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ये फिल्म ऑस्कर के लिए नहीं गई, लेकिन ये सदी की 100 महान फिल्मों में एक है

Manisha Pandey | News18Hindi
Updated: November 20, 2019, 12:49 PM IST
ये फिल्म ऑस्कर के लिए नहीं गई, लेकिन ये सदी की 100 महान फिल्मों में एक है
फोर मंथ्स, थ्री वीक्स एंड टू डेज, रोमानियन फिल्म

ये फिल्म 12 साल पहले बनी थी, जिसकी कहानी 40 साल पुरानी है. लेकिन इतने सालों बाद भी इस फिल्म को देखना एक ऐसे अनुभव से गुजरना है, जो आपके दिलो दिमाग पर हमेशा के लिए नक्श हो जाने वाला है.

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  • Last Updated: November 20, 2019, 12:49 PM IST
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फिल्मः फोर मंथ्स, थ्री वीक्स एंड टू डेज, रोमानियन फिल्म
निर्देशक: क्रिस्तियान मुनचिय

कुछ कहानियों की याद भर ढेर सारी उदासी लेकर आती है. ऐसी ही एक कहानी थी उस रोमानियन फिल्म, ‘फोर मंथ्स, थ्री वीक्स एंड टू डेज’ की. 1987 का समय है. दो लड़कियां यूनिवर्सिटी स्टूडेंट हैं. उनमें से एक प्रेग्नेंट है. फिल्म उस अनचाहे गर्भ को गिराने की उन दोनों की जद्दोजहद की कहानी है. धूसर रंगों में फिल्माई और लगातार किसी अंधेरे में खिसकती हुई फिल्म में लंबे-लंबे दृश्य हैं, जिनमें कोई संवाद नहीं. सिर्फ उनका अकेला होना है, सबकी नजरों से बचकर खुद को बचा लेने की कोशिश करना है, उस डॉक्टर का ब्लैकमेल करना है और वो सन्नाटा, जो फिल्म के पर्दे पर, उनके भीतर और उसे देखते हुए आपके भीतर भी उतरता जाता है. इललीगल अबॉर्शन करने से पहले डॉक्टर उस प्रेग्नेंट लड़की की सहेली के साथ सेक्स करता है. लड़कियों को बात माननी पड़ती है क्योंकि उनके पास और कोई रास्ता नहीं.

अगर आप एक औरत हैं और एक संवदेनशील मर्द भी, तो उस फिल्म को देखते हुए आपका दिल बैठ जाएगा. आप सोचेंगी, शुक्र है कि आप बनिस्बतन एक ठीक देश में, ठीक समय में पैदा हुईं.

1987 के रोमानिया में गर्भपात गैरकानूनी था. रोमानियन एकादमिक एद्रियाना ग्रैदिया की मानें तो गैरकानूनी होने के कारण असुरक्षित तरीकों से गर्भपात कराने की कोशिश में तकरीबन 10,000 लड़कियों ने अपनी जान गंवाई. फिल्म के निर्देशक क्रिस्तियान मुनचियु ने फिल्म रिलीज के दौरान प्रेस के साथ शेयर किए एक आंकड़े में कहा था कि लगभग पांच लाख लड़कियों ने इस तरह चोरी-छिपे अबॉर्शन कराने के लिए अपनी जान खतरे में डाली थी. 1989 की क्रांति के बाद रोमानिया में अबॉर्शन लीगल हो गया और इसे महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों में शुमार किया गया.

ये फिल्म 12 साल पहले बनी थी, जिसकी कहानी 40 साल पुरानी है. लेकिन इतने सालों बाद भी इस फिल्म को देखना एक ऐसे अनुभव से गुजरना है, जो आपके दिलो दिमाग पर हमेशा के लिए नक्श हो जाने वाला है.

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First published: November 20, 2019, 12:46 PM IST
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