मूवी रिव्यूः पर्दे पर रियल लगती है ‘द इंपॉसिबल’ की सुनामी

राजीव मसंद
Updated: January 5, 2013, 9:35 AM IST
मूवी रिव्यूः पर्दे पर रियल लगती है ‘द इंपॉसिबल’ की सुनामी
द इंपॉसिबल कहीं-कहीं बहुत ही नाटकीयताभरी लगती है। उस परिवार के दर्द को कुछ ज्यादा ही डीटेल में दिखाते हुए कैमरा उनके शरीर की हर चोट पर से गुजरता है।
राजीव मसंद
Updated: January 5, 2013, 9:35 AM IST
नई दिल्ली। इवान मैकग्रेगर और नाओमी वाट्स की फिल्म द इंपॉसिबल इंसान के दुःख दर्द की कहानी है या उसके साहस और हिम्मत की, ये निर्भर करता है आपके नजरिए पर। सच तो यही है कि स्पेनिश डायरेक्टर जुआन एंटोनियो बयोना ने 2004 में साउथ ईस्ट एशिया में आई सुनामी में एक परिवार के बह जाने के रियल लाइफ एक्सीडेंट को बहुत ही खूबी से इन दोनों चीजों के बीच शिफ्ट किया है। मैकग्रेगर और वाट्स हेनरी और मारिया के किरदार में हैं। ये एक अंगरेज जोड़ा है जो अपने तीन बेटों के साथ थाईलैंड के बीच रिसॉर्ट पर हॉलीडे के लिए आया है।

सोने जैसी रेत, साफ पानी और आसमान के इस खूबसूरत नजारे में विघ्न तब पड़ जाता है जब क्रिसमस के अगले दिन खतरनाक लहरें इन सब पर हावी हो जाती हैं। सुनामी सीक्वंस जो जाहिर तौर पर कुछ शानदार स्पेशल इफेक्ट्स का काम है, फिल्म का सबसे खौफनाक और अहम हिस्सा है, जिसे कई बार देखना मुश्किल भी हो जाता है जब मारिया तेज लहरों के साथ बहती हुई ऊपर नीचे होती है। बुरी तरह से घायल और अपने सबसे बड़े बेटे के साथ वो इन लहरों का सामना करती है। वहीं उसके पति और बाकी दो बेटों का कोई अता-पता नहीं है।

द इंपॉसिबल कहीं-कहीं बहुत ही नाटकीयताभरी लगती है। उस परिवार के दर्द को कुछ ज्यादा ही डीटेल में दिखाते हुए कैमरा उनके शरीर की हर चोट पर से गुजरता है। खासतौर पर मरिया के, जिससे कि उसके दर्द को और अच्छे से दिखाया जा सके और उससे भी बुरा ये है कि फिल्ममेकर उन बेघर घायल और दुख में डूबे हुए थाई लोकल की परेशानियों को नजरअंदाज करते हुए पूरी तरह से इस फैमिली के ऊपर ही फोकस करते हैं। फिर भी उस फिल्म को सच्चाई से परे कहना गलत होगा क्योंकि सुनामी का खतरनाक नाटकीय रूपांतरण पूरी तरह से असरदार लगता है और उन सीन्स को नजरंदाज करना भी मुश्किल है जिनमें आम से लोग अचानक से हीरो बन जाते हैं और सबसे अच्छा ये कि कुदरत की कोई भी मार इंसानी जज्बे को नहीं मार सकती।

इस फिल्म में कई ऐसे मोमेंट्स हैं जो किसी भी पत्थर दिल को पिघला सकते हैं। तीन मुख्य किरदारों का शानदार परफोरमेंस फिल्म को और भी बेहतर बनाता है। फिल्म परफेक्शन से दूर है पर ऐसी फिल्म है जो इसकी कमियों के बावजूद आपके दिलों को छू लेगी। मैं फिल्म को पांच में से तीन स्टार देता हूं। इससे इसके यादगार अभिनय और खतरनाक विध्वंसक सीन्स के लिए देखिए जो काफी असलियत से फिल्माए गए हैं।

First published: January 5, 2013
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