संजू पर बोले राजकुमार हिरानी- ड्रग्स, गन और गर्लफ्रेंड सब तो दिखा दिया, भला क्या लीपापोती की?

राजकुमार हिरानी ने कहा कि जब हम किसी करप्ट पुलिस अधिकारी को दिखाते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है सभी पुलिसवाले गलत हैं.

News18Hindi
Updated: August 12, 2018, 12:00 PM IST
संजू पर बोले राजकुमार हिरानी- ड्रग्स, गन और गर्लफ्रेंड सब तो दिखा दिया, भला क्या लीपापोती की?
राजकुमार हिरानी
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Updated: August 12, 2018, 12:00 PM IST
'लीपापोती, मीडिया पर अटैक और महिमा मंडन'- अभिनेता संजय दत्त के उथल-पुथल भरे जीवन पर बनी फिल्म 'संजू' के रिलीज के बाद से इसके निर्माताओं पर ये आरोप लगते रहे हैं. इंटरनेशनल मेलबर्न फिल्म फेस्टिवल (आईएफएफएम) के नौवें एडिशन में 'संजू' फिल्म दिखाई गई, जहां राजकुमार हिरानी ने फिल्म  में मीडिया पर किए गए अटैक को लेकर पूछे जाने पर कहा, "अगर मैं इस बारे में बात करूंगा तो मैं इस पर पूरा दिन बोल सकता हूं."

वहीं संजय दत्त के 'कारनामों' पर लीपापोती करने के आरापों पर हिरानी ने कहा, 'लोग लिपापोती का आरोप लगा रहे हैं. मैं यह जानना चाहता हूं कि मैंने क्या लीपापोती की? मैं दिखाया कि उसकी 308 गर्लफ्रेंड्स थी, उसे ड्रग्स की लत थी, वह अपने दोस्त की गर्लफ्रेंड के साथ सोया... क्या यह लीपापोती है?' इसके साथ ही वह कहते हैं, अगर हमें लीपापोती करनी होती तो हम उन्हें महात्मा गांधी जैसा दिखाते... हमनें क्या लीपापोती की? आप उनके जुर्म तो बताइए?'

हिरानी के साथ इस बायोपिक के को-राइटर अभिजीत जोशी ने कहा, "इसमें मीडिया पर कोई अटैक नहीं किया गया है. हम मीडिया के बहुत बड़े प्रशंसक हैं." जोशी ने कहा, "हमने जिस पर अटैक किया है, वह एक खास हिस्सा है, जो चीजों को सनसनीखेज बनाता है, चीजों को 'चटपटा' बनाने के लिए प्रश्नचिह्न का प्रयोग करता है. उनकी आलोचना की गई है, और मैं हैरान हूं कि उनकी तरफ से कोई ऑब्जरवेशन नहीं हुआ है, किसी ने यह भी नहीं कहा कि ऐसी चीजें होती हैं."

इसका रिफरेन्स इस फिल्म के एक सीन से है, जिसमें एक अखबार की कटिंग दिखाई गई है और उसमें लिखा है कि "दत्त आवास पर आरडीएक्स से भरा ट्रक खड़ा मिला?" यह प्रश्नचिन्ह लगाने वाली पत्रकारिता ही उनकी प्रॉब्लम है.

वहीं हिरानी ने कहा, "अगर आज दुनिया यह मानती है कि उन्होंने आरडीएक्स रखा था, तो यह सिर्फ उस एक खबर के कारण है. इसलिए हमने उसकी आलोचना की, लेकिन अब जब हमें बताया जाता है कि पूरी फिल्म मीडिया की आलोचना के लिए है, तो यह दोबारा एक हेडलाइन चुनने जैसा है." उन्होंने कहा, "जब हम किसी करप्ट पुलिस अधिकारी को दिखाते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है सभी पुलिसवाले गलत हैं."

संजय की नशे की आदत, निजी रिश्तों, 1993 के सीरियल बम ब्लास्ट के संबंध में हथियार रखने के लिए जेल की सजा, अपने माता-पिता और दोस्तों के साथ उनका रिश्ता... 'संजू' में संजय दत्त के जीवन के विभिन्न पहलुओं को दिखाया गया है, लेकिन काफी कुछ छोड़ भी दिया गया है. जोशी ने सवाल उठाया, "क्या आप ऐसा सोचते हैं कि राजकुमार हिरानी ने अपने कैरियर के इस मोड़ पर अपने जीवन के 3 साल केवल किसी के महिमा मंडन करने पर लगा दिया?" उन्हें जो चीज परेशान करती है, वह यह कि जिन्हें ऑब्जरवेशन करने की जरूरत है, ऑब्जरवेशन बिल्कुल भी नहीं करते हैं. जोशी ने कहा, "लेकिन सौभाग्य से दर्शक ऐसे नहीं हैं. भारतीय दर्शकों को बहुत-बहुत धन्यवाद."

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