पढ़िए, इस साल BOX OFFICE पर फिल्मों के ‘क्लैश’ का क्या होगा अंजाम?

इस साल कई बड़ी बजट की फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली हैं.

लगभग सालभर से कोई बड़ी फिल्म रिलीज नहीं हुई है. अब जब चीजें धीरे-धीरे खुल रही हैं, तब सभी बड़ी फिल्में अपने रिलीज के लिए बेहतर समय चाहती हैं. इससे फिल्मों के क्लैश की आशंका बढ़ गई है.

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    नई दिल्लीः कोरोना वायरस महामारी के चलते पैदा हुए हालातों से फिल्म इंडस्ट्री उबरने की कोशिश कर रही है. लॉकडाउन के बाद जब सिनेमाहॉल फिर से खुले थे, तब कुछ ही फिल्में रिलीज का जोखिम उठाने के लिए तैयार दिखी थीं. जबकि ‘लक्ष्मी’ (Laxmmi), ‘छलांग’ (Chhalaang), ‘कुली नंबर 1’ (Coolie no 1) जैसी बड़ी बजट की फिल्मों ने डिजिटल रिलीज की राह पकड़ी. फिल्म मेकर्स थियेटर में रिलीज का बड़ा जोखिम नहीं लेना चाहते थे. जबकि डिजिटल मंचों पर फिल्म रिलीज से एक तय कमाई की गारंटी थी.

    हाल में साउथ की फिल्मों ‘मास्टर’ (Master) और ‘क्रेक’ (Krack) की सफलता के बाद बॉलीवुड भी अपनी फिल्मों के थियेटर रिलीज के लिए तैयार हो रहा है. फिल्म इंडस्ट्री के लोगों के कहने पर सलमान खान (Salman Khan) अपनी फिल्म ‘राधेः मोस्ट वॉन्टेड भाई’ (Radhe: Most wanted Bhai) को ईद पर थियेटर में रिलीज करने को तैयार हो गए हैं. अगर सब कुछ योजना के मुताबिक होता है तो यह फिल्म जॉन अब्राहम (John Abraham) की फिल्म ‘सत्यमेव जयते 2’ (Satymeva Jayate 2) के साथ क्लैश करेगी, जिसे जॉन ने पिछले साल ही ईद पर रिलीज करने की घोषणा कर दी थी.

    हाल में फिल्म ‘आरआरआर’ (RRR) के मेकर्स ने इसे 13 अक्टूबर में रिलीज करने का ऐलान किया है. अगर ऐसा होता है, तो इस फिल्म की भिड़ंत अजय देवगन की स्पोर्ट्स बायोपिक ‘मैदान’ से होगी. ये पहले से ही तय था कि ‘मैदान’ 15 अक्टूबर को रिलीज होगी.

    अभी की बात करें, तो 40 बड़ी बजट की फिल्में अपने-अपने रिलीज के लिए कतार पर खड़ी हैं. रोहित शेट्टी (Rohit Shetty) की सूर्यवंशी (sooryavanshi) और कबीर खान की ‘83’ इस साल की पहली तिमाही में अपने रिलीज का इंतजार कर रही हैं. जब कंगना रनौत की फिल्म ‘धाकड़’ (Dhaakad), अक्षय कुमार की ‘रक्षा बंधन’ (Raksha Bandhan), आमिर खान की ‘लाल सिंह चड्ढा’ (Laal Singh Chadha) और शाहिद कपूर की ‘जर्सी’ (Jersey) इस साल के अक्टूबर और दिसंबर में रिलीज हो सकती हैं. यकीनन, इससे फिल्मों के आपस में भिड़ने की आशंका काफी बढ़ गई है.

    देशभर में लॉकडाउन से फिल्म इंडस्ट्री को काफी बड़ा नुकसान हुआ है. फिर फिल्मों के इस तरह के क्लैश से इंडस्ट्री को और भी नुकसान हो सकता है. फिल्मों के क्लैश से दर्शक भी बंट जाएंगे, जो न तो फिल्मों के लिए अच्छा है और न ही दर्शकों के लिए. इससे किसी को भी फायदा नहीं होगा. इस मुश्किल दौर में इस तरह के क्लैश का मतलब जानने के लिए जब ईटाइम्स ने इंडस्ट्री के करीबी लोगों से संपर्क किया तो कई तरह की बातें निकल कर सामने आईं.

    एग्जिबिटर अक्षय राठी को लगता है कि आज के हालात को देखते हुए, जब कई सिनेमा हॉल बंद हो चुके हैं, दो फिल्मों को एक ही डेट पर रिलीज करना कोई अच्छा आइडिया नहीं कहा जाएगा. इसे कम से कम एक साल के लिए टालना चाहिए. उन्हें लगता है कि किसी फिल्म को बॉक्स ऑफिस में परफॉर्म करने के लिए दो सप्ताह का समय मिलना चाहिए. फिर दूसरी फिल्म के रिलीज के लिए बढ़ना चाहिए. फिल्म की रिलीज को लेकर एक अच्छी योजना होनी चाहिए और इस तरह के क्लैश से बचना चाहिए. अगर तय प्लान के हिसाब से फिल्में रिलीज होती हैं, तो दिवाली पर ‘रक्षा बंधन’, ‘जर्सी’ और शाहरुख खान (Shahrukh Khan) की ‘पठान’ (Pathan) का आपस में क्लैश होगा.

    एग्जिबिटर राज बंसल अक्षय के विचारों से सहमति जताते हैं. वह कहते हैं, ‘मल्टिप्लैक्स और सिंगल स्क्रीन पर सलमान की ‘राधे’ यूं तो पहली पसंद है, पर ईद के मौके पर दो फिल्में आसानी से रिलीज की जा सकती हैं.’ रणबीर कपूर की फिल्म ‘एनिमल’ (Animal) और कार्तिक आर्यन की ‘भूल भुलैया 2’ (Bhool Bhulaiya 2) के निर्माता मुराद खेतानी एग्जिबिटर की राय से सहमत हैं. वह कहते हैं कि हम देख ही चुके हैं कि 2020 इंडस्ट्री के लिए कितना बुरा था. लगभग सालभर से कोई बड़ी फिल्म रिलीज नहीं हुई है. अब जब चीजें धीरे-धीरे खुल रही हैं, तब फिल्मों के क्लैश से बॉक्स ऑफिस में परिणाम अच्छे नहीं होने वाले. वह ध्यान दिलाते हैं कि यह ऐसा समय है, जब पूरी इंडस्ट्री को एक-साथ होना चाहिए.

    हम जानते हैं कि कहना आसान है और करना मुश्किल है. वह फिल्ममेकर्स जो थियेटर के पूरी क्षमता के साथ खुलने का इंतजार कर रहे थे, वह चाहेंगे कि उन्हें अपनी फिल्म के रिलीज के लिए सही डेट मिले और त्योहारों पर फिल्म रिलीज करना सबसे ज्यादा मुफीद होता है. त्योहारों पर फिल्मों को बॉक्स-ऑफिस में अच्छा कलेक्शन मिलता है. ट्रेड एनालिस्ट तरन आदर्श मानते हैं कि क्लैश से किसी को फायदा नहीं होने वाला. वह यह भी कहते हैं कि फिल्म निर्माता लंबे समय से इंतजार में थे और वे यकीनन विशेष मौके पर फिल्म रिलीज करना चाहेंगे, ताकि उनकी फिल्मों को फायदा मिले. कोई भी पीछे हटना नहीं चाहता.

    दूसरी ओर, डिस्ट्रिब्यूटर गिरीश जौहर की बातें उम्मीद जगाती हैं. वह बताते हैं कि अगली फिल्मों के मेकर्स आपस में मुलाकात कर रहे हैं, ताकि आगे के लिए योजना बना सकें. वह मानते हैं कि क्लैश से सिर्फ नुकसान होगा. उन्होंने यह भी बताया कि इस समय सभी निर्माता और एग्जिबिटर एक-दूसरे की मदद करना चाहते हैं.

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