लैला मजनू
3.5/5
पर्दे पर : 7 अगस्त 2018
डायरेक्टर : साजिद अली
संगीत : सुनिधी चौहान, नीलाद्री कुमार, जोय बरुआ
कलाकार : अविनाश तिवारी, तृप्ति डिमरी
शैली : लव स्टोरी
यूजर रेटिंग :
0/5
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Laila Majnu Movie Review: फ्रेश है लैला मजनू, एक बार देखनी तो बनती है

फिल्म का डायरेक्शन इम्तियाज़ अली के भाई साजिद अली ने किया है. इम्तियाज़ अली फिल्म के क्रिएटिव प्रोड्यूसर हैं. लेकिन फिल्म में आपको इम्तियाज़ वाला फील बीच-बीच में आता रहेगा.

Mahima Bharti | News18Hindi
Updated: September 7, 2018, 9:28 AM IST
Laila Majnu Movie Review: फ्रेश है लैला मजनू, एक बार देखनी तो बनती है
अविनाश तिवारी और तृप्ति डिमरी.
Mahima Bharti | News18Hindi
Updated: September 7, 2018, 9:28 AM IST
प्यार की गहराई बताने के लिए न जाने कबसे लैला-मजनू, हीर-रांझा और शीरीं-फरहाद के उदारहण दिए जा रहे हैं. इन प्रेम कहानियों के बारे में हम सभी कभी न कभी ज़रूर सुन चुके होते हैं. इम्तियाज़ अली के भाई साजिद अली के डायरेक्शन में बनी फिल्म लैला मजनू की भी वही कहानी है जो पहले भी फिल्म की शक्ल में बड़े पर्दे पर आ चुकी है.

नई लैला मजनू की कहानी कश्मीर बेस्ड है. तृप्ति डिमरी फिल्म में लैला के किरदार में हैं और अविनाश तिवारी क़ैस के. लैला कश्मीर के एक सम्मानित व्यक्ति की बेटी है और क़ैस उसी शहर के अमीर व्यक्ति के बेटे हैं. क़ैस की छवि पूरे शहर में एक बिगड़े रईसज़ादे वाली है. वहीं लैला अपने पिता की लाडली है. आज़ाद ख्यालों वाली लैला मस्तमौला सी लड़की है, थोड़ी सी शातिर है जिसे लड़कों को अपने पीछे घुमाने में मज़ा आता है. ऐसा ही कुछ करते हुए उनकी मुलाकात होती है क़ैस से. क़ैस लैला को देखते ही उसके प्यार में पड़ जाता है. लैला भी क़ैस को आज़माने के इरादे से उससे बातचीत करती है लेकिन बाद में उसे भी क़ैस से मोहब्बत हो जाती है. यहां तक सबकुछ ठीक रहता है. परेशानी तब शुरू होती है जब दोनों को ये एहसास होता है कि  उनके परिवार उनके इस रिश्ते को कभी मंज़ूरी नहीं देंगे क्योंकि वो पहले से ही किसी ज़मीन के सौदे को लेकर एक दूसरे के दुश्मन होते हैं. इस दुश्मनी की आग में घी का काम करते हैं सुमित कौल.

लैला के परिवार वाले लैला को क़ैस से दूर करने के लिए उसकी शादी कर देते हैं. इसके बाद फिल्म की असली कहानी शुरू होती है. जब क़ैस की मोहब्बत जुनून की तरह उसके सिर पर सवार हो जाती है. क़ैस लैला को उसकी किस्मत के भरोसे छोड़कर चला जाता है. 4 साल बाद जब वह लौटता है तो माहौल कुछ ऐसा बन जाता है कि लैला उसके पास दोबारा लौट आने को राज़ी हो जाती है. धीरे-धीरे लैला का इंतज़ार क़ैस को भारी पड़ता जाता है और वो क़ैस से मजनू यानी कि पागल सा होता जाता है.

फिल्म की कहानी प्रेसेंट कॉन्टेक्स्ट की है जिसमें लैला और क़ैस दोनों का ही अमीर घरानों से ताल्लुक है. शुरूआत के 20 मिनट आपको बोझल सा फील करा सकते हैं क्योंकि इस दौरान कहानी सिर्फ बंधने के लिए आगे बढ़ रही होती है. कहानी वर्तमान के कश्मीर पर बेस्ड है ये शुरूआत में इसलिए भी महसूस होता है क्योंकि फिल्म के कैरेक्टर्स फिज़ूल अंग्रेज़ी बोलते हुए से लगते हैं. फिल्म शुरू होने से पहले ये लिखा आ जाता है कि ये फिल्म किसी भी तरह से महिला हिंसा को बढ़ावा नहीं देती. लेकिन एक डायलॉग में रेप जैसे शब्द का इस्तेमाल जिस तरह से किया गया है वह बेहद ही गैर-ज़रूरी और गैर ज़िम्मेदाराना सा लगता है.

बात करें एक्टिंग की तो अविनाश तिवारी मजनू के किरदार को मुकम्मल करते हुए लगते हैं. फिल्म के सेकेंड हाफ में उनकी एक्टिंग लाजवाब है. अविनाश के मुकाबले तृप्ति काफी कमज़ोर दिखती हैं. कई जगह उनके एक्सप्रेशन्स काफी ज़्यादा फेक से महसूस होते हैं. फिल्म के बाकी किरदार भी अपनी जगह पर ठीक काम करते हैं. फिल्म वर्तमान के लैला मजनू पर आधारित है तो ऐसे में एक बात खटकती है कि क़ैस जब डिप्रेशन में जाने लगता है तो उसके दोस्त उसे किसी डॉक्टर को दिखाने के बजाय घर में कैद कर लेते हैं. फिल्म की शुरूआत में लैला दिखाई गई है उससे ये झलकता है कि उसकी एक्टिंग से ज़्यादा उसकी लिपस्टिक पर फोकस किया गया है. इसके बावजूद भी फिल्म के लीड्स स्क्रीन पर ताज़गी महसूस कराते हैं.

फिल्म का डायरेक्शन इम्तियाज़ अली के भाई साजिद अली ने किया है. इम्तियाज़ अली फिल्म के क्रिएटिव प्रोड्यूसर हैं. लेकिन फिल्म में आपको इम्तियाज़ वाला फील बीच-बीच में आता रहेगा. जिस तरह म्यूज़िक का फिल्म में इस्तेमाल है और जैसे कश्मीर की लोकेशन्स को शूट किया गया है रॉकस्टार याद आने लगती है. क़ैस के किरदार में जिस तरह की दीवानगी अविनाश ने दिखाई है वो कुछ-कुछ रॉकस्टार के जॉर्डन जैसा महसूस कराता है. अगर आपको रोमांटिक फिल्में पसंद हैं तो एक बार फिल्म देखी जा सकती है. फिल्म के म्यूज़िक को पहले से ही लोग पसंद कर रहे हैं. गाने भी ठीक लिखे गए हैं.

 

डिटेल्ड रेटिंग

कहानी :
3/5
स्क्रिनप्ल :
3.5/5
डायरेक्शन :
3.5/5
संगीत :
4/5
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