102 नॉट आउट
4/5
पर्दे पर : 04 मई 2018
डायरेक्टर : उमेश शुक्ला
संगीत : सलीम सुलेमान
कलाकार : अमिताभ बच्चन, ऋषि कपूर
शैली : फैमिली कॉमेडी
यूजर रेटिंग :
0/5
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MOVIE REVIEW 102 NOT OUT : लंबे समय बाद पर्दे पर दिखी एक कमाल की फैमिली कॉमेडी

अमिताभ और ऋषि कपूर ने इस फिल्म में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवा लिया है.

News18Hindi
Updated: May 2, 2018, 4:21 PM IST
MOVIE REVIEW 102 NOT OUT : लंबे समय बाद पर्दे पर दिखी एक कमाल की फैमिली कॉमेडी
102 नॉट आउट के एक दृश्य में ऋषि कपूर और अमिताभ बच्चन
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Updated: May 2, 2018, 4:21 PM IST
समीक्षक - विवेक शाह 

अमिताभ बच्चन और ऋषि कपूर ने साथ कई यादगार फिल्में दी हैं और अब इस लिस्ट में '102 नॉट आउट' का नाम भी शामिल हो गया है. 102 साल के बूढ़े के किरदार में अमिताभ बच्चन और उनके 75 साल के बेटे के किरदार में ऋषि कपूर कमाल की जोड़ी के रुप में नज़र आते हैं.

27 साल बाद ये दोनों अभिनेता किसी फिल्म में एक साथ दिखाई दे रहे हैं और निर्देशक उमेश शुक्ला ने इस मौके को खराब नहीं होने दिया है. इस फिल्म का आधार है गुजराती लेखक सौम्य जोशी का इसी नाम से लिखा गया नाटक. कहानी पिता दत्तात्रेय और बेटे बाबूलाल के विचित्र रिश्ते के ईर्द गिर्द घूमती है. ये एक हल्की फुल्की कॉमेडी है जिसमें आपको ज़िंदगी की झलक दिखाई देती है. उमेश शुक्ला ने गुजराती नाटक के साथ छेड़छाड़ नहीं की है और फिल्म को ये बात मज़बूत बनाती है.

ये उन गिनी चुनी फिल्मों में से है जिनमें सभी मुख्य किरदार वरिष्ठ नागरिक हैं. 102 साल के अमिताभ अपने किरदार को जिस जीवट से निभाते हैं वो साबित करता है कि वो महानायक क्यों कहलाए जाते हैं. पिता पुत्र की इस अनोखी जोड़ी को खास बनाती है इस कहानी में उनकी मिजाज़. 102 साल का पिता जहां कूल और बेफिक्र है वहीं 75 साल का बेटा बेहद कठोर और अनुशासित है.

अमिताभ चाहते हैं कि वो 118 साल तक जीने वाले आदमी का रिकॉर्ड तोड़े और इसके लिए वो हमेशा खुश और ज़िंदादिल रहते हैं. वहीं उनके बेटे ऋषि कपूर अभी से बोरियत और गुस्से से भर चुके हैं. उमेश की फिल्म आपको अपनी बातों में उलझा लेती है और हंसते हंसते आप समझते हैं कि ज़िंदगी कितनी कीमती है.

एक और खास बात जो इस फिल्म से जुड़ी है वो इस फिल्म का ड्यूरेशन. फिल्म के सपांदक बोधादित्या बनर्जी ने फिल्म को 102 मिनट का ही रखा है और इसके लिए उन्होंने फिल्म के साथ ज्यादा काँट छाँट नहीं की है. इस फिल्म में अमिताभ और ऋषि ने अपनी बेस्ट परफॉर्मेंस दी है और उन्होंने साबित किया है कि पुराना कभी पुराना नहीं होता. फिल्म में जिमित त्रिवेदी भी अच्छा काम करते नज़र आते हैं.

फिल्म में संगीत दिया है सलीम सुलेमान ने लेकिन वो कुछ खास समां बांध नहीं पाते लेकिन रिश्तों की भोली और सुंदर कहानी कहती इस फिल्म को एक बार आप ज़रुर देखें, परिवार के साथ, आपको मज़ा आएगा.

(इस फिल्म रिव्यू का मूल लेख अंग्रेज़ी में आप यहां पढ़ सकते हैं - Pick-D-Flick)

डिटेल्ड रेटिंग

कहानी :
3.5/5
स्क्रिनप्ल :
3.5/5
डायरेक्शन :
4/5
संगीत :
3/5
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