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राब्ता
3/5
पर्दे पर : 9 जून 2017
डायरेक्टर : दिनेश विजान
संगीत : JAM8
कलाकार : सुशांत सिंह राजपूत, कृति सैनॉन
शैली : ड्रामा
यूजर रेटिंग :
0/5
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FILM REVIEW: हीरो-हीरोइन की नहीं, विलेन-हीरोइन की लव स्टोरी है 'राब्ता'

Moulshree Kullkarni | News18Hindi
Updated: August 1, 2017, 12:03 PM IST
FILM REVIEW: हीरो-हीरोइन की नहीं, विलेन-हीरोइन की लव स्टोरी है 'राब्ता'
film review: raabta

जानिए कैसी है सुशांत सिंह राजपूत और कृति सैनॉन की फ़िल्म राब्ता

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  • Last Updated: August 1, 2017, 12:03 PM IST
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'पुनर्जन्म' भारतीयों के पसंदीदा विषयों में से है. अब के बरस, मगधीरा, क़र्ज़, ओम शांति ओम और फिर राब्ता.

दो जन्मों की कहानी. जहां प्यार करने वाले बिछड़ जाते हैं, किसी अगले जन्म में मिलने का वादा करके. वो फिर से जन्म लेते हैं और उन्हें जुदा करने वाले विलेन से बदला लेते हैं.

बाकी की फ़िल्मों में और 'राब्ता' में अंतर क्या है? दरअसल 'राब्ता' हीरो-हीरोइन की नहीं, एक विलेन और हीरोइन की प्रेम कहानी है. लेकिन हीरो कौन है और विलेन कौन, ये फ़ैसला कर पाना थोड़ा मुश्किल सा लगता है. फ़िल्म अंत में भले ही इसका फ़ैसला सुना दे, लेकिन कहीं ना कहीं 'डर' के शाहरुख खान जैसे उस पागल प्रेमी के प्रति आपके मन में सिम्पैथी रह जाती है.

कहानी: 3 स्टार

शिव यानि सुशांत सिंह और सायरा यानि कृति सैनॉन यूरोप में मिलते हैं. शिव बैंकर है और सायरा चॉकलेट मेकर. सायरा को देखते ही शिव दीवाना हो जाता है और उसके पीछे-पीछे उसके घर आ जाता है. दो दिनों में ही उन्हें लगता है कि उनका रिश्ता बहुत पुराना है. वो उसके बॉयफ्रेंड से उसका ब्रेकअप भी करवा देता है. दोनों पूरी तरह से प्यार में डूब चुके हैं.

सायरा के साथ एक प्रॉब्लम है. उसे रात में नींद नहीं आती. बचपन से ही उसे पानी में डूबकर दो लोगों के मरने के बुरे सपने आते हैं. इसीलिए उसे पानी से डर लगता है.

फिर उनकी ज़िन्दगी में एंट्री होती है ज़ाकिर मर्चेन्ट उर्फ़ ज़ैक की. ज़ैक अपने चार्म और रॉयल तौर-तरीकों से सायरा का दिल जीतने की कोशिश करता है. सायरा की ड्रिंक में बेहोशी की दवा मिलाकर वो उसे किडनैप कर दूर एक द्वीप पर बने अपने बंगले पर ले जाता है.
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सायरा को अभी तक पिछले जन्म का कुछ भी याद नहीं. ज़ैक को सब याद है. पिछले जन्म में ना सही, इस जन्म में वो सायरा को अपना बना कर ही मानेगा. उससे भागने की कोशिश में सायरा समुन्दर में गिर जाती है. यहां से उसे पिछला सबकुछ याद आता है.

उसे याद आता है कि हज़ार साल पहले वो एक राजकुमारी थी, साहिबा जो अपने कबीले के एक सैनिक काबीर यानि जिम स्राभ से बहुत प्यार करती थी. दूसरे कबीले का मुखिया जिलान यानि सुशांत सिंह उनके कबीले पर हमला करता है और काबीर को बुरी तरह ज़ख़्मी कर देता है. काबीर की इस हालत का बदला लेने साहिबा जालान के कबीले जा पहुंचती है और उसे लड़ाई की खुली चुनौती देती है.

इस लड़ाई के दौरान जालान को साहिबा से प्यार हो जाता है. वह इस शर्त पर साहिबा के कबीले से दूर रहने का आश्वासन देता है कि साहिबा उसकी हो जाए. साहिबा तैयार है. लेकिन काबीर, जो बचपन से साहिबा से प्यार करता था, ऐसे कैसे हार मान जाता.उधर जालान और साहिबा की शादी हुई, इधर काबीर ने हमला कर जालान और साहिबा को मार डाला.

सायरा से बातचीत के दौरान जब ज़ैक उसे उसी की वो पेंटिंग्स दिखाता है जो उसने बचपन से अबतक बनाई हैं, जब उसे बताता है कि पैदा होने के 7 सालों तक उसने एक भी शब्द नहीं बोला था और उसके डॉक्टर भी उसे पागल कहते थे, उसकी बेचारगी दिखाता है.

सायरा और साहिबा दोनों ही बहुत आम लड़कियां हैं. अपने बचपन के प्यार काबीर को छोड़कर अपने दुश्मन से प्यार कर बैठना साहिबा को इंसान होने के ज़्यादा करीब लाता है.

