फिल्म रिव्यू: कई फिल्मों का कॉकटेल है 'ऐ दिल है मुश्किल'

शिखा धारीवाल | News18India.com
Updated: October 28, 2016, 3:53 PM IST
फिल्म रिव्यू: कई फिल्मों का कॉकटेल है 'ऐ दिल है मुश्किल'
ऐश्वर्या राय और रणबीर कपूर स्टारर फिल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' करण जौहर के मिजाज की ही है।
शिखा धारीवाल | News18India.com
Updated: October 28, 2016, 3:53 PM IST
नई दिल्ली। ऐश्वर्या राय और रणबीर कपूर स्टारर फिल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' करण जौहर के मिजाज की ही है। रणबीर और अनुष्का दो महा फ्लर्टबाज जब एक दूसरे से टकराते हैं तो उन्हें प्यार हो जाता है। मगर अनुष्का की शादी उनके पहले ब्वायफ्रैंड फवाद खान से हो जाती है, जो खुद भी बड़े फ्लर्टबाज हैं।

दूसरी तरफ रणबीर टकराते हैं शायराना और खूबसूरत तलाकशुदा ऐश्वर्या राय से। मगर अनुष्का का प्यार उनका पीछा नहीं छोड़ता। अनुष्का फवाद को छोड़कर रणबीर के पास वापस आ जाती है और उसे कैंसर भी हो जाता है, लेकिन हीरो हिरोइन मिल जाते हैं।

करीब 2.35 मिनट की 'ऐ दिल है मुश्किल' एक कंफ्यूज्ड फिल्म है। परफॉर्मेंस के लिहाज से सभी कलाकार पॉवरफुल हैं, लेकिन ऐश्वर्या सबपर भारी हैं। इसकी स्टारकास्ट और इस फिल्म के संवाद इसकी जान हैं, लेकिन घिसी-पिटी कहानी का कॉकटेल, घिसा-पिटा डायरेक्शन, बेवजह के फवाद, शाहरुख और आलिया का कैमियो और ऐश का छोटा सा रोल इसकी कमियां हैं।

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बीटीडीडी रिव्यू फॉर्मूले के मुताबिक हमने इस फिल्म के अच्छाईयों और कमियों को जोड़ा घटाया और पाया है कि इस फिल्म को 2 नंबर और आधे नंबर का ग्रेस फिल्म का बेवजह विरोध करने के लिए दिया जाता है। इस तरह 'ऐ दिल है मुश्किल' को मिलते हैं 5 में से 2.5 स्टार।

थोड़ा सा 'लव आजकल', थोड़ा सा 'कॉकटेल' और हल्का सा 'कल हो ना हो' मिला लीजिए और तैयार हो जाएगी फिल्म 'ऐ दिल है मुश्किल'। करण जौहर की मुश्किल ये है कि उन्हें हर साल एक फिल्म बनानी है, मगर हर हफ्ते फिल्म देखना दर्शकों के लिए तो जरुरी नहीं है।
First published: October 28, 2016
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