लाइव टीवी
तान्हाजीः द अनसंग वारियर
3.5/5
पर्दे पर : 10 जनवरी, 2020
डायरेक्टर : ओम राउत
संगीत : अजय-अतुल
कलाकार : अजय देवगन, सैफ अली खान, काजोल, शरद केलकर
शैली : पीरियड ड्रामा
यूजर रेटिंग :
0/5
Rate this movie

Tanhaji Review: हिन्दी सिनेमा में कुछ नया ढूंढ़ते हो तो हर हाल में देखें अजय-सैफ की ये फिल्म

News18Hindi
Updated: January 10, 2020, 4:24 PM IST
Tanhaji Review: हिन्दी सिनेमा में कुछ नया ढूंढ़ते हो तो हर हाल में देखें अजय-सैफ की ये फिल्म
तान्हाजी रिलीज हो गई है.

तान्हाजी (Tanhaji The Unsung Warrior 2020) के सीन्स आपको 300 जैसी हॉलीवुड फिल्मों की याद दिला देंगे. इसमें रॉ. वन और रोबोट से ज्यादा धाकड़ एक्‍शन सीन्स हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 10, 2020, 4:24 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. यह समय है 17वीं शताब्दी के उत्तरार्ध का जब बांके मराठे हिंदुस्तान के मुग़ल शहंशाह औरंगज़ेब के सामने डट कर खड़े हो गए थे. लेकिन दिल्ली के तख़्त की ताक़त कभी कम ही नहीं होती थी. बस उनकी राह का रोड़ा था कोंढाणा का किला जिसको जीतकर मुग़ल सेना आराम से दक्षिण की तरफ कूच कर सकती थी.

ऐसे में शिवाजी (शरद केलकर) को ना चाहते हुए भी अपने सबसे विश्वासपात्र योद्धा तान्हाजी मालुसरे (अजय देवगन) को उनके बेटे की शादी से बुलाना पड़ता है, और अब उनका सामना एक बेहद ज़िद्दी और अहमक मुग़ल सिपहसालार उदयभान राठौर (सैफ अली खान) से होगा.

यह तो हुई फिल्म की मूल कथा लेकिन 'तान्हाजी (Tanhaji The Unsung Warrior)' को ख़ास बनाते हैं इसके ग़ज़ब के एक्शन दृश्य. फिल्म की शुरुआत होती है जब कुछ मराठा सिपाही एक पहाड़ी के ऊपर से हमलावर होते हैं. यह पूरा सीक्वेंस हिंदी सिनेमा में विजुअल इफेक्ट्स के इतिहास में एक मील का पत्थर है. इससे पहले किसी भी फिल्म में इस तरह का टेक्निकल परफेक्शन हासिल नहीं किया गया था. रा.वन और रोबोट सरीखी फिल्मों ने जो सपना देखा था, उसे तान्हाजी सच्चाई के काफी क़रीब ले गई है. संभव है कि तान्हाजी के सीन्स आपको 300 जैसी हॉलीवुड फिल्मों की याद दिला दें.

वैसे तो अभी VFX को बेहतर बनाने के लिए और सफर तय करना है लेकिन तान्हाजी ने सपनों तक पहुंच बनाने के कवायद शुरू कर दी है.

तान्हाजी में एक और देखने लायक चीज़ है सैफ अली खान की ज़बरदस्त अदाकारी. लम्बे अर्से के बाद उनकी एक विलेन के तौर पर वापसी हुई है और उन्होंने इस मौके को क्या खूब भुनाया है. तान्हाजी के सामने ना सिर्फ उन्होंने अपना कद बनाये रखा है बल्कि अपनी विविधता और रिस्क लेने की क्षमता से प्रभावित भी किया है.

तान्हाजी में निर्देशक ओम राउत ने क्रिएटिव लिबर्टी भी ली है, और इतिहास के छात्र इस से नाखुश हो सकते हैं, लेकिन फिल्म का पार्श्व संगीत, कैमरा वर्क और स्टंट सीन्स इतने कमाल के हैं कि उनकी मनमानी आसानी से नोटिस में नहीं आती है.

तान्हाजी अजय देवगन के विज़न को भी सामने लाती है. चाहे 'राजू चाचा' हो या 'यू मी और हम' या फिर 'शिवाय', उन्होंने हमेशा प्रयोगधर्मिता दिखाई है. इस बार तान्हाजी में VFX के मामले में उन्होंने कतई कोताही नहीं बरती है.यह भी पढ़ेंः सोनम के साथ ब्रिटिश ऐयरवेज की फ्लाइट में हुआ ये, कहा - 'अब कभी नहीं जाऊंगी'

134 मिनट की यह फिल्म आपको काफी आनंदित करेगी और अगर कहीं आप हिंदी में नयी चीज़ देखने के शौक़ीन हैं तो तान्हाजी ना देखने की कोई वजह नहीं बनती है. मेरी तरफ से तान्हाजी को मिलते हैं 5 में से 3.5 स्टार.

यह भी पढ़ेंः नेहा पेंडसे की रिसेप्शन Photos वायरल, पति की पहली दो शादियों पर कही ऐसी बात

डिटेल्ड रेटिंग

कहानी :
3/5
स्क्रिनप्ल :
4/5
डायरेक्शन :
4/5
संगीत :
3/5

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए फ़िल्म रिव्यू से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 10, 2020, 4:19 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर