इस ऐक्ट्रेस की बेटी को लॉन्च कर रहे हैं विवेक ओबेराय, लेकिन उठ रहे कई सवाल

विवेक ओबेरॉय
विवेक ओबेरॉय

फिल्म 'रोजी' 2003 में कॉल सेंटर हब गुड़गांव के बीपीओ सैफरन में एक घटी घटना पर आधारित है, जब वहां काम करने वाली की एक लड़की अचानक ऑफिस आना बंद कर देती है.

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  • Last Updated: September 27, 2020, 12:50 PM IST
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मुंबई. 17 साल पहले गुरुग्राम के एक कॉल सेंटर में घटे वाकये पर आधारित हॉरर फिल्म 'रोजीः द सैफरन' चैप्टर बनने से पहले ही निर्माता-अभिनेता विवेक ओबेराय (Vivek Oberoi) की मुश्किलें बढ़ा रही है. विवेक पर बॉलीवुड में नेपोटिज्म को बढ़ावा देने के आरोप लग रहे हैं. दरअसल रोजी से टीवी एक्ट्रेस श्वेता तिवारी की बेटी पलक बॉलीवुड डेब्यू कर रही हैं. पलक के नाम की घोषणा के साथ ही ट्विटर, इंस्टाग्राम जैसे सोशल प्लेटफार्मों पर विवेक के विरुद्ध ढेरों कमेंट्स आ रहे हैं, हालांकि मेकर्स ने इसे फिजूल करार देते हुए पलक को मोस्ट प्रॉमसिंग एक्ट्रेस करार दिया है.

अब लौटते हैं फिल्म पर. रोजी 2003 के कॉल सेंटर हब गुड़गांव के बीपीओ सैफरन में एक घटी घटना पर आधारित है, जब वहां काम करने वाली की एक लड़की अचानक ऑफिस आना बंद कर देती है. छानबीन में हैरान कर देनी वाली सच्चाई का पता चलता है, जिससे सभी दहल जाते हैं क्योंकि अब तक वे जिस लड़की के साथ काम कर रहे थे, वह आठ साल पहले ही मर चुकी है, यानी वे यहां एक आत्मा के साथ काम कर रहे थे, वो कौन थी, क्यूं थी? क्या उसे कोई बदला पूरा करना था या कोई अधूरा काम, एक आत्मा के मानव रूप में इतने वक्त तक आम लोगों के बीच रहने की क्या वजह थी. ऐसे में तमाम सवालों के जवाब देती यह कहानी इस साल दिसंबर में दर्शकों तक पहुंचेगी.

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फिल्म के निर्देशक विजय रंजन मिश्रा कहते हैं कि यह हॉरर और मिस्ट्री का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है. एक सच्ची घटना के तौर पर भी यह बेहद रोचक है. इसके जरिए हम दर्शकों के सामने एक स्पाइन चिलिंग स्टोरी पेश करने में कामयाब रहे हैं. अभिनेत्री श्वेता तिवारी और राजा चौधरी की 19 साल की बेटी पलक तिवारी को इस फिल्म से विवेक ओबेराय ने मौका दिया है. फिल्म की लीड कास्ट में खुद विवेक भी नजर आएंगे.
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