ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान
2.5/5
पर्दे पर : 08-नवंबर-2018
डायरेक्टर : विजय कृष्ण आचार्य
संगीत : अजय-अतुल
कलाकार : अमिताभ बच्चन, आमिर खान, फातिमा सना शेख, जॉन क्लाइव
शैली : पीरियड एक्शन ड्रामा
यूजर रेटिंग :
0/5
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MOVIE REVIEW: आमिर ने अमिताभ को दिया सबसे बड़ा धोखा, दर्शकों को भी ठग लिया

ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान में आमिर और अमिताभ पहली बार साथ नज़र आ रहे हैं लेकिन इस फिल्म में आमिर सदी के महानायक पर भारी पड़ते हैं.

Sushant Mohan | News18Hindi
Updated: November 8, 2018, 5:03 PM IST
MOVIE REVIEW: आमिर ने अमिताभ को दिया सबसे बड़ा धोखा, दर्शकों को भी ठग लिया
ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान में आमिर और अमिताभ पहली बार साथ नज़र आ रहे हैं लेकिन इस फिल्म में आमिर सदी के महानायक पर भारी पड़ते हैं.
Sushant Mohan | News18Hindi
Updated: November 8, 2018, 5:03 PM IST
मेरे पिता 64 साल के हैं और आमतौर पर फिल्में नहीं देखते, उन्हें पता नहीं चलता कि कोई फिल्म कब आई और कब गई. लेकिन उन्हें 'ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान' के बारे में न सिर्फ पता था, उन्हें इसकी रिलीज़ डेट तक मालूम थी और उन्हें पता था कि आमिर-अमिताभ पहली बार सिनेमा की स्क्रीन पर साथ दिखाई देंगे. इससे पता चलता है कि फिल्म की मार्केटिंग सफल रही. लेकिन क्या इस जबर्दस्त मार्केटिंग के बाद फिल्म सफल हुई?

साल में एक फिल्म करने वाले आमिर खान की इस फिल्म का सभी को इंतज़ार था. दीवाली की रिलीज़ को बॉक्स ऑफिस पर सबसे ज्यादा कमाई हासिल होती हो और 'ठग्स' से भी बंपर कमाई की उम्मीद की जा रही थी. इस साल की सबसे बड़ी रिलीज़ फिल्म के ट्रेलर से साफ था कि फिल्म अंग्रेज़ी हुकूमत से लड़ते भारतीय ठगों या कहिए समुद्री लुटेरों के एक समूह की कहानी है और इन दोनों की जंग में अंत में सभी को मालूम है कि कौन जीतेगा. लेकिन सस्पेंस यही था कि क्या फिल्म में इस ट्रेलर से ज्यादा कुछ है, हमने पाया कि कहानी के मामले में तो ऐसा कुछ भी नहीं.

1795 के भारत में एक छोटी सी रियासत रौनकपुर के मिर्ज़ा सिकंदर बेग (रॉनित रॉय) के पूरे परिवार को ईस्ट इंडिया कंपनी की गुलामी स्वीकार करनी पड़ती है और इस दौरान मिर्ज़ा का पूरा परिवार शहीद हो जाता है. मिर्ज़ा का ख़ास अंगरक्षक खुदाबख्श इस दौरान मिर्ज़ा की बेटी ज़फ़ीरा (सना शेख) को बचा लेता है. इसके बाद ख़ुदाबख़्श और उसके सहयोगी मिलकर ईस्ट इंडिया कंपनी से अपना बदला लेने के लिए अपनी छोटी सी 'आज़ाद' फ़ौज बनाते हैं जिसका एक ही मकसद है - आज़ादी. लेकिन अंग्रेज़ो के पास एक हथियार है, एक ठग, जो इस पूरी फ़ौज पर भारी पड़ सकता है.

Thugs of hindostan
आमिर खान निभा रहे हैं फिरंगी मल्लाह का किरदार


फिल्म की कहानी के इस सुने सुनाए और बॉलीवुड में आज़माए हुए ताने बाने के इर्द गिर्द निर्देशक विजय कृष्ण आचार्य ने अपनी फिल्म को बुन दिया है. यह फिल्म यशराज की सबसे महंगी फिल्म है और फिल्म के सेट, मेकअप, कॉस्ट्यूम में वो मेहनत और खर्चा साफ़ दिखता है. अमिताभ की ड्रेस से लेकर आमिर खान के कुछ दृश्यों में पहने चश्मे तक पर खास काम किया गया है. अगर ऋतिक रोशन की फिल्म मोहेनजोदारो पर इस टीम ने काम किया होता तो वो फिल्म और बेहतर बन सकती थी.

फिल्म में मेकअप की डिटेलिंग इतनी अच्छी है कि सना शेख की भौंह पर बना चोट का निशान सच्चा लगता है. यहां तक की जूनियर कलाकारों के मेकअप को भी हर फ्रेम में एक जैसा रखा गया है जिसके लिए फिल्म का तकनीकी स्टाफ बधाई का पात्र है. लेकिन मेकअप से फिल्म बेहतरीन नहीं हो जाती.

