एल्फ़ा
4/5
पर्दे पर : 24-अगस्त-2018
डायरेक्टर : एलबर्ट ह्यूज़
संगीत : जोसफ डिबायासी
कलाकार : कोडी स्मिट मैक्फी
शैली : ड्रामा, एडवेंचर, फ़ैमिली
यूजर रेटिंग :
0/5
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MOVIE REVIEW : कैसे शुरु हुई कुत्ते और इंसान की दोस्ती?

News18Hindi
Updated: August 24, 2018, 6:31 PM IST
MOVIE REVIEW : कैसे शुरु हुई कुत्ते और इंसान की दोस्ती?
कुत्ते और इंसान की दोस्ती की शुरुआत है यह कहानी.
News18Hindi
Updated: August 24, 2018, 6:31 PM IST
प्रागैतिहासिक काल में एक युवा आदमी अपने कबीले से शिकार के दौरान बिछड़ जाता है. इसी दौरान उसकी मुलाकात शिकार में बिछड़े एक भेड़िए से होती है और यहां से होती है उस दोस्ती की शुरुआत जिसने मानवता के इतिहास को हमेशा के लिए बदल दिया.

पढ़िए हैप्पी फिर जाएगी का रिव्यू 

निर्देशक एल्बर्ट ह्यूस की 'एल्फा' कहने को एक लड़के और उसके कुत्ते की कहानी है लेकिन फर्क ये है कि कहानी 20 हज़ार साल पुरानी है और कुत्ते और मानव की पहली दोस्ती है. यूरोप के बर्फीले जंगलो में पहली बार कैसे कुत्ते और इंसान करीब आए इस संवेदनशील विषय को निर्देशक खूबसूरती से टैकल करते हैं.

इस फिल्म को देखना रोमांच और सूकुन देता है साथ ही इस फिल्म में कई ऐसे मौके हैं जो आपको चौंका देंगे. फिल्म की कहानी बेहद सरल है लेकिन प्रभावित करती है. युवा केडा अपने कबीले से बिछड़ जाने के बाद घने जंगल में अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहा है. इसी जंगल में उसकी मुलाकात एक भटके हुए भेड़िए से होती है. यूरोप की जमा देने वाली सर्दी के मौसम की शुरुआत से पहले इन दोनों को घने जंगल और पहाड़ों को पार करते हुए अपनी अपनी ट्राइब के पास पहुंचना है और यहीं से शुरु होती है वो पार्टनरशिप जिसे हम 'Man's Best Friend' की तरह जानते हैं.

इस फिल्म में बहुत सारे डॉयलॉग नहीं है और जो हैं वो किसी ऐसी भाषा में हैं जो आपको समझ नहीं आएगी और इसके लिए फिल्म में सब टाइटल्स दिए गए हैं. केडा के रोल में अभिनेता कीडो स्मिट मैक्फी ने बेहतरीन अभिनय किया है. एक खोए हुए युवक और जीने के लिए संघर्ष करते हुए एक आदमी का रोल को वो जिंदा कर देते हैं.

फिल्म का आधा काम इसके ग्राफिक और सिनेमैटोग्राफी पर टिका है और सिनेमैटोग्राफर मार्टिन शाल्ट और विजुअल ग्राफिक टीम ने एक ऐसी दुनिया बनाई है जो दिखने में बिल्कुल प्रागैतिहासिक लगती है. फिल्म का निर्देशन भी कमाल का है. द बुक ऑफ एली जैसी फिल्म बना चुके एल्बर्ट ह्यूज़ ने ड्रामा और कल्पना को इस तरह जोड़ा है कि आपको इस कहानी पर यकीन होने लगता है. प्रागैतिहासिक काल में किस तरह मानव प्रजातियां अपना जीवन यापन करती थीं, देखना दिलचस्प लगता है.

अगर आप पशु प्रेमी हैं तो ये फिल्म आपके लिए है और अगर आप नहीं है तो भी ये फिल्म आपके लिए है, हां धीमी है, लेकिन अच्छी फिल्म है जो बड़ी स्क्रीन पर आपको हिला कर रख देगी.

डिटेल्ड रेटिंग

कहानी :
4/5
स्क्रिनप्ल :
4/5
डायरेक्शन :
4/5
संगीत :
3.5/5
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