विद्युत जामवाल बोले- लोगों को भारतीय मार्शल आर्ट के बारे में बात करनी चाहिए

विद्युत जामवाल.
विद्युत जामवाल.

विद्युत जामवाल (Vidyut Jamwal) का कहना है कि वे हिंदी फिल्मों के माध्यम से स्वदेशी मार्शल आर्ट कलरीपायट्टू (Indian Martial Arts Kalaripayattu) को पॉपुलर बनाना चाहते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 19, 2020, 6:53 PM IST
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नई दिल्ली. बॉलीवुड में तेजी से उभरते एक्टर विद्युत जामवाल (Vidyut Jamwal) अपनी फिटनेस और मार्शल आर्ट के लिए जाने जाते हैं. 'कमांडो' फ्रेंचाइजी फिल्मों से फेम हासिल करने वाले जामवाल का कहना है कि वे हिंदी फिल्मों के माध्यम से स्वदेशी मार्शल आर्ट कलरीपायट्टू (Indian Martial Arts Kalaripayattu) को पॉपुलर बनाना चाहते हैं. विद्युत जामवाल न केवल एक प्रशिक्षित मार्शल आर्टिस्ट हैं और बल्कि उनके बारे में सबसे खास बात यह है कि उन्होंने 3 साल की उम्र से कलरीपायट्टू सीखा है.

जामवाल ने आगे कहा कि, 'इसे कैसे प्रस्तुत किया जाए, फिलहाल इस बारे में मेरे पास कोई आइडिया नहीं है, लेकिन फिल्म इंडस्ट्री के लोगों को मार्शल आर्ट कलरीपायट्टू के बारे में बात करनी चाहिए. यह पूरी तरह से भारतीय मार्शल आर्ट है.'

पर्दे पर कलरीपायट्टू को किस तरह से लोकप्रिय बनाया जा सकता है, के बारे में एक्शन स्टार ने कहा कि, 'जब भी मैं जैकी चैन से कोई अवॉर्ड लेने जाता हूं, तो वे इंडियन मार्शल आर्ट कलरीपायट्टू की बात करते हैं, तो मुझे गर्व की अनुभूति होती है. मेरा मानना है कि, हम लोगों को एक्शन फिल्मों के माध्यम से इसे प्रस्तुत करने की जरूरत है, जिससे यह धीरे-धीरे लोकप्रिय हो सके.' जामवाल ने आगे कहा कि, आज विश्व स्तर पर पॉपुलर चीजें ऐसी हैं, जो भारत में उत्पन्न हुई हैं.



बॉलीवुड के स्टंट स्टार ने कहा, 'जब मैं भाले पर आराम की मुद्रा में लेट जाता हूं, तो वे कहते हैं, 'शाओलिन मॉन्क्स भी यह करते हैं'. शाओलिन ने इसे बोधिधर्म नामक एक भारतीय व्यक्ति से सीखा था, इसलिए वे लोग इसे करते हैं. जामवाल ने कहा कि, लोगों को पता होना चाहिए कि मार्शल आर्ट एक इंडियन कौशल है. मेरा नजरिया यह है कि इस बारे में हर भारतीय को जागरूक होना चाहिए. वर्कफ्रंट की बात करें तो एक्टर को हाल ही में ओटीटी पर रिलीज फिल्म 'खुदा हाफिज' में देखा गया था. इस फिल्म के पार्ट-2 में भी वे लीड रोल में दिखाई देंगे.
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