मनमर्जियां
3.5/5
पर्दे पर : 14 सितंबर 2018
डायरेक्टर : अनुराग कश्यप
संगीत : अमित त्रिवेदी
कलाकार : अभिषेक बच्चन, तापसी पन्नू, विक्की कौशल
शैली : रोमांटिक कॉमेडी ड्रामा
यूजर रेटिंग :
0/5
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मनमर्जियां रिव्यू : स्क्रिप्ट के साथ फ्लर्ट कर रहे हैं अनुराग कश्यप

14 सितंबर को रिलीज हो रही है अनुराग कश्यप के डायरेक्शन में बनी रोमांटिक कॉमेडी मनमर्जियां.

News18Hindi
Updated: September 13, 2018, 7:31 PM IST
मनमर्जियां रिव्यू : स्क्रिप्ट के साथ फ्लर्ट कर रहे हैं अनुराग कश्यप
तापसी पन्नू और अभिषेक बच्चन
News18Hindi
Updated: September 13, 2018, 7:31 PM IST
देवांश शर्मा

तापसी इस फिल्म में रूमी के किरदार में हैं. उनका नाम बेशक रूमी है, लेकिन उनका किरदार मशहूर फिलॉसफर और थिंकर रूमी से एकदम अलग है. रूमी अमृतसर में हॉकी का एक मर्चेंडाइज स्टोर
चलाती है. उसकी लव स्टोरी जमी है विक्की के साथ, जो डीजे बनना चाहता है. फिर भी रूमी एक ज्यादा जिम्मेदार जीवन साथी की तलाश में अरेंज मैरिज को चुनती है. वो लंदन रिटर्न्ड बैंकर रॉबी के साथ नजदीकियां बढ़ाती है. इस तरह शुरू होता है एक प्रेम त्रिकोण, जहां तीन लोग एक-दूसरे को एक नये सिरे से खोज पाते हैं.

अनुभव सिन्हा की 'मुल्क', शाद अली की 'सूरमा' जैसी फिल्मों में काम करने के बाद 'मनमर्जियां' के जरिये तापसी को उनके अब तक के करियर की बेस्ट फिल्म मिली है. इस फिल्म में उन्होंने अपने किरदार को बेहद खूबसूरती और मजबूती के साथ निभाया है .18 साल में ख़ास पहचान क्यों नहीं बना पाए अभिषेक बच्चन?

अभिषेक बच्चन भी अपनी बेस्ट फॉर्म में लौटे हैं. साल 2003 में आई सूरज बड़जात्या की 'मैं प्रेम की दीवानी हूं' वाला प्रेम इस फिल्म में एक स्तर आगे बढ़ता हुआ नजर आता है. इस फिल्म में अनुराग कश्यप भी स्क्रिप्ट के साथ इश्क फरमाने से चूक गए हैं, उन्होंने इस बार सिर्फ फ्लर्ट करके काम चलाया है, क्योंकि कई जगह पर ये साफ जाहिर होता है कि इसमें अनुराग पूरी तरह शामिल नहीं थे.



फिल्म में सबसे ज्यादा क्रेडिट दिया जाना चाहिए म्यूजिक कंपोजर अमित त्रिवेदी को जिन्होंने इस फिल्म के लिए फ फॉर फ्यार और दरिया जैसे गाने बनाए हैं. फिल्म के फ्रेम्स में कलर एड किए हैं प्रोडक्शन डिजाइनर मेघना गांधी और कॉस्ट्यूम डिजाइनर प्रशांत सावंत ने. इसी का नतीजा है फिल्म में कई बार कई तरह से गोल्डन टेंपल की झलक मिलती है और अमृतसर की पुरानी गलियों की दीवारों पर बनी पेंटिंग्स और ग्रैफिटी नजर आती है.

फिल्म के दूसरे हिस्से में दर्शकों को महसूस हो सकता है कि डायरेक्टर फिल्म की कहानी आगे बढ़ाने में कन्फ्यूज हो रहा है. लेकिन अगर आप इस दौरान फिल्म के मुख्य किरदार रूमी से जुड़ पाए हैं, तो आपको समझ आएगा कि कन्फ्यूजन डायरेक्टर का नहीं, रूमी नाम के उस किरदार का है.
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डिटेल्ड रेटिंग

कहानी :
3.5/5
स्क्रिनप्ल :
3/5
डायरेक्शन :
3/5
संगीत :
3.5/5
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