प्रवासी मजदूरों पर बेस्ड विनोद कापरी की डॉक्यूमेंट्री फिल्म '1232 KMS' ने छुआ सोनू सूद का दिल

यह डॉक्यूमेंट्री फिल्म ने 24 मार्च से डिज्नी+हॉटस्टार वीआईपी पर स्ट्रीमिंग हो रही है. (Video Grab Youtube)

यह डॉक्यूमेंट्री फिल्म ने 24 मार्च से डिज्नी+हॉटस्टार वीआईपी पर स्ट्रीमिंग हो रही है. (Video Grab Youtube)

सोनू सूद (Sonu Sood) ने कहा, 'मेरे लिए प्रवासी मजदूरों को देखना बहुत कठिन था, जिन्हें ऐसे कठिन समय को झेलने के लिए मजबूर किया गया था. हमें उन सभी की इच्छा-शक्ति की सराहना करनी चाहिए.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 25, 2021, 8:55 PM IST
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नई दिल्ली. पिछले साल जब इसी मार्च को देशभर में कोरोना से बचाव के लिए लॉकडाउन लगाया गया था, तब सबसे ज्यादा तकलीफ में प्रवासी मजदूर थे, जिनका दर्द बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद (Sonu Sood) से देखा नहीं गया था और उन्होंने दिल खोलकर उस वक्त प्रवासी मजदूरों की मदद की थी. ये वही प्रवासी मजदूर थे, जो लॉकडाउन के बाद मीलों पैदल और साइकिल से दूसरे राज्य से अपने राज्य की ओर निकल पड़े थे. अब जर्नलिस्ट से फिल्ममेकर बने विनोद कापरी (Vinod Kapri) ने प्रवासी मजदूरों के उस दर्द को अपनी एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म '1232 KMS' में दिखाया है, जो सोनू सूद और सेलिब्रिटी शेफ विकास खन्ना के दिलों को छु गया.

वहीं, सोनू सूद और विकास खन्ना ने विनोद कापरी की डॉक्यूमेंट्री फिल्म '1232 KMS' पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं. LatestLY से बातचीत के दौरान सोनू सूद ने कहा, 'मेरे लिए प्रवासी मजदूरों को देखना बहुत कठिन था, जिन्हें ऐसे कठिन समय को झेलने के लिए मजबूर किया गया था. हमें उन सभी की इच्छा-शक्ति की सराहना करनी चाहिए, जिन्होंने उन परिस्थितियों का मुकाबला किया और उन लंबी यात्राओं को घर-घर तक पहुंचाने का काम किया. विनोद कापरी ने '1232 KMS' के साथ एक अविश्वसनीय काम किया है. दर्शकों को इस तरह की वास्तविक कहानी रूबरू कराने के लिए डिज्नी+हॉटस्टार वीआईपी प्रशंसा के पात्र हैं.'

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विनोद कापरी पिछले साल लॉकडाउन के दौरान साइकिल पर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से बिहार के सहरसा जाने वाले प्रवासी मजदूरों के एक समूह के साथ आए, जिनके अनुभवों को उन्होंने एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म के रूप में पेश किया है. वहीं, शेफ विकास खन्ना ने कहा, 'बहुत से लोगों को पूरी तरह से समझ में नहीं आया कि प्रवासी मजदूरों के लिए लॉकडाउन कितना मुश्किल था- ऐसे लोग जिनकी आजीविका दैनिक मजदूरी पर निर्भर करती है. जैसा कि देश पूरी तरह से लॉकडाउन में चला गया था, उन्होंने अपनी नौकरी खो दी थी, जिसका मतलब उन्हें खाने और आश्रय के लिए सोचना पड़ रहा था. उन्होंने इस दौरान बहुत संघर्ष किया था. विनोद कापरी की '1232 KMS' ने उनके संघर्षों दिखा कर दिल को छू लिया है.' बता दें, यह डॉक्यूमेंट्री फिल्म ने 24 मार्च से डिज्नी+हॉटस्टार वीआईपी पर स्ट्रीमिंग हो रही है.
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