रेडी प्लेयर वन
4/5
पर्दे पर : 29 मार्च
डायरेक्टर : स्टीवन स्पिलबर्ग
संगीत : जॉन विलियम्स
कलाकार : टाइ शेरिडेन, ओलिविया कुके, बेन मेंडलसॉन, टी.जे.मिलर, सिमॉन पेग
शैली : साइंस फिक्शन
यूजर रेटिंग :
0/5
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Review Ready Player One - एक बार देखकर मन नहीं भरेगा

रेडी प्लेयर वन एक स्टीवन स्पिलबर्ग की एक बेहतरीन फिल्म है. इसे देखने के बाद खुशी और रोमांच दोनों एक साथ महसूस होते हैं. फिल्म 80 के दशक का अहसास कराकर आपको 2045 के कौतूहल से भरने में कोई कसर नहीं छोड़ती है.

News18Hindi
Updated: March 30, 2018, 9:52 AM IST
Review Ready Player One - एक बार देखकर मन नहीं भरेगा
रेडी प्लेयर वन एक स्टीवन स्पिलबर्ग की एक बेहतरीन फिल्म है. इसे देखने के बाद खुशी और रोमांच दोनों एक साथ महसूस होते हैं. फिल्म 80 के दशक का अहसास कराकर आपको 2045 के कौतूहल से भरने में कोई कसर नहीं छोड़ती है.
News18Hindi
Updated: March 30, 2018, 9:52 AM IST
विवेक शाह
यह वर्ष 2045 की काल्पनिक कहानी है, जहां अधिकतर मनुष्य एक वर्चुअल ब्रह्माण्ड ओआसिस में रहते हैं. यहां कोई भी कहीं भी जा सकता है, कुछ भी कर सकता है और कोई भी रूप ले सकता है, बस ज़रुरत है कल्पना की.यह जेम्स हैलिडे का रचा हुआ ओएसिस है जो इस पर से अपनापूरा नियंत्रण छोड़ चुका है. वह तीन भागों की प्रतिस्पर्धा के ज़रिये इसका काबिल उत्तराधिकारी खोजना चाहता है. जब वेड वॉट्स (टाय शेरिडन)ख़ज़ाने की खोज की पहली चुनौती पार कर लेता है,तब ओएसिस को बचाने के लिए उसको और उसके साथियों यानी हाई-5 को डिस्कवरी और खतरे से भरे एक अद्भुत यूनिवर्स में पहुंचा दिया जाता है.

स्टीवन स्पीलबर्ग निर्देशित रेडी प्लेयर वन एक वीडियो गेम प्रोटैगनिस्ट की नज़र से एक बागी की कहानी है. हालांकि, यह फिल्म भविष्य कीकल्पना में रचीगई है लेकिन इसमें 80 के दशक की फिल्मों जैसी फीलिंग है. विज़ुअली, बेहतरीन सिनेमा की फेहरिस्त में शामिल एकखूबसूरत फिल्म आप देखेंगे. रेडीप्लेयर वन हमें सिनेमा की उस दुनिया में ले जाती है जहां फिल्म, टीवी और गेम्स की की यादों के सुनहरे पन्ने हैं और यह फिल्म अपनी पूरी गरिमा के साथ इन सबका कॉकटेल तैयार करती है. निर्माण से लेकर छायांकन तक सब कुछ लोग दोषरहित है.

कास्टिंग भी भूमिकाओं के सर्वथा अनुकूल है. वास्तविक जीवन के किरदार और अवतार जो किरदार निभाते हैं, यह फिल्म उस समय परिवर्तनको सफाई से बुनती है. फिल्म के अवधि भी उपयुक्त है. कहानी में कहीं कहीं अपरिपक्वता नज़र आती है और कहीं कहीं कहानी एक घटना सेदूसरी घटना पर जल्दी पहुँचने के चक्कर में पूरी तरह सम्प्रेषित कर पाने से चूक जाती है. ऐसा शायद नैरेटिव में बहुत कुछ भरा हुआ होने के कारण होता है.

क्लाइमेक्स जैसा लगता है जिस पर और काम किया जा सकता था. ओएसिस की दुनिया और फिल्म के किरदारों को बेहतरढंग से समझाने और दर्शाने के लिहाज़ से इस फिल्म को 2 पार्ट में बांटनेकी गुंजाइश भी थी. आखिरकार, यह सिनेमेटिक सौंदर्य और यादगारफिल्मों की श्रेणी की फिल्म है जो सभी के लिए मनोरंजक सिद्ध हो सकती है.

क्यों देखें
दौड़ती-भागती और कहीं-कहीं अविकसित रह जाती कहानी और बेहतर हो सकती थी. यह फिल्म दो पार्ट्स में हो सकती थी. इस सबके बावजूद स्पीलबर्ग की यह क्हलासिक फिल्म मनोरंजक है. फिल्म के अंत में गेम ओवर की जगह री-प्ले की उम्मीद रहती है, लेकिन रेडी प्लेलेयर वन उन फिल्मों में से है, जो दर्शक के चेहरे पर खुशी बिखेर जाती है.

डिटेल्ड रेटिंग

कहानी :
3.5/5
स्क्रिनप्ल :
3.5/5
डायरेक्शन :
4/5
संगीत :
4/5
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