दास देव
2.5/5
पर्दे पर : 27 अप्रैल 2018
डायरेक्टर : सुधीर मिश्रा
संगीत : विपिन पटवा, संदेश शांडिल्य
कलाकार : राहुल भट्ट, ऋचा चड्ढा, अदिति राव हैदरी, सौरभ शुक्ला
शैली : थ्रिलर, ड्रामा, रोमांस
यूजर रेटिंग :
0/5
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Daas Dev Film Review : क्लासिक लव स्टोरी के मॉडर्न अंदाज में जादू नहीं चला पाए 'देव बाबू'

दास देव शरत चंद्र चट्टोपाध्याय की कहानी 'देवदास' का एक ऐसा वर्जन है जो आजकल देखने को मिलता है. सुधीर मिश्रा के डायरेक्शन में बनी ये फिल्म एक पॉलिटिकल कहानी है जिसे 'शेक्सपीयराना अंदाज' में पेश किया गया है.

News18Hindi
Updated: April 27, 2018, 4:37 PM IST
Daas Dev Film Review : क्लासिक लव स्टोरी के मॉडर्न अंदाज में जादू नहीं चला पाए 'देव बाबू'
फिल्म दास देव का पोस्टर.
News18Hindi
Updated: April 27, 2018, 4:37 PM IST
विवेक शाह


कहानी - दास देव क्लासिक लव स्टोरी देवदास का एक मॉडर्न अंदाज है. यह एक रोमांटिक थ्रिलर है जिसे मजेदार तरीके से पेश करने की कोशिश की गई है. फिल्म में ऋचा चड्ढा, सौरभ शुक्ला, राहुल भट्ट लीड रोल में हैं. ऋचा चड्ढा पारो का किरादर निभा रही हैं. वहीं अदिती राव हैदरी चांदनी के किरदार में नजर आएंगीं.



रिव्यू - दास देव शरत चंद्र चट्टोपाध्याय की कहानी 'देवदास' का एक ऐसा वर्जन है जो आजकल देखने को मिलता है. सुधीर मिश्रा के डायरेक्शन में बनी ये फिल्म एक पॉलिटिकल कहानी है जिसे 'शेक्सपीयराना अंदाज' में पेश किया गया है. जहां देवदास लूजर नहीं है. बल्कि वह ऐसा शख्स है जो अपनी जिंदगी पर पूरा कंट्रोल रखता है. धीरे-धीरे वह नशे की लत का शिकार होता है और सत्ता का भूखा हो जाता है. देव खुद को पारो, चांदनी और अपनी दूसरी लत से कैसे बचाता है फिल्म की कहानी इसी के इर्द-गिर्द घूमती है. कभी-कभी ऐसा लगता है कि फिल्म की कहानी को जबर्दस्ती घुमाया गया है.


फिल्म में देव की पॉलिटिक्स में एंट्री को एक बड़े हिस्से में दिखाया गया है. इस वजह से देव और पारो का रोमांस पीछे छूट जाता है. राहुल भट्ट को अपनी एक्टिंग स्किल्स दिखाने का पूरा मौका मिलता है. लेकिन वह अपने किरदार को दमदार तरीके से पर्दे पर ला पाने में नाकाम दिखते हैं. सौरभ शुक्ला अपने तरीके से इंप्रेस करते हैं. उनके वन लाइनर्स परफॉर्मेंस में चार चांद लगाते हैं. ऋचा चड्ढा और अदिति राव हैदरी ने नैचुरल परफॉर्मेंस दी है. लेकिन कहीं कहीं वह फीके पड़ते हैं. फिल्म का बैग्राउंड म्यूजिक भी कुछ खास नहीं है. सुधीर मिश्रा ने काफी कोशिश की लेकिन वह एक समय पर चलकर वह फिल्म में प्यार और पॉलिटिक्स का बैलेंस बनाने से चूक गए.

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डिटेल्ड रेटिंग

कहानी :
2/5
स्क्रिनप्ल :
2/5
डायरेक्शन :
2.5/5
संगीत :
2/5
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