लाइव टीवी
The Sky Is Pink
4/5
पर्दे पर : 11 अक्‍टूबर
डायरेक्टर : सोनाली बोस
संगीत : प्रीतम चक्रवर्ती
कलाकार : प्रियंंका चोपड़ा, फरहान अख्‍तर, रोहित सराफ, जायरा वसीम
शैली : फैमली ड्रामा/ रोमांस
यूजर रेटिंग :
0/5
Rate this movie

The Sky Is Pink Movie Review: मौत के बीच खुशियां ढूंढने की कोशिश है प्रियंका-फरहान की फिल्‍म

Deepika Sharma | News18India
Updated: October 11, 2019, 11:55 AM IST
The Sky Is Pink Movie Review: मौत के बीच खुशियां ढूंढने की कोशिश है प्रियंका-फरहान की फिल्‍म
यह फ‍िल्‍म आज र‍िलीज हुई है.

मौत दुनिया का सबसे बड़ा सच है, लेकिन इस सच को स्‍वीकार करना और उसे समझते हुए जीना बेहद मुश्किल और 'द स्‍काई इज पिंक' (The Sky Is Pink) इसी मुश्किल को पर्दे पर काफी खूबसूरती और सलीके से उतारती है.

  • News18India
  • Last Updated: October 11, 2019, 11:55 AM IST
  • Share this:
मुंबई. प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) के फैंस लंबे समय से हिंदी फिल्‍मों में उन्‍हें देखने का इंतजार कर रहे थे. साल 2016 में फि‍ल्‍म 'जय गंगाजल' नजर आईं प्रियंका ने फिल्‍म 'द स्‍काई इज पिंक' (The Sky Is Pink) को अपनी वापसी के लिए चुना और इस फिल्‍म को देखने के बाद आप प्रियंका के फैसले की जरूर तारीफ करेंगे. निर्देशक सोनाली बोस (Shonali Bose) की 'द स्‍काई इज पिंक' एक खूबसूरत कहानी है, जिसके हर किरदार के अपने रंग हैं और जब ये रंग आप सिनेमाघर में देखेंगे तब आप समझ पाएंगे कि आखिर आसमान का रंग 'गुलाबी' क्‍यों है. मौत दुनिया का सबसे बड़ा सच है, जो जिंदगी के साथ ही जुड़ा होता है लेकिन इस सच को स्‍वीकार करना और उसे समझते हुए जीना बेहद मुश्किल और यह फिल्‍म इसी मुश्किल को पर्दे पर काफी खूबसूरती और सलीके से उतारती है.

ये कहानी है साउथ दिल्‍ली की अदिति (प्रियंका चोपड़ा) और निरेन चौधरी (फरहान अख्‍तर) की जो दिल्‍ली के चांदनी चौक में रहते हैं. इनका एक बेटा है ईशान (रोहित सराफ) और फिर एक बेटी का जन्‍म होता है, जिसका नाम है आयशा (जायरा वसीम). आयशा का मतलब होता है जिंदगी, लेकिन ये बच्‍ची जन्‍म से ही एससीआईडी यानी सीवीयर कम्‍बाइंड इम्‍यूनोडिफिशियंसी जैसे रेयर डिसऑर्डर का शिकार होती है. इस बच्‍चे की इम्‍यूनिटी इतनी कम होती है कि इसके लिए जिंदा रहना मुश्किल होता है. अदिति और निरेन, इसी बीमारी के चलते अपनी पहली बेटी तान्‍या को खो चुके हैं और यही कारण है कि अब वह आयशा को बचाने के लिए हर संभव कोशिश करते हैं. बेटी की जिंदगी के लिए यह कपल किसी तरह पैसों का जुगाड़ कर लंदन रवाना होता है और यहां अपनी बेटी को बचाने के लिए हर कोशिश करता है. आयशा को बचाने के लिए उसके मां-बाप हर संभव कोशिश करते हैं और यही उनकी जिंदगी का जैसे मिशन बन जाता है.

