफ्त से बाहर आने के बाद प्रतीक अपने करियर को लेकर संजीदा हैं.

नशे की गिरफ्त से बाहर आने के बाद प्रतीक अपने करियर को लेकर संजीदा हैं.

खूबसूरती, अदा और अभिनय से बॉलीवुड में अपनी खास जगह बनाने वाली स्मिता पाटिल (Smita Patil) के बेटे हैं प्रतीक बब्बर (Prateik Babbar). नशे की गिरफ्त से बाहर आने के बाद प्रतीक अपने करियर को लेकर संजीदा है. इस साल उनकी कई फिल्में रिलीज होने वाली है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 11, 2021, 4:36 PM IST
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मुंबई. फिल्म जगत की दमदार अभिनेत्री रहीं स्मिता पाटिल (Smita Patil)  और एक्टर से राजनेता बने राज बब्बर (Raj Babbar) के बेटे प्रतीक बब्बर (Prateik Babbar) इन दिनों अपने अभिनय को लेकर संजीदा है. प्रतीक का नाम उन एक्टर में शुमार है जिन्होंने नशे की लत में अपना करियर खत्म कर लिया था लेकिन वक्त रहते खुद को बचा लिया. इन दिनों प्रतीक काम में डूबे हुए हैं.

प्रतीक निर्देशक फरहाद सामजी के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘बच्चन पांडे’ (Bachchan Pandey) की शूटिंग में व्यस्त हैं. इसके अलावा ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उनकी कई फिल्में जल्द रिलीज होगी. मधुर भंडारकर की फिल्म इंडिया लॉकडाउन में भी नजर आएंगे. सच्ची कहानी पर आधारित इस फिल्म में प्रतीक एक प्रवासी मजदूर की भूमिका में दिखेंगे. करीब छह साल साल पहले प्रतीक बब्बर को यह एहसास हुआ कि अपने फिल्मी करियर को गंभीरता से लेने की जरूरत है.

टाइम्स से बात करते हुए प्रतीक बब्बर ने बताया कि ‘अब मैं अपनी आखिरी सांस तक काम करता रहूंगा. मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि मैं अब अपने काम पर ध्यान दे पा रहा हूं.एक बार शुरु हुआ ये सिलसिला खत्म नहीं होगा. क्योंकि इसने मुझे मानसिक और भावनात्मक रुप से संबल दिया है. एक समय ऐसा आया था कि मुझे लगने लगा था कि सब कुछ खत्म हो गया है. मैं अपने काम को मिस करने लगा था. मैंने इस बारे में कोशिश करना शुरु किया हालाकि ये इतना आसान नहीं था, इसमें मुझे दो तीन साल लगे. अब मैं अपने भविष्य को लेकर काफी आशावान हूं.’

जब प्रतीक से जानने की कोशिश की गई कि आखिर उन्हें कब लगा कि ट्रैक पर आना चाहिए तो प्रतीक बताते हैं ‘ये करीब 2016-2017 का समय रहा होगा जब मैं नशे और ड्रग्स की लत को छोड़ने में कामयाब रहा. और यही समय था जब मैं अपने काम को लेकर संजीदा हुआ . मैं एक्टिंग के करियर में कुछ ऐसा करना चाहता हूं जो मुझे एक एक्टर के तौर पर संतुष्टि दे सके. इसलिए अलग अलग तरह के रोल निभाने के लिए तैयार हो गया. मैंने प्ले और शॉर्ट फिल्मों से शुरुआत की. मैंने पैसे के लिए काम नहीं किया. कई बार मैंने मुफ्त में भी काम किया ताकि लोग मेरे काम को पहचान सके. मेरी इस कोशिश के बाद एक बार जो  काम मिलने का सिलसिला शुरु हुआ उसके बाद अब मुझे पीछे मुड़कर देखने की जरूरत नहीं है. मैंने 2018 में मुल्क (Mulk), बागी 2 (Baaghi 2) और 2019 में छिछोरे (Chhichhore) फिल्म में काम किया.
दिग्गज अभिनेत्री स्मिता पाटिल के विरासत को आगे ले जाने की जिम्मेदारी के बारे में पूछे जाने पर प्रतीक भावुक हो कर कहते हैं कि ‘मुझे इस बात का एहसास है. मैं इस जिम्मेदारी को बोझ की तरह नहीं समझता बल्कि मुझे गर्व है कि मैं स्मिता पाटिल का बेटा हूं. मैं अपनी मां के अभिनय विरासत को अंतिम सांस तक निभाने की कोशिश करूंगा. मेरी मां अभिनय प्रतिभा की धनी महिला थीं जिन्होंने बहुत कम समय में अपने अभिनय की अमिट छाप बॉलीवुड में छोड़ी है..  समानांतर सिनेमा की दिग्गज अभिनत्री के रुप में उनकी कालजयी फिल्में भारतीय सिनेमा की विरासत है. मैं खुद को बेहद भाग्यशाली मानता हूं कि मैं स्मिता पाटिल का बेटा हूं. अगर उनके अभिनय का थोड़ा भी अंश मुझ मैं निभा  पाऊं तो ये मेरे लिए बहुत ही गौरव की बात होगी. मैं अपने काम से अपनी मां को गर्व का एहसास करवाना चाहता हूं, ताकि लोग कहें कि मैं स्मिता पाटिल का बेटा हूं. सिर्फ इसी वजह से मैंने एक्टिंग की दुनिया में वापसी की है.’
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