अक्टूबर
3/5
पर्दे पर : 13 अप्रैल 2018
डायरेक्टर : शूजीत सरकार
संगीत : शांतनु मोइत्रा
कलाकार : वरुण धवन, बनीता संधू, गीतांजलि राव
शैली : लव स्टोरी
यूजर रेटिंग :
0/5
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Movie Review: अप्रैल में इस October का आना भूल नहीं पाएंगे आप, बेहद खूबसूरत है म्यूजिक

October Movie Review: 'अक्टूबर' का बैग्राउंड म्यूजिक शानदार है. फिल्म में जबर्दस्ती कोई गाना नहीं ठूसा गया है. जो एक फ्लो बनाए रखता है.

News18Hindi
Updated: April 13, 2018, 10:17 AM IST
Movie Review: अप्रैल में इस October का आना भूल नहीं पाएंगे आप, बेहद खूबसूरत है म्यूजिक
फिल्म अक्टूबर में वरुण धवन, बनीता संधू लीड रोल में हैं.
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Updated: April 13, 2018, 10:17 AM IST
अक्टूबर.....लंबे समय से अप्रैल में अक्टूबर का इंतजार कर रहे दर्शकों के लिए अच्छी खबर आ गई है. फाइनली ये 'अक्टूबर' रिलीज हो चुकी है. शूजीत सरकार की ये पेशकश एक बेहद खूबरत फिल्म है. जूही चतुर्वेदी की कहानी को जिस सादगी और अंदाज से शूजीत ने इसे पेश किया है वह तारीफ के काबिल है. अगर आप कहानी और इमोशन पसंद करते हैं तो ये फिल्म आपको बांध कर रखेगी और आखिर में आंखे भी नम कर देगी. लेकिन अगर आप हार्डकोर मसाला पसंद करते हैं तो माफ कीजिए अक्टूबर आपको निराश कर सकती है.

फिल्म की कहानी के मुख्य किरदार दानिश वालिया(वरुण धवन) यानी डैन और श्युली(बनीता संधू) हैं. डैन और श्यूली एक होटल में ट्रेनी हैं. जहां श्यूली तो बेस्ट परफॉर्मर है. लेकिन वरुण अपने टेंपरामेंट की वजह से अक्सर परेशान रहता है. कभी गेस्ट की बद्तमीजी पर उसे गुस्सा आता है. तो कभी बार-बार साफ सफाई वाला काम मिलने पर वह अपने मैनेजर पर भड़कता है. दरअसल वह अपना कुछ बड़ा काम करना चाहता है. मैं यूं कहूं कि वह एक परफेक्ट 20 से 22 की उम्र वाले लड़के लगे हैं. तो आप समझ जाएंगे कि उनका मिजाज किस तरह का होगा. डैन और श्यूली की आपस में कोई खास ट्यूनिंग नहीं है. लेकिन श्यूली के साथ हुआ एक एक्सीडेंट डैन की जिंदगी बदल देता है. मैं इससे आगे की कहानी का खुलासा नहीं कर सकती. क्योंकि अब बात होगी परफॉर्मेंस की.

एक्टिंग के लेवल पर वरुण धवन, बनीता संधू, गीतांजली राव सभी ने बेहतरीन काम किया है. वरुण के किरदार की मासूमियत और शरारत इंप्रेस करती है. कॉमेडी, थ्रिलर करीब-करीब हर तरह की फिल्म में हाथ आजमा चुके वरुण इस फिल्म में इंप्रेस करते हैं. वहीं बनीता संधू जिन्हें फिल्म में ज्यादा डायलॉग नहीं मिले वह अपने एक्सप्रेशन से दिल जीतती हैं. इन दोनों के बीच का कनेक्शन आपको जोड़ता है. आप आखिर तक एक सोच के साथ फिल्म देखेंगे. लेकिन इसका एंड आपको कहीं और छोड़ जाएगा.

'अक्टूबर' का बैग्राउंड म्यूजिक शानदार है. फिल्म में जबर्दस्ती कोई गाना नहीं ठूसा गया है. जो एक फ्लो बनाए रखता है. अगर शायद किसी रोमांटिक ट्रैक को फिट करने की कोशिश की गई होती तो वह 'स्पॉइलर' हो सकता था.

डिटेल्ड रेटिंग

कहानी :
2.5/5
स्क्रिनप्ल :
3/5
डायरेक्शन :
3/5
संगीत :
3/5
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