सुई धागा
3.5/5
पर्दे पर : 28-सितंबर-2018
डायरेक्टर : शरत कटारिया
संगीत : अनु मलिक
कलाकार : वरुण धवन, अनुष्का शर्मा
शैली : फैमिली, कॉमेडी, ड्रामा
यूजर रेटिंग :
0/5
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MOVIE REVIEW: जानिए कैसी है अनुष्का श्‍ार्मा और वरुण धवन की 'सुई धागा'

फिल्म सुई धागा में वरुण धवन और अनुष्का शर्मा पहली बार एक दूसरे के साथ काम करेंगे.

News18Hindi
Updated: September 28, 2018, 7:02 PM IST
MOVIE REVIEW: जानिए कैसी है अनुष्का श्‍ार्मा और वरुण धवन की 'सुई धागा'
सुई धागा में पहली बार साथ दिखेंगे वरुण धवन और अनुष्का शर्मा
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Updated: September 28, 2018, 7:02 PM IST
समीक्षक - विवेक शाह

शरत कटारिया अपनी फिल्म 'दम लगा के हईशा' का निर्देशन करने के बाद एक बार फिर लौटे हैं फिल्म 'सुई धागा' लेकर और इस बार उनकी स्टार कास्ट है वरुण धवन और अनुष्का शर्मा. भारत सरकार के 'स्वच्छ भारत' प्रोजेक्ट को थीम पर रख कई फिल्में बनाई गई हैं जिनमें 'टॉयलेट एक प्रेम कथा' भी शामिल रही. 'मेक इन इंडिया' प्रोजेक्ट को थीम रखते हुए इस बार 'सुई धागा' हमारे बीच आई है.

फिल्म उन कारीगरों की कहानी को आपके सामने लाती है जो अपने हाथ के काम को मरने नहीं देना चाहते. मध्य प्रदेश के चंदेरी इलाके की इस कहानी के किरदारों को निभाने के लिए फिल्म के दोनोंं किरदारों ने बहुत मेहनत की है. वो अपने आप को बिना मेकअप और बिना किसी तामझाम के पर्दे पर लाते हैं और कमाल का अभिनय करते हैं.

मौजी के किरदार में वरुण धवन और उनकी पत्नी के किरदार में अनुष्का शर्मा पहली बार किसी फिल्म में एक साथ नज़र आ रहे हैं. एक ऐसी जोड़ी बनकर जिसके बीच में प्यार है लेकिन वह एक दूसरे के लिए समय नहीं निकाल पाते क्योंकि ज्वाइंट फैमिली में काम और जिम्मेदारियों के बीच में फंसे हैं. इस फिल्म में सभी भावनाएं आपको मिलेंगी, खुशी, प्यार, परिवार इस फिल्म में दिखेगा.

निर्देशक फिल्म के पहले हिस्से में सभी परेशानियों को दिखाते हैं और इस जोड़ी के साथ आप जुड़ाव महसूस करते हैं. फिल्म का दूसरा हिस्सा आपको मार्मिक लग सकता है क्योंकि यही वो हिस्सा है जो आपके दिल को छू लेगा. अभिनय के नज़रिए से देखें तो फिल्म में वरुण धवन का काम आपको अच्छा लगेगा वहीं एक सादी साड़ी में लिपटी अनुष्का पर भले ही हज़ारों मीम बने हों लेकिन उनके अभिनय में कमी नज़र नहीं आती.

फिल्म में रघुबीर यादव, वरुण धवन के पिता के रोल में नज़र आते हैं और नमित दास और गोविंद पांडेय का अभिनय भी फिल्म में जमता है. फिल्म का संगीत इस फिल्म की थीम पर सूट करता है लेकिन फिल्म को फिल्माने में निर्देशक ने कोई कसर नहीं छोड़ी है. भले ही फिल्म में छोटी मोटी कमियां हों, छोटे शहर की ये कहानी बड़े पर्दे पर आपको लुभा लेगी.

डिटेल्ड रेटिंग

कहानी :
3.5/5
स्क्रिनप्ल :
3/5
डायरेक्शन :
3/5
संगीत :
3/5
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