यशराज बैनर को धूम जैसी सुपरहिट दे चुके विजय कृष्ण आचार्य इस फिल्म को किस फ्लेवर का रखना चाहते थे ये समझ नहीं आता. फिल्म देशभक्ति के नोट पर शुरु होती है, एक्शन ज़ोन में आती है, कॉमिक होती है, फूहड़ रोमांस करती है और फिर इमोशनल ड्रामा हो जाती है. कुल मिलाकर दीवाली पर रिलीज़ होने वाली इस फिल्म में हर मसाला डाल दिया गया है और किसी एक का भी स्वाद आपके जुबान पर टिक नहीं पाता.
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फिल्म पूरी तरह से आमिर खान की फिल्म है और 'फिरंगी मल्लाह' के रुप में वो लगभग हर फ्रेम में मौजूद हैं. आप आमिर और अमिताभ को एक फ्रेम में देखते हैं तो आप उम्मीद करते हैं कि वो फ्रेम यादगार होगा लेकिन अमिताभ अपने प्राइम से आगे निकल चुके हैं. वो शाहरुख और अमिताभ वाला जादू आपको यहां देखने को नहीं मिलेगा. बल्कि कई दृश्यों में आमिर, अमिताभ पर भारी पड़े हैं. लेकिन 74 साल की उम्र में अमिताभ ने जो इस फिल्म में किया है, एक अभिनेता से आप इससे ज्यादा की उम्मीद नहीं कर सकते हैं.

आमिर फिल्म में छाए हुए हैं और वो कई जगह आपको गुदगुदा देते हैं. वो फिल्म के लगभग हर फ्रेम में हैं और उनके आने से हर बार एक फ्रेशनेस आती है.

Thugs of hindostan
कटरीना के लिए फिल्म में करने को कुछ खास नहीं था.


कटरीना कैफ के हिस्से में दो आइटम नंबर, मादक अदाएं, कम कपड़े और कुछ लाइन्स हैं जिन्हें वो अपने अंदाज़ में निभा ले गई हैं. वो इस फिल्म की डीवा हैं और 'एक्स फैक्टर' के लिए उन्हें आप 100% अंक भी दें तो कम. लेकिन इसके अलावा फिल्म में उनके पास करने के लिए कुछ नहीं है, 'सुरैय्या जान' और 'मंजूर ए खुदा' उनके भुलाए जा सकने वाले गाने हैं, हालांकि 'सुरैय्या जान' में अपने डांस से उन्होंने कमाल किया है. वो किसी फिटनेस ब्रांड की मॉडल लगती हैं और लोगों को वाकई उनकी फिटनेस से सीख लेनी चाहिए.

फिल्म में ग्राफिक से बनी एक चील है जो अमिताभ बच्चन के साथ रहती है. इस फिल्म में कटरीना कैफ से ज्यादा दृश्य इस चील को मिले हैं. वैसे एक दिलचस्प जानकारी ये है कि 'कुली' फिल्म में अमिताभ के पास अल्लाह रख्खा नाम का एक बाज़ था और अब उनके पास ये चील है, हालांकि चील का कोई नाम सुनाई नहीं पड़ता.

फिल्म की तीसरी मुख्य कलाकार हैं सना शेख. वो अभी नई हैं और 'दंगल' में उनका किरदार ही अनुभवहीन इंसान का था और इसलिए वो जम गईं. लेकिन इस किरदार में अभिनय में उनका कम अनुभव पर्दे पर दिख जाता है. फिल्म में एक दृश्य है जहां उन्हें स्पीच देनी है और उनके किरदार के इस अहम दृश्य में ही वो कमज़ोर पड़ जाती हैं.

Thugs of hindostan
दंगल में आमिर की बेटी बनी फातिमा सना शेख इस फिल्म में उनकी दोस्त बनी हैं


फिल्म में आमिर के दोस्त शनिचर के किरदार में ज़ीशान अयूब, मिर्ज़ा के किरदार में रॉनित रॉय और लॉर्ड क्लाइव के किरदार में जॉन क्लाइव ने अच्छी छाप छोड़ी है. पर इसके अलावा फिल्म में कई कमियां है. फिल्म ठगों की कहानी है लेकिन ठगों के तौर तरीके या जीवन शैली पर कोई प्रकाश नहीं डालती.

एक राजस्थानी रियासत कैसे समंदर के किनारे पहुंच जाती है समझना वाकई मुश्किल है. आमिर का हॉलीवुड की मशहूर फिल्म 'पाइरेट्स ऑफ कैरेबियन' में जैक स्पैरो का किरदार निभाने वाले जॉनी डेप्प की नकल करना साफ दिख जाता है. फिल्म के अंत को तो बिल्कुल पाइरेट्स फिल्मों की तरह फिल्माया गया है और ऐसा लगता है कि फिल्म का दूसरा भाग भी आ सकता है जो 'फिरंगी मल्लाह' यानि आमिर की कहानी को आगे ले जाएगा.

फिल्म का तकनीकी पक्ष इसकी जान है और ग्राफिक्स का ज़ोर शोर से इस्तेमाल हुआ है. अगर थ्री डी तकनीक से ये फिल्म शूट होती तो वाकई इसे देखना एक अनुभव होता. आप इस फिल्म को देख कर बोर बिल्कुल नहीं होंगे लेकिन अगर आप इस फिल्म को 'दंगल' और 'बाहुबली' से तुलना करने के बाद देखने जाएंगे तो निराशा ही हाथ लगेगी.

डिटेल्ड रेटिंग

कहानी :
2/5
स्क्रिनप्ल :
2.5/5
डायरेक्शन :
2.5/5
संगीत :
1.5/5
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