priyanka

फिल्‍म की कहानी की बात करें तो पहले सीन से ही आपको पता चल जाता है कि फिल्‍म का अंत क्या होगा. इस कहानी में कुछ भी छिपाने लायक नहीं था, लेकिन इसके बाद भी पहले सीन से लेकर आखिरी सीन तक आयशा के मरने और उसके परिवार के उसको बचाने की यह जद्दोजहद आप सीट पर बैठकर देखेंगे. यही इस कहानी की सबसे बड़ी सफलता है. इसे निर्देशक सोनाली बोस के निर्देशन का कमाल ही कहेंगे जिन्‍होंने इस कहानी को शानदार तरीके से बुना है. फिल्‍म का स्‍क्रीनप्‍ले भी सोनाली बोस और जूही चतुर्वेदी ('पीकू', 'विक्‍की डोनर' 'अक्‍टूबर' फिल्‍मों की लेखिका) ने लिखा है जो एकदम कसा हुआ है. फिल्‍म की कहानी कई बार 1989 से लेकर 2015 तक के सालों के बीच में घूमती है, लेकिन इसका स्‍क्रीनप्‍ले और निर्देशन इतना शानदार है कि आप कभी भी उसमें खोते या कंफ्यूज नहीं होते. हालांकि इंटरवेल के बाद कुछ समय के लिए फिल्‍म थोड़ी खिंची हुई लगती है और लगता है कि इसकी लंबाई को कुछ कम करने की गुंजाइश थी.



अभिनय की बात करतें तो मूस यानी अदिति और पांडा यानी निरेन के किरदार में प्रियंका और फरहान इतने नेचुरल हैं कि कुछ समय बाद आप उन्‍हें अदिति और निरेन की तरह ही देखने और महसूस करने लगते हैं. प्रियंका ने खुद एक लड़की से लेकर एक एक 18 साल की बेटी की मां तक के किरदार को इतनी ईज के साथ निभाया है कि क्‍या कहें. एक मां, जिसकी बच्‍ची मरने वाली है और ये सच जानते हुए भी वह पूरी मेडिकल सिस्‍टम को खखोल डालती है ताकि उसे बचा सके. प्रियंका ने इस किरदार को इतनी खुबसूरती से निभाया है कि उसके हर इमोशन को आप महसूस कर पाएंगे. वहीं फरहान अख्‍तर हमेशा की तरह स्‍क्रीन पर बहुत ही नेचुरल हैं. इस कहानी का कोई भी किरदार ऑवर द टॉप नहीं है. जायरा वसीम की ये आखिरी फिल्‍म है, क्‍योंकि अब उन्‍होंने फिल्‍मों को अलविदा कह दिया है, लेकिन ये फिल्‍म देखकर आप जरूर कहेंगे कि जायरा को अपने फैसले के बारे में फिर से सोचना चाहिए. उनके जैसी बेहतरीन अदाकारा को पर्दे पर काफी मिस किया जाएगा.

The Sky Is Pink, Priyanka Chopra
Loading...

फिल्‍म के निर्देशन की सबसे अच्‍छी बात है कि इतने गहरे और इमोशलन विषय को भारीभरकम अंदाज में नहीं बल्कि काफी हल्‍के-फुल्‍के अंदाज में पेश किया है. फिल्‍म सिर्फ रुलाएगी नहीं, बल्कि आप मौत से हर एक दिन चुराती आयशा की कहानी में कई बार जोर-जोर से हंसेंगे. 'द स्‍काई इज पिंक' एक इमोशनल ट्रीट है, जिसे देखने के बाद आपका जिंदगी को एक नए नजरिए से देखेंगे.
यह भी पढ़े:  #MeToo से जुड़े सवाल पर तमतमाईं तापसी पन्नू, महिला पत्रकार से की 'बदसलूकी'

डिटेल्ड रेटिंग

कहानी :
3.5/5
स्क्रिनप्ल :
3.5/5
डायरेक्शन :
4/5
संगीत :
3.5/5

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए फ़िल्म रिव्यू से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 10, 2019, 12:58 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...