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फिल्म रिव्यू: 'मुबारकां' में व्हाट्सएप वाले जोक्स हैं, लेकिन हंसी आती है!

मुबारकां
मुबारकां
2/5
पर्दे पर:28 जुलाई 2017
डायरेक्टर : अनीस बज्मी
संगीत : अमाल मलिक
कलाकार : अनिल कपूर, अर्जुन कपूर, इलियाना डिक्रूज, अथिया शेट्टी,
शैली : कॉमेडी
यूजर रेटिंग :
0/5
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फिल्म रिव्यू: 'मुबारकां' में व्हाट्सएप वाले जोक्स हैं, लेकिन हंसी आती है!

जानिए कैसी है अनिल और अर्जुन कपूर की फिल्म 'मुबारकां'

जानिए कैसी है अनिल और अर्जुन कपूर की फिल्म 'मुबारकां'

जानिए कैसी है अनिल और अर्जुन कपूर की फिल्म 'मुबारकां'

फिल्म 'मुबारकां'. कहानी दो जुड़वा भाइयों की जो किस्मत से अब कजन्स हैं. करण और चरण. जो अपनी मर्जी से प्यार तो करते हैं लेकिन घर वालों को अपनी-अपनी गर्लफ्रेंड्स के बारे में बताने में उनकी हालत खराब हो जाती है.

चरण-करण के मां-बाप जरूरत से ज्यादा कंट्रोलिंग हैं जिनके लिए आज भी बेटा एक आवाज में सीधा खड़ा हो जाता है और जो तेज-तर्रार लड़कियों को 'लूज कैरेक्टर' समझते हैं.

बस, यही पूरी फिल्म का सार है.

अनीस बज्मी की बाकी सभी फिल्मों की तरह 'मुबारकां' में हंसी मजाक आपको जम कर मिलेगा लेकिन स्टोरी के अंदर आपको 'वेलकम' या 'नो एंट्री' जैसी फ़िल्मों की फ़ील मिलेगी लेकिन अनीस की हर फिल्म की तरह 'मुबारकां' का भी असली प्लॉट सिर्फ कंफ्यूजन ही है. हर तरह के स्टीरियोटाइप्स से भरी फिल्म 'मुबारकां' एक लिमिट के बाद आपको अझेल लगने लगती है.

कहानी: 1.5

फिल्म की कहानी में बहुत सारी समस्याएं हैं. दो 'डरपोक' जुड़वा भाई करण और चरण बचपन में ही मां-बाप के गुजर जाने के बाद परिवार के अलग-अलग सदस्यों के घर पलते हैं. एक लंदन में और एक पंजाब में. एक को स्वीटी से प्यार है लेकिन उनकी मां स्वीटी को 'लूज कैरेक्टर' समझती है और दूसरे को नफीसा से प्यार है जो 'मुसलमान' है.

arjun kapoor
करण और चरण के किरदारों में arjun kapoor


इन दोनों को इस संकट से उबारने के लिए एंट्री होती है उनके बैचलर चाचा/मामा करतार सिंह की. करतार एक से एक बेवकूफाना प्लान बनाता है, मूली, गोभी, मोबाइल फोन को इंसान बताता है और समस्याएं पैदा करता जाता है.

अपनी गर्लफ्रेंड को इंडिया में छोड़कर चरण लड़की देखने लंदन जाता है और एक ही नजर में उसे 'अथिया शेट्टी' से प्यार हो जाता है. कंफ्यूजन की लंबी लिस्ट और क्लाइमेक्स में अथाह भीड़भाड़ के बीच हो जाती है हैप्पी एंडिंग.

डरते, घबराते बच्चे और चीखते, रोते, अपनी हर बात मनवा लेते मां-बाप. सेंसर बोर्ड के लिए यह एक आदर्श भारतीय फिल्म है.


हिंदी बोलता अंग्रेज फिल्म में सिर्फ सबके थप्पड़ खाने के लिए है. फिल्म के हिसाब से फेसबुक पर अगर किसी लड़के की लिस्ट में सिर्फ लड़के ही एडेड हैं तो वो 'उस' किस्म का लड़का हो सकता है जो ज्यादा 'मेल-मिलाप' करता है.

एक घूरने वाला लड़का जो लड़की को असहज कर रहा है, उसे उठवाने की बात कर रहा है वो आखिर में उस लड़की का सच्चा प्यार बन जाता है! और हां अगर किसी की पत्नी मर चुकी है तो उसकी मौत का दिन आदमी के लिए आजादी का दिन होता है!

व्हाट्सएप वाले चुटकुलों को कमाल की एक्टिंग से सजाती इस कॉमेटी मॉकटेल को हम देंगे 1.5 स्टार.

एक्टिंग: 2.5

अर्जुन कपूर दो हीरोइनों के साथ घूम रहे हैं ये अपने आप में बहुत बड़ी बात है. लेकिन उनकी एक्टिंग में अभी भी '2 स्टेट्स' वाला एक MBA स्टूडेंट ही दिखता है. फिल्म का मज़बूत पक्ष हैं अनिल कपूर जो ब्रिटिश एक्सेंट में बोलते हुए बेवकूफाना हरकतें करते हैं और लोगों को बहुत हंसी आती है.

mubarakaan
फिल्म mubarakaan के मुख्य किरदार


रत्ना पाठक शाह को 'लिपस्टिक अंडर माय बुर्का' के बाद 'मुबारकां' में देखना एक नया फ्लेवर देता है. इलियाना डिक्रुज की एक्टिंग भी देखी जा सकती है लेकिन आथिया शेट्टी को फिल्म में देखना टॉर्चर लगता है.

बड़ी पंजाबी हैप्पी फैमिली और चीखते चिल्लाते लोग उम्मीद के मुताबिक कॉमेडी क्रिएट कर देते हैं. एक्टिंग के लिए हम इस फिल्म को 2.5 स्टार दे रहे हैं.

म्यूजिक: 2.5 स्टार

फिल्म का सिर्फ एक ही गाना 'हवा-हवा' जुबान पर चढ़ने वाला है और वो अब तक लोगों की प्लेलिस्ट में शामिल भी हो चुका है. बाकी के गाने सिर्फ शोर लगते हैं. एक रोमांटिक गीत भी है फिल्म में लेकिन वो क्यों आता है यह जवाब हमारे पास नहीं है. अमाल मलिक के म्यूजिक और कुमार के शब्दों में ऐसा कोई जादू नजर नहीं आया जो फिल्म के गानों को अलग लेवल पर ले जाए. संगीत के लिए इसे 2.5 स्टार दिए जा सकते हैं.

सिनेमेटोग्राफी: 3 स्टार

फिल्म में डबल रोल के लिए 'मो-सिस' तकनीक का इस्तेमाल किया गया जो एक इंटरेस्टिंग पहलू है. लगभग हर सीन में अर्जुन कपूर डबल रोल में नजर आए हैं और इन सीन्स को बेहतरीन तरीके से फिल्माया गया है.

लेकिन पूरी फिल्म में लंदन की वादियां दिखाने के लिए जगह-जगह हरी स्क्रीन का इस्तेमाल साफ समझ में आया है. सिनेमेटोग्राफी के लिए हम इस फिल्म को 3 स्टार दे रहे हैं.

कुल मिलाकर: 2 स्टार

अनीस बज्मी और अनिल कपूर ने यह तय किया था कि इस फिल्म को अर्जुन कपूर की सबसे शानदार फिल्म बनाएंगे. इसके लिए वो 2 गुना अर्जुन ले आए. लेकिन फिल्म की कहानी, कंफ्यूजन वाले हिस्से को छोड़ कर बाकि जगह प्रभावित नहीं कर पाती, हालांकि डबल रोल एक मेहनत का काम है और इसके लिए हर किरदार को मेहनत करनी पड़ती है, क्योंकि हर सीन को दो बार तो शूट किया ही गया है.

यह फिल्म अनीस ने पारिवारिक जनता के लिए बनाई है और शायद इस ऑडियंस को ये पसंद भी आएगी. कुल मिलाकर हम इस फिल्म को 2 स्टार दे रहे हैं.

डिटेल्ड रेटिंग

कहानी:
1.5/5
स्क्रिनप्ल:
3/5
डायरेक्शन:
2.5/5
संगीत:
2.5/5

Tags: Mubarakan

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