नानू की जानू
2.5/5
पर्दे पर : 20 अप्रैल 2018
डायरेक्टर : फ़राज़ अहमद
संगीत : मीत ब्रदर्स, जीत गांगुली, साजिद वाजिद, गुनवंत सेन
कलाकार : अभय देओल, पत्रलेखा, मनु ऋषि
शैली : हॉरर कॉमेडी
यूजर रेटिंग :
0/5
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FILM REVIEW : Nanu ki Jaanu में 'ओए लकी...' वाला जादू नहीं चला पाए अभय देओल

इस फिल्म को लेकर अभय देओल ने पहले भी कहा था कि कोई भी फिल्म 'टीम वर्क' से बनती है और अकेले उनके कंधो पर सबकुछ नहीं है.

News18Hindi
Updated: April 20, 2018, 10:24 AM IST
FILM REVIEW : Nanu ki Jaanu में  'ओए लकी...' वाला जादू नहीं चला पाए अभय देओल
फिल्म नानू की जानू में सपना चौधरी का भी एक डाँस नंबर है.
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Updated: April 20, 2018, 10:24 AM IST
फिल्म समीक्षक - विवेक शाह

इस फिल्म का प्रोमो जितना मज़ेदार लग रहा था ये फिल्म उतनी मज़ेदार नहीं है. फिल्म में सालों बाद 'ओए लकी, लकी ओए' की हिट जोड़ी अभय देओल और मनु ऋषि साथ नज़र आए लेकिन कुछ एक सीन्स को छोड़कर वो अपना पुराना जादू नहीं दिखा पाए. साल 2014 में आई तमिल फिल्म पिस्सासु का हिंदी रीमेक नानू की जानू इस साल की पहली हॉरर कॉमेडी है और इस फिल्म की कास्ट को देखते हुए इस फिल्म से काफी उम्मीदें लगाई जा रहीं थी लेकिन फिल्म में कई कमियां नज़र आ रही हैं.

फिल्म की कहानी बेहद सरल है. अभय देओल एक गुंडे के किरदार में हैं जो लोगों से वसूली करता है और उनकी प्रॉपर्टी पर कब्ज़ा करवाता है. इस गुंडे की ज़िंदगी में ट्विस्ट आता है तब जब वो एक ऐसी भूतनी के चक्कर में फंस जाता है जिसे उससे प्यार हो गया है. लेकिन ये भूतनी डरावनी कम और प्यारी ज्यादा है. भूतनी यानि पत्रलेखा को अभय से प्यार हो जाता है और इसी उठा पटक के इर्द गिर्द सारी कॉमेडी शुरु होती है. लेकिन क्या ये बेस्ट कॉमेडी है, नहीं!

फराज़ अहमद की बतौर निर्देशक ये पहली बॉलीवुड फिल्म है और उन्होंने ज्यादा रिस्क लिए बिना साल 2014 की हिट तमिल फिल्म 'पिस्सासु' का रीमेक बनाया है. लेकिन ज़रुरी नहीं की हिट फिल्म का रीमेक हिट ही बने. सिद्धी (पत्रलेखा) की मौत एक एक्सीडेंट में होती है जिससे बचाने की नानू (अभय) बहुत कोशिश करता है लेकिन असफल रहता है. लेकिन नानू की इस सच्ची कोशिश को देख पत्रलेखा के भूत को नानू से प्यार हो जाता है और वो उसके पीछे पड़ जाती है, लेकिन इस भूतिया प्रेम कहानी का अंत कैसे होता है इसका पता आपको सिनेमाघर जाकर लगेगा.



फिल्म में सबसे कमाल की एक्टिंग करने वाले रहे हैं मनु ऋषि, मनु, ओए लकी लकी ओए में अभय के साथी बनते हैं और इसके बाद इस फिल्म में वो एक बार फिर से अभय के साथी बने हैं. इन दोनों के बीच की कॉमिक टाइमिंग आपको हंसने पर मजबूर कर देगी. ये फिल्म एक हल्की फुल्की मसाला एंटरटेनर हो सकती थी लेकन फिल्म में इमोशन, हॉरर, संदेश जोड़ने के चक्कर में निर्देशक भटक जाते हैं.

अगर आप अभय के फैन हैं तो इस फिल्म को आपको ज़रुर देखना चाहिए लेकिन आप अगर सीरियस मूवी फैन हैं तो इस फिल्म को स्किप कर आप 'बियॉन्ड द क्लाउड्स' देख सकते हैं जिसे बनाया है ईरानी निर्देशक माजिद मजीदी ने.

फिल्म रिव्यू - बियॉन्ड द क्लाउड्स

डिटेल्ड रेटिंग

कहानी :
2/5
स्क्रिनप्ल :
2.5/5
डायरेक्शन :
2.5/5
संगीत :
2/5
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