शिव का किरदार 'बॉय नेक्स्ट डोर' वाला है. प्यार में पागल होकर वो सायरा को हासिल कर ही लेता है. वहीं जालान एक बारबेरियन है, योद्धा है जिसके सीने में दिल नहीं है. लेकिन साहिबा का प्यार उसे इंसान बना देता है. उसका किरदार कुछ-कुछ 'गेम ऑफ़ थ्रोंस' के खाल ड्रोगो की याद दिलाता है.

काबीर और ज़ैक एक जैसे हैं. अपने प्यार को पाने के लिए किसी भी हद तक जाने की दीवानगी उन्हें एक मुजरिम की कैटेगरी में ले आती है.

शिव का चड्ढी-बडी है राधा यानि वरुण शर्मा (फुकरे वाले). पूरी फ़िल्म में उनका किरदार कुल 10 मिनट का होगा लेकिन शिव और राधा की दोस्ती में कोई बनावट नहीं लगती.

एक्टिंग: 3 स्टार

सुशांत सिंह राजपूत और कृति सैनॉन असल ज़िन्दगी में भी अच्छे दोस्त हैं. उनकी ये केमिस्ट्री फ़िल्म में भी दिखाई देती है. उनके आपसी डायलॉग्स युवाओं को ध्यान में रखकर ही लिखे गए हैं. दोनों के अभिनय में काफ़ी ईज़ है.एक योद्धा के किरदार में भी कृति बहुत ख़ूबसूरत लगी हैं. लेकिन उनकी एक्टिंग में परिपक्वता धीरे-धीरे आएगी. इस फ़िल्म में उनमें काफ़ी संभावनाए नज़र आई हैं.

सुशांत सिंह अच्छे एक्टर हैं जिसका परिचय वो अपनी पिछली फ़िल्म में दे चुके हैं. अब उनके रोल में एक बड़ी सफ़लता का कॉन्फिडेंस और सहजता नज़र आती है. जालान के रोल के लिए सुशांत सिंह ने अपनी आवाज़ कुछ भारी की है जिससे रोल जान आई है.

लेकिन पूरी फ़िल्म का मूड ऑफ़ करते हैं पहले हाफ़ में जिम स्राभ. उनकी एक्टिंग, उनका एक्सेंट बहुत नकली और इरिटेटिंग लगता है. दूसरे हाफ़ में पागल प्रेमी के रोल में उन्होंने अपनी एक्टिंग का स्तर थोड़ा ऊंचा किया है. लेकिन फ़िर भी वो किरदार किसी दूसरी तरह से शायद और बेहतर हो सकता था.

राजकुमार राव कबीले के सबसे बुज़ुर्ग आदमी हैं. वो काबीर से कहते हैं कि जालान और साहिबा जैसा प्यार हज़ार सालों में एक बार होता है. रूहों के जुड़ने और इस कहानी के फिर से दोहराए जाने की भविष्यवाणी वही करते हैं. उनका किरदार अपने हाव-भाव और एक्सप्रेशंस से 'दि लायन किंग' के बूढ़े अन्तर्यामी बन्दर के किरदार की याद दिलाता है.

फ़िल्म को एक्टिंग के लिए हम देना तो 3.5 स्टार चाहते हैं लेकिन जिम की एक्टिंग के लिए आधा स्टार हम कम कर रहे हैं.

म्यूज़िक: 3 स्टार

फ़िल्म के म्यूज़िक को लेकर फ़िल्म निर्माताओं और संगीतकार प्रीतम के बीच काफ़ी विवाद हुआ था. फ़िल्म का म्यूज़िक प्रीतम की कंपनी 'जैम8' ने बनाया है. फ़िल्म के सभी गाने अच्छे हैं और पहले ही यूट्यूब पर छाए हुए हैं.

सिनेमेटोग्राफ़ी: 3.5

फ़िल्म की एडिटिंग बेहतरीन है. नए और पुराने समय के बीच के कट बहुत स्पष्ट हैं और एक क्रम में लगते हैं. फ़िल्म का काफ़ी हिस्सा यूरोप में शूट हुआ है जो हाल ही में रिलीज़ हुई कई फ़िल्मों की यादें ताज़ा करता है.

पुराने वक़्त के कबीले और उनके कपड़े, गहने बहुत रोचक लगते हैं. उनकी भाषा तो हिंदी है लेकिन उनके लहजा कुछ अलग सा लगता है. कलाकारों को हज़ार साल पहले के कबीलाई लोग दिखाने के लिए काफ़ी मेहनत की गई है.

कुल मिलाकर: 3 स्टार

इस फ़िल्म में बहुत सारा ड्रामा है, दो जन्मों की कहानी है, आसमान से बरसते अंगारे हैं, आग से जलती तलवार है लेकिन इस फ़िल्म के केंद्र में है प्यार को हासिल करने का जुनून. ये जुनून भी ऐसा जो हीरो को विलेन और विलेन को हीरो बना देता है.

फ़िल्म की रिलीज़ से पहले इसे मगधीरा की कॉपी कहा जा रहा था. दोनों ही फ़िल्मों का विषय मिलता-जुलता ज़रूर है लेकिन दोनों फ़िल्मों की कहानी और ट्रीटमेंट बिलकुल अलग है. कुल मिलकर इस फ़िल्म को हम दे रहे हैं 3 स्टार.

डिटेल्ड रेटिंग

कहानी :
3/5
स्क्रिनप्ल :
2.5/5
डायरेक्शन :
3/5
संगीत :
3/5

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First published: June 9, 2017, 2:24 PM IST
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