Home /News /entertainment /

HBD: भारत के हीमैन धरम पाजी माने धर्मेन्द्र हिन्दी ही ना भोजपुरी सिनेमा में भी देखवलें बाड़े दमखम

HBD: भारत के हीमैन धरम पाजी माने धर्मेन्द्र हिन्दी ही ना भोजपुरी सिनेमा में भी देखवलें बाड़े दमखम

.

.

Happy Birthday Dharmendra: धर्मेन्द्र आज 8 दिसंबर के 86 साल के हो गइलें. हरपल जवां दिल, सदाबहार धरम पाजी के रउआ अभियो उनके सोशल मीडिया हैन्डल पर भा कवनो टीवी शो पर देखब त बुझाई कि हिन्दी सिनेमा के एगो महान विरासत रउआ आंखिन के सामने बा, सजीव बा अउरी जिंदादिल भी.

अधिक पढ़ें ...

मैं हूँ नरम गरम, मेरा नाम है धरम…

तहलका फिलिम के ई गाना खास धरम पाजी खातिर बनल रहे. असल जिनगी में नरम, विनम्र अउरी सुलझल आदमी हवें धरम पाजी. फिल्मी जिनगी में हमेशा ही-मैन टाइप, फाइट, गुस्सा, प्रतिशोध, न्याय के लड़ाई लड़त हीरो के रूप में लउकलें धरम पाजी. हिन्दी सिनेमा में उनके एक से बढ़के एक एक्शन फिल्म अइली सन आ उ अपना समय में दर्शकन के बीच ओही छवि खातिर जानल भी गइलें. बाकिर उनके नरम अउरी संजीदा किरदार वाला फिल्मन के भी अलग माहौल बनल. फिल्म ‘चुपके चुपके’ में डॉ परिमल त्रिपाठी होखे भा, ‘गुड्डी’ में उनके आपन असल जिंदगी, ‘सत्यकाम’ में सत्यप्रिय आचार्य भा ‘अनुपमा’ के अशोक; धरम पाजी के ई रूप उनके ही-मैन से इतर छवि बनावेला.

धर्मेन्द्र आज 8 दिसंबर के 86 साल के हो गइलें. हरपल जवां दिल, सदाबहार धरम पाजी के रउआ अभियो उनके सोशल मीडिया हैन्डल पर भा कवनो टीवी शो पर देखब त बुझाई कि हिन्दी सिनेमा के एगो महान विरासत रउआ आंखिन के सामने बा, सजीव बा अउरी जिंदादिल भी. उ जब भी आपन बात फैंस के साथे साझा करेलें त बुझाला कि ई नरम धरम अपना जीवन के साँझ के उत्सव भी ओसहीं मना रहल बाड़े जइसे उ जवानी में ‘मैं जट यमला पगला दीवाना’ गा के मनवले रहले. हाँ, ओ शानदार बीतल बसंत के आह बाकिर नइखे गइल, अइसन बुझाला. आह जाई भी कइसे, आदमी जिनगी भर जिनगी के मोह में रहेला. ओके कइसे छोड़ देव, जब हेतना सुनहरा अतीत रहल होखे.

धर्मेन्द्र के फिल्मी सफर बहुत सफल रहल अउरी जबरदस्त फैन फालोइंग वाला रहल. उनके 70 के दशक में विश्व के सबसे सुंदर पुरुष के रूप में चुनल गइल रहे. उनकरा के वर्ल्ड आइरन मैन के खिताब भी मिलल.

धर्मेन्द्र के जन्म लुधियाना के खन्ना तहसील के नसराली गाँव में भइल. उनके पिता जी के नाम रहे केवल किशन सिंह देओल अउरी उ साहनेवाल तहसील के एगो गाँव में सरकारी स्कूल के हेडमास्टर रहलें. उनके माई के नाम सतवन्त कौर रहे. धर्मेन्द्र के पूरा नाम धरम सिंह देओल ह. उ पंजाबी जाट परिवार में पैदा भइलें आ बचपन गाँवे में बीतल. घर में पढ़ाई के माहौल रहे त उ आपन मैट्रिक के पढ़ाई फगवारा में कइलें.

उनके फिल्मन में आवे के कहानी भी नाटकीय बा. उ शुरू से ही फिल्मन के बड़ा शौखीन रहलें. ई बात तबके ह जब देश नया-नया आजाद भइल रहे. तब फिल्मन में काम कइल एह बेरा लेखां शान के बात ना मानल जाव. लोग फिलिम सिनेमा के ऐयाशी के साधन बूझे अउरी एह में काम करे वाला लोगन के शोहदा आ बाउर लोग. 1959 के फिल्म कागज के फूल में गुरुदत्त ई बात के अपना कहानी में शामिल कइलें रहलें कि कइसे फिल्म से जुड़ल लोगन से सामान्य भा संभ्रांत परिवार के लोग रिश्ता ना जोड़े, काहें कि ई लोग नचनिया – बजनिया कहाव. ए बेरा त समय उलट गइल बा, लोग पइसा रुपया खर्च कर के अपना लइका लइकिनी के हीरो हीरोइन डांसर सिंगर बनावे चाहत बा. एही से बुझ सकीलें कि धर्मेन्द्र खातिर केतना कठिन रहल होई लुधियाना से बंबई के सफर.

ओह बेरा फिल्मफेयर मैगजीन एगो प्रतियोगिता करवावे अउरी नया प्रतिभा के ढूँढे जेकरा फिल्मन में काम करे के चांस मिले. धर्मेन्द्र भी बिना पिता जी के बतवले आपन बढ़िया फोटो खिंचवले अउरी बंबई प्रतियोगिता में भाग लेबे खातिर भेज देहलें. जवान धर्मेन्द्र के सुंदरता अउरी आकर्षक डील डौल के बात त केहू से छुपल नइखे. जब ज्यूरी उनके देखलस त सिलेक्ट कर लेहलस आ उनके बंबई के बोलावा आ गइल. एह तरे उ इहाँ अइलें प्रतियोगिता जितलें आ फिल्म में काम करे के मौका पवलें. बाकिर दुर्भाग्य से उ फिल्म कबो बन ना पावल. एह तरे एगो गाँव के लइका इहाँ बंबई में ठगा गइल रहे. बाकिर किस्मत त चमकहीं के रहे त चमकल. फेर कुछ साल बाद उनके 1960 में ‘दिल भी तेरे हम भी तेरे’ फिल्म में रोल मिलल. ओकरा बाद उनके साल 1961 में राजकपूर के फिल्म बॉयफ्रेंड में साइड रोल मिलल.

एह फिल्म से लोग उनके चेहरा चिन्ह गइल रहे. ओकरा बाद उ लगातार छौ सात साल ले रोमांटिक रोल करत रहलें जे में प्रेमी के रोल मिले. चॉकलेटी चेहरा रहबे कइल त ओही तरह के खूब रोल मिलल. एह बीच उनके कुछ यादगार फिल्म अइली सन जइसे बंदिनी, अनपढ़, बहारें फिर भी आएंगी, आँखें, अनुपम आदि. 1966 के फिल्म फूल और पत्थर से धर्मेन्द्र के एक्शन हीरो वाला रोल बाहर आइल अउरी दर्शकन के भा गइल. ई फिल्म ओ साल के सबसे ढेर कमाई करे वाला फिल्म बनल आ उ एक्शन हीरो के रूप में स्थापित हो गइलें. एह फिल्म के हीरोइन मीना कुमारी के साथे उनके अफेयर के भी बड़ा चर्चा भइल रहे.

पहिलहीं से शादीशुदा आ चार गो लइकन के बाप धर्मेन्द्र के दिल जब हेमा मालिनी पर आइल त उ उनका से बियाह कइए लेहलें. एकदम फिल्मी स्टाइल में ई बियाह भइल आ दुनू जाना के साथ अभिन ले बा. धर्मेन्द्र के कई गो फिल्मफेयर अवॉर्ड में नॉमिनेशन मिलल बाकिर उनके अभिनय के अवॉर्ड कबो ना मिलल. एतना सुपरहिट अउरी सबके पसंदीदा हीरो के नेशनल अवॉर्ड मिलबो कइल त घायल फिल्म के निर्माता के रूप में. उनके पूरा करियर के सम्मान में फिल्मफेयर लाइफटाइम अचिवमेंट अवॉर्ड देहलस.

देस-परदेस नामक भोजपुरी फ़िल्म में धर्मेंद्र के अभिनय के ख़ूब चर्चा भइल. भोजपुरिया लोग उनके भोजपुरी में अइले से उत्साहित रहे. आज एह महान अभिनेता के जन्मदिन पर उनका स्वास्थ्य अउरी खुशहाली खातिर कुशल मंगल कामना!

(लेखक मनोज भावुक भोजपुरी साहित्य व सिनेमा के जानकार हैं.)

Tags: Bhojpuri News, Dharmendra

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर