जब फरहान अख्तर ने लिखा था अपनी बेटी को 'रेप' से जुड़ा ये भावुक खत

देश में बढ़ते हुए यौन अपराधों के चलते कुछ साल पहले जब अमिताभ बच्चन ने अपनी नाती-पोती को ख़त लिखा उसी तर्ज पर फरहान अख्तर ने अपनी बेटी को खुला पत्र लिखा था.

News18Hindi
Updated: January 9, 2019, 5:39 AM IST
जब फरहान अख्तर ने लिखा था अपनी बेटी को 'रेप' से जुड़ा ये भावुक खत
फरहान अख्तर
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Updated: January 9, 2019, 5:39 AM IST
बॉलीवुड के जाने माने अभिनेता और गायक फरहान अख्तर आज अपना 45वां मना रहे हैं. इन दिनों फरहान जहां एक तरफ अपनी ख़ास दोस्त शिबानी दांडेकर के साथ रिलेशनशिप के चलते चर्चा में हैं वहीं कई साल पहले फरहान अपनी लिखी एक ख़त के चलते काफी ज्यादा चर्चा में रहे थे. फरहान ने ये ख़त अपनी बेटी के नाम लिखा था.

देश में बढ़ते हुए यौन अपराधों के चलते कुछ साल पहले जब अमिताभ बच्चन ने अपनी नाती-पोती को ख़त लिखा उसी तर्ज पर फरहान अख्तर ने अपनी बेटी को खुला पत्र लिखा था. जिसमें उन्होंने अपनी बेटी को समाज की मानसिकता के बारे में बताया था. इस पत्र के जरिए उन्होंने रेप और यौन हिंसा जैसे गंभीर मुद्दों पर खुलकर बात रखी है.

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फरहान ने पत्र में लिखा, प्यारी बेटी, मैं तुम्हें रेप या यौन हिंसा जैसे मुद्दे पर कुछ कैसे लिख सकता हूं? मेरा स्वभाव, एक पिता का स्वभाव है, सुरक्षा और पालन-पोषण के लिए, लेकिन यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर हमें सामने आना चाहिए और बात करनी चाहिए. ये सारी बातें फरहान ने पहले एक कविता में लिखी थी जो उनकी टीम के वकील की दर्दनाक हत्या के बाद लिखी थी. उस वक्त उनकी बड़ी बेटी शाक्या 12 साल की थी इसलिए ये सारी बातें फरहान ने अपनी बेटी से नहीं की.

फरहान की कविता और खत

यह कैसा देश है जहां मैं रह रहा हूं?
जो उसके प्यार करने के अधिकार को छीन लेता है
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उसके साथ एक लोहे की रॉड से बर्बर व्यवहार करता है
बेखौफ उसके साथ बलात्कार करता है,
क्या उसके आंसुओं के साथ न्याय होगा ?
…मैं अपनी बेटी को क्या बताऊं?
कि वह किसी भेड़ की तरह हलाल कर दिए जाने के लिए बड़ी हो रही हैं,
हमें बदलाव लाना होगा.
रीबूट(पुनः शुरुआत) , रिफॉर्म (सुधार), रिअरेंज (पुनर्व्यवस्थित)
और कभी हार नहीं माननी होगी।
कोई फर्क नहीं पड़ता कि हमारा सर कितना घूमता है
बस इस सवाल को पूछते रहिए
मैं यह किस देश में रह रहा हूं?

अब तुम 16 की हो गई हो और मैं तुम्हारे मन में आने वाले सवालों को पढ़ सकता हूं. हां, वे सभी सवाल जो मेरे मन में भी आते हैं.

बता दें ये ख़त, फरहान ने उस वक्त लिखा था जब उनकी बेटी शाक्या, 16 वर्ष पूरे कर चुकी थीं